Pune City News: 30 करोड़ में बना पुल… 19 करोड़ के 'सौंदर्यीकरण' के लिए बंद

30 करोड़ में बना पुल… 19 करोड़ के सौंदर्यीकरण के लिए बंद
  • अक्टूबर-24 में शुरू हुआ था
  • औंध रोड से सांगवी को जोड़ने वाले पुल

भास्कर न्यूज, पुणे। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ मनपा ने अक्टूबर-24 में औंध रोड से सांगवी को जोड़ने वाले तीसरे पुल के निर्माण पर संयुक्त रूप से 30 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए थे। पुल शुरू हुए अभी एक साल ही हुआ है और अब उसे 19 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले सौंदर्यीकरण के लिए बंद कर दिया गया है।

हालांकि, औंध रोड, बोपोड़ी और सांगवी को जोड़ने वाले दो पुराने पुल पहले से ही मौजूद हैं, जिनके कारण नए पुल से ज्यादा वाहन नहीं गुजरते। सवाल यह उठ रहा है कि जब ज्यादा नागरिक पुल का उपयोग नहीं करते, तो सौंदर्यीकरण के नाम पर इतनी बड़ी राशि क्यों खर्च की जा रही है? स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल की सजावट पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बजाय क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, सड़क सुधार और नागरिक सुविधाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।




पहले से थे दो पुल, फिर तीसरा क्यों..?

औंध रोड के निवासी अभिजीत चिंचोले कहते हैं कि क्षेत्र में पहले गड्ढा मुक्त सड़कें, स्वच्छता और बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट की जरूरत है। सौंदर्यीकरण अभी प्राथमिकता नहीं है। सौंदर्यीकरण की राशि को आंबेडकर चौक पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने, पुलिस गश्त बढ़ाने, गति सीमा और पार्किंग संकेतक लगाने तथा गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर नियंत्रण के लिए खर्च किया जा सकता था। जब पहले से दो पुल मौजूद थे, तो तीसरे पुल की आवश्यकता ही नहीं थी। फिर भी जब इसे बनाया गया है, तो अब सुरक्षा सुधार पर पैसा लगाया जाना चाहिए।

रेसिंग, शोर और वीडियो बनाने का अड्डा बना दिया

क्षेत्र के अन्य निवासियों का आरोप है कि पुल का उपयोग सामान्य यातायात से अधिक रेसिंग, स्टंट, तेज शोर और सोशल मीडिया वीडियो बनाने के लिए हो रहा है। दोपहिया वाहन वहां देर रात तक रेस लगाते हैं, लोग पटाखे फोड़ते हैं और शांति भंग करते हैं। लोगों का कहना है कि एक साल पुराना पुल और उस पर 20 करोड़ रुपए का नया खर्च बेवजह है। यह राशि सांगवी, दापोड़ी, भाऊ पाटिल रोड और औंध रोड जैसे इलाकों की वास्तविक जरूरतों पर खर्च हो सकती थी।

40 साल से औंध रोड पर निवासरत प्रमोद शेलार का कहना है कि यह पुल बिना सही योजना के बनाया गया है। कई वाहन चालक गलत दिशा से पुल पर चढ़ते हैं, सिर्फ दोपहिया नहीं, बल्कि कारें भी। अब जबकि पुल बन चुका है, प्रशासन को इसका प्रवेश मार्ग आंबेडकर चौक से सही तरीके से जोड़ना चाहिए। वे कहते हैं कि पुल के लिए पेड़ काटे गए, करोड़ों रुपए खर्च हुए और अब फिर करदाताओं के पैसे का उपयोग ऐसे कार्यों में हो रहा है, जिनकी वास्तविक आवश्यकता ही नहीं है।

सही प्रवेश मार्ग नहीं बनाया गया

दोनों मनपा ने औंध रोड पर ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए पुल की योजना बनाई थी, लेकिन यह उद्देश्य अब तक सफल नहीं हुआ है।

• आंबेडकर चौक पर ट्रैफिक सिग्नल अक्सर खराब रहते हैं।

• वाहन चालक नियमों का पालन नहीं करते।

• भीड़ के समय मार्ग पर भारी जाम लगता है।

• सबसे बड़ी समस्या यह है कि पुल के लिए उचित प्रवेश मार्ग ही नहीं बनाया गया।

• लोग आगे बने यू-टर्न का उपयोग करने की बजाय गलत दिशा से पुल पर चढ़ते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

• ब्रेमेन चौक से सांगवी जाने वालों को तो पुल पर आसानी से प्रवेश मिलता है, लेकिन खड़की की ओर से आने वाले वाहन आज भी पुराने पुलों और वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग कर रहे हैं क्योंकि यह उनके लिए अधिक सुविधाजनक है।

Created On :   29 Nov 2025 2:17 PM IST

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