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कास्टिंग ने सिनेमा को बदलने में एक अहम भूमिका निभाई है: अभिषेक बनर्जी

June 11th, 2020 13:30 IST
 कास्टिंग ने सिनेमा को बदलने में एक अहम भूमिका निभाई है: अभिषेक बनर्जी

हाईलाइट

  • कास्टिंग ने सिनेमा को बदलने में एक अहम भूमिका निभाई है: अभिषेक बनर्जी

मुंबई, 11 जून (आईएएनएस)। कास्टिंग डायरेक्टर से अभिनेता बने अभिषेक बनर्जी ने लिखा है कि पिछले 12 वर्षों में रणवीर सिंह से लेकर नवाजुद्दीन सिद्दीकी, दीपिका डोबरियाल तक सभी के लिए किस तरह मुख्य धारा के फिल्म उद्योग में जगह बनी है।

अभिषेक जिन्होंने हाल ही में वेब सीरीज पाताल लोक में विशाल हाथौड़ा त्यागी की अपनी भूमिका से सबको प्रभावित किया वो पहले कास्टिंग डायरेक्टर रहे हैं। उन्होंने आईएएनएस को बताया, मैंने गौतम किशनचंदानी के अंडर में प्रशिक्षण लिया। इस दौरान एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिला।

उन्होंने आगे कहा, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, दीपक डोबरियाल और उसी समय में रणवीर सिंह जैसे अभिनेताओं को भी हमसे इंट्रोड्यूस किया गया था। ताजगी कास्टिंग में आई। सामान्य और असामान्य दिखने वाले अभिनेताओं के बीच की लाइनें धुंधली हो गईं। हम सभी को बदलाव पर ध्यान देने में एक दशक लग गए।

2010 में फिल्म नॉक आउट में एक कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में अपने करियर की शुरूआत करते हुए अभिषेक ने नो वन किल्ड जेसिका, द डर्टी पिक्च र, टॉयलेट: एक प्रेम कथा, और सीक्रेट सुपरस्टार जैसी फिल्मों में अभिनेताओं को कास्ट करना जारी रखा। 2017 की फिल्म फिलौरी में उनको अभिनय का पहला बड़ा ब्रेक मिला।

अभिनेता ने साझा किया कि किस प्रकार एक ऑडिशन को अस्वीकार करना व्यक्तिगत स्तर पर उसके लिए कठिन हो जाता है।

एक अभिनेता होने के नाते, जब मैं एक ऑडिशन देखता हूं, तो मैं स्वाभाविक रूप से अभिनेता के प्रति सहानुभूतिपूर्ण हो जाता हूं। लेकिन एक कास्टिंग निर्देशक के रूप में, मैं फिल्म निर्देशक की ²ष्टि से देख रहा होता हूं। इसलिए कई बार ऐसा होता है कि अभिनेता अच्छा था, ऑडिशन के दौरान प्रदर्शन बहुत अच्छा था, लेकिन वह चरित्र नहीं था जिसकी हमने विशेष रूप से निर्देशक ने कल्पना की हुई होती थी।

उन्होंने आगे कहा, वे कैरेक्टर के लिए विशेष लक्षण चाहते हैं जो संभवत: मेकअप का उपयोग करके या अन्य तरीके से बाहरी रूप से नहीं बनाया जा सकता है। प्रत्येक व्यक्ति अलग है। हर कलाकार अलग है। इसलिए एक कास्टिंग निर्देशक का काम चरित्र को किसी अभिनेता या किसी व्यक्ति में देखना होता है।

अभिषेक हाल के वर्षों में स्त्री, ड्रीम गर्ल, बाला और मेड इन चाइना फिल्मों में नजर आ चुके हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।