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इन देशों के खुले रेड लाइट एरिया में किसिंग और तेजी से सांस लेने पर बैन, जाने क्या है वजह

इन देशों के खुले रेड लाइट एरिया में किसिंग और तेजी से सांस लेने पर बैन, जाने क्या है वजह

हाईलाइट

  • इन देशों में खुले रेट लाइट एरिया
  • ग्राहकों को करना होगा प्रतिबंधों का पालन
  • मास्क लगाना अनिवार्य, किसिंग की नहीं है अनुमति

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोनावायरस (Coronavirus) के तहत लागू लॉकडाउन (Lockdown) के कई चरण बीत चुके हैं। वर्तमान में कई देश ऐसे हैं जहां लॉकडाउन में छूट दी गई है या फिर लॉकडाउन पूरी तरह से हटा दिया गया है। लॉकडाउन में मिली रियायतों के बाद अब लोग अपने काम पर वापस जाने लगे हैं। ऐसे में नीदरलैंड्स (Netherlands) और थाईलैंड (Thailand) की सरकार ने भी अपने देश में रेड लाइट एरिया और ब्रोथेल (वेश्यालयों) को खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि कोरोना (Corona) के चलते कई तरह के बदलाव और प्रतिबंध लागू किए गए हैं। जिनमें एक अहम नियम किस ना करना है। 

रेड लाइट एरिया (Red Light Area) या ब्रोथेल (Brothel) जा तो सकते हैं, लेकिन वहां किस (Kiss) नहीं कर सकते क्योंकि आपको व आपके साथ उस वक्त समय बिताने वाली महिला को मास्क (Mask) लगाना अनिवार्य है। 

बैंकॉक (Bangkok) बार, रेड लाइट एरिया और काराओके (Karaoke) के लिए फैमस है, जहां बड़ी तादाद में हर साल टूरिस्ट आते हैं। हालांकि कोरोना का कहर बैंकॉक पर भी पड़ता नजर आया, लेकिन बीते 37 दिनों से यहां कोरोना का एक भी केस सामने नहीं आया। जिसके बाद 1 जुलाई से यहां रेड लाइट एरिया खोल दिए गए। बता दें, रेट लाइट एरिया बीते तीन महिनों से बंद थे। वहीं थाईलैंड में बार, काराओके वेन्यू, मसाज पार्लर आदि भी खुल गए हैं। 

समाचार एजेंसी रॉयटर्स (Reuters) की खबर के मुताबिक रेड लाइट एरिया में आप जा तो सकते हैं, लेकिन जाने वालों को कुछ प्रतिबंधों का पालन करना जरूरी है। इन प्रतिबंधों के मुताबिक रेड लाइट एरिया में जाने वाले और वहां मौजूद लोगों को मास्क लगाना अनिवार्य है। साथ ही पहले खुद को पूरी तरह ढंग से सैनिटाइज (Sanitize) करना होगा। इन सबमें सबसे अहम प्रतिबंध जो है जिसको लेकर चर्चा बनी हुई है वो ये है कि किसिंग नहीं करेंगे और ना ही तेज सांस (Moaning) लेंगे।

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इस सब के अलावा रेड लाइट एरिया में प्रवेश के साथ ही ग्राहक का तापमान चैक किया जाएगा। ग्राहक का पूरा नाम, पता और फोन नंबर नोट किया जाएगा। यही नहीं डांस बार जाने वालों को स्टेज से करीब दो मीटर की दूरी पर बैठना होगा। साथ ही अंदर मौजूद लोगों को भी आपस में करीब 1 मीटर की दूरी रखनी होगी।

 


थाईलैंड के साथ साथ नीदरलैंड्स में भी 1 जुलाई से रेड लाइट एरिया खुल गए हैं। यहां भी थाईलैंड की ही तरह नियम और प्रतिबंध लागू किए गए हैं। बता दें, दोनों देशों में सेक्स वर्कर्स पहले से ही हाइजीन को लेकर बहुत सख्त हैं और अब कोरोना के मद्देनजर इसे और भी ज्यादा बढ़ा दिया गया है। 


एमस्टरडैम (Amsterdam) की पब्लिक हेल्थ एडवाइजर डॉबी मेनसिंग ने कहा कि रेड लाइट एरिया में रहने वाली सेक्स वर्कर्स (Sex Workers) के लिए कोविड-19 (Covid-19) का खतरा ज्यादा है क्योंकि उनका काम ही वैसा है, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन करना संभव ही नहीं है। पर क्योंकि बीते 3 माह से लॉकडाउन के चलते सेक्स वर्कर्स का काम बंद था इसलिए अब लोगों को अपनी जरूरतों को कई सख्त प्रतिबंधों में बांधकर पूरा करना होगा। ताकि इस महामारी (Pandemic) के फैलने की गुंजाइश कम से कम रहे। 

मोइरा मोना (Moira Mona) नाम की सेक्स वर्कर ने बताया कि उसने पहले ही सुरक्षा से संबंधित अपनी सारी तैयारियां कर ली हैं। मोइरा ने बताया कि उसने लेटेक्स के कपड़े, लेदर फेस मास्क, सर्जिकल फेस मास्क, दस्ताने आदि मंगवा लिए हैं। इसलिए उसे चिंता नहीं है। मोइरा ने कहा कि यदि किसी ने इन नियमों का पालन नहीं किया तो उसे बिना देर किए वापस भेज दिया जाएगा। 

मोइरा ने ये भी बताया कि लॉकडाउन के दौरान वो वेबकैम शो के जरिए अपना गुजरा करती थीं। लेकिन अगर लॉकडाउन और अधिक चलता और रेट लाइट एरिया शुरू नहीं होता तो उनकी सारी सेविंग खत्म हो जाती और उनके लिए गुजारा करना बेहद मुश्किल हो जाता। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।