- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- पुणे
- /
- कलेक्शन मैनेजर बना उगाहीबाज,...
Pune City News: कलेक्शन मैनेजर बना उगाहीबाज, ग्राहकों से वसूली गई राशि में की हेराफेरी

- 40 हजार नहीं दिए तो 40 लाख वसूलूंगा
- ग्राहकों को भी धमकाया
भास्कर न्यूज, पुणे। पुणे की ईपीआईमनी प्रा.लि. कंपनी में असिस्टेंट कलेक्शन मैनेजर पद पर काम करने वाले मंगेश नामदेव खोपड़े की करतूतों ने कंपनी को हिलाकर रख दिया। आरोपी पर नौकरी पाने के लिए फर्जी जानकारी देना, बंद हो चुकी कंपनी को अनुभव का हिस्सा बताना, पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट देने से लगातार बचना और कंपनी मैनेजर को फोन पर जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप हैं। वाघोली स्थित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता रामसिंह देवीसिंह ठाकुर ने शिकायत में बताया है कि कंपनी ने 4 जून-25 को मंगेश खोपड़े को असिस्टेंट कलेक्शन मैनेजर पद पर नियुक्त किया था। उसके रिज्यूम में बताया गया था कि वह साय एंटरप्राइजेस और बाद में एमएनके एसोसिएट में कलेक्शन एजेंसी मैनेजर रहा है। जांच करने पर पाया गया कि एमएनके एसोसिएट 2021 में ही बंद हो चुकी थी, जबकि उसने रिज्यूम में 2025 तक नौकरी दिखा रखी थी। कंपनी ने उसे पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया, पर वह बार-बार टालता रहा। कंपनी ने ई-कोर्ट में जांच की तो पाया कि उसके खिलाफ चेक बाउंस का केस चल रहा है। यही कारण था कि उसे 24 जुलाई तक सर्टिफिकेट जमा करने की चेतावनी देकर वेतन रोक दिया गया।
31 जुलाई को जब कंपनी ने वेतन रोका तो मंगेश खोपड़े ने शिकायतकर्ता को फोन कर जान से मारने की धमकी दी और कहा कि अगर मेरा वेतन नहीं दिया तो तेरे हाथ-पैर काट दूंगा। 1 अगस्त को एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में उसकी शिकायत दी गई। 6 अगस्त को वह कंपनी आया और लिखित माफी देकर आगे किसी को गाली-गलौज या धमकी न देने का आश्वासन दिया। इसके बाद कंपनी ने उसका रुका वेतन उसके आईडीएफसी बैंक खाते में जमा कर दिया और 7 अगस्त से दोबारा नौकरी जॉइन करने को कहा, पर वह ऑफिस नहीं आया और सिर्फ फील्ड में काम करने का दावा करता रहा।
ग्राहकों को भी धमकाया
23 अगस्त को कंपनी की ग्राहक शुभांगी लक्ष्मण वखरे ने फोन कर बताया कि खोपड़े उन्हें धमका रहा है कि अगर ईएमआई नहीं भरी तो वह घर आ जाएगा। डरकर उन्होंने 21,000 रुपए आरोपी के दोस्त के बैंक खाते में भेजे। जांच में खुलासा हुआ कि कई ग्राहकों से वह ईएमआई के पैसे अपने और दोस्त के खातों में ले रहा था। प्रकाश मंगाराम से 17500, फिर 24000 दंड के नाम पर और 1810 रुपए एनओसी के नाम पर वसूल किए गए। अजीत बालासाहब से दो महीने में 15000 रुपए और संतोष गाड़ेकर से 4680 रुपए लिए गए। कुल ठगी की रकम 68,690 रुपए सामने आई।
40 हजार नहीं दिए तो 40 लाख वसूलूंगा
कंपनी ने कई बार उसे जांच के लिए मुंबई ऑफिस बुलाया, पर वह नहीं आया। 30 अगस्त को उसने मेल कर धमकी दी। अगर मेरे 40 हजार नहीं दिए तो मैं 40 लाख वसूल करूंगा। कंपनी ने तुरंत उसे नौकरी से निकाल दिया। कंपनी द्वारा दिया गया लैपटॉप और आईडी कार्ड भी उसने वापस नहीं किया। आखिरकार शिकायतकर्ता ने आरोपी मंगेश नामदेव खोपड़े खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
Created On :   29 Nov 2025 4:01 PM IST












