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उच्च शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों के लिए टॉप च्वॉयस है अमेरिका

November 17th, 2020 10:37 IST
उच्च शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों के लिए टॉप च्वॉयस है अमेरिका

हाईलाइट

  • उच्च शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों के लिए टॉप च्वॉयस है अमेरिका

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोनावायरस महामारी के बावजूद, करीब 2 लाख भारतीय छात्र-छात्राओं ने 2019-20 में उच्च शिक्षा लेने के लिए अमेरिका को चुना। इस बात का खुलासा हुआ है ओपन डोर्स रिपोर्ट ऑफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एडुकेशन (आईआईई) से, जो सोमवार को रिलीज हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में विदेशी विद्यार्थियों की कुल संख्या 10 लाख का 20 प्रतिशत भारतीय हैं। पिछले कुछ दशकों में अमेरिका में भारतीय छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

सार्वजनिक मामलों के मंत्री डेविड कैनेडी ने कहा, पिछले 10 वर्षों में अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीयों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। हम जानते हैं कि क्यों ऐसा है। अमेरिका उच्च शिक्षा के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड है जो व्यावहारिक शिक्षा देता है जो भारतीय छात्रों को वैश्विक अर्थव्यवस्था में काफी फायदेमंद है। भारतीय छात्रों की सहायता के लिए, यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने पूरे भारत में यूनाइटेड स्टेट्स-इंडिया एजुकेशनल फाउंडेशन (यूएसआईईएफ) के सात सलाह केंद्र खोल रखे हैं। ये सलाह केंद्र नई दिल्ली, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरू, अहमदाबाद और मुंबई में स्थित हैं।

एजुकेशनयूएसए 170 देशों के सलाह केंद्रों का एक वैश्विक नेटवर्क है, जो यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ऑफ ब्यूरो ऑफ एजुकेशनल एंड कल्चरल अफेयर्स (ईसीए) द्वारा प्रमाणित है। यूनाइटेड स्टेट्स-इंडिया एजुकेशनल फाउंडेशन (यूएसआईईएफ) - फुलब्राइट कमिशन ऑफ इंडिया, दो देशों का एक संगठन है जो शैक्षिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से अमेरिका और भारत के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देता है।

अगले साल की शुरूआत में, हैदराबाद में वाई-एक्सिस फाउंडेशन का एक दूसरा एजुकेशनयूएसए केंद्र खुल रहा है। सभी केंद्र शिक्षाविद सलाहकारों द्वारा नियुक्त किए गए हैं जो अमेरिका में अध्ययन के अवसरों के बारे में जानकारी देते हैं, जिससे भारतीय छात्रों को अमेरिका में 4,500 मान्यता प्राप्त उच्च-शिक्षा संस्थानों में से सबसे अच्छा कार्यक्रम और सही कोर्स चुनने में मदद मिलती है।

इन कार्यक्रमों में लगभग 50,000 प्रतिभागी सालाना भाग लेते हैं, जिनमें प्रमुख हैं फुलब्राइट कार्यक्रम और अंतर्राष्ट्रीय आगंतुक नेतृत्व कार्यक्रम। ईसीए छात्रों के लिए वित्तीय जरूरतों की मदद भी करता है। दुनिया भर में 400 से अधिक सलाह केंद्र हैं जो एजुकेशनयूएसए का एक बड़ा नेटवर्क है। अमेरिका में पढ़ने वालों के लिए यह काफी उपयोगी है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।