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शरीफ राजकीय संस्थानों में फूट डालने की कोशिश कर रहे : इमरान

October 19th, 2020 14:51 IST
 शरीफ राजकीय संस्थानों में फूट डालने की कोशिश कर रहे : इमरान

हाईलाइट

  • शरीफ राजकीय संस्थानों में फूट डालने की कोशिश कर रहे : इमरान

इस्लामाबाद, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के नाम से 11 विपक्षी राजनीतिक दलों के सरकार-विरोधी गठबंधन द्वारा अभियान शुरू किए जाने के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के एजेंडे के खिलाफ सख्त रवैया अपना लिया है। उन्होंने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री सेना, न्यायपालिका और सरकार में फूट डालना चाहते हैं।

पीडीएम की गुजरांवाला में शुक्रवार को आयोजित पहली रैली के मद्देनजर आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए खान ने पूर्व प्रधानमंत्री पर वित्तीय भ्रष्टाचार के लिए जवाबदेही से बचने के प्रयास में दुश्मन के एजेंडे पर चलने का आरोप लगाया।

साफ तौर पर गुस्से में नजर आए खान ने शरीफ को गीदड़ की उपाधि देते हुए उनका मजाक उड़ाया और कहा कि वह अपना दुम दबाकर लंदन भाग गए।

खान ने शरीफ के राजनीतिक करियर के बारे में बोलते हुए कहा, यह वही आदमी है जो पहली बार जनरल (सेवानिवृत्त) गुलाम जिलानी के आशीर्वाद से मंत्री बना था, यह वही आदमी है जो जनरल जियाउल हक के जूते पॉलिश करके मुख्यमंत्री (पंजाब) बना था, यह वही शख्स है जिसे आईएसपी प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) (असद) दुर्रानी से मेहरान बैंक के जरिए करोड़ों रुपये प्राप्त हुए थे, ताकि पीपीपी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए दक्षिणपंथी दलों के गठबंधन को एकजुट किया जा सके।

उन्होंने आगे कहा, जनरल दुर्रानी ने सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में यह स्वीकार किया, लेकिन विडंबना यह है कि हमारी अदालतों ने हमेशा उन्हें भागने में मदद की है। ये वो शख्स है जिसने आसिफ अली जरदारी को दो बार जेल में डाला। यह जरदारी ही थे, जिन्होंने जनरल कमर जावेद बाजवा के खिलाफ हुदैबिया पेपर मिल्स केस चलाया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की सैन्य स्थापना के खिलाफ शरीफ की यह टिप्पणी और कुछ नहीं, बल्कि राजकीय संस्थानों के बीच फूट डालने और देश में अस्थिरता फैलाने के लिए दुश्मनी का एक एजेंडा है।

उन्होंने कहा, सरकार में दरार पैदा करने की कोशिश करके शरीफ एक खतरनाक खेल खेल रहा है, सेना और न्यायपालिका पर शरीफ का बार-बार हमला भारतीय कथनों को प्रमाणित करने के लिए है, इसी वजह से उन्हें भारतीय मीडिया में बड़े पैमाने पर कवरेज मिल रहा है।

खान ने कहा, भारतीय मीडिया लोकतंत्र की वकालत करने के लिए शरीफ की तारीफ कर रहे हैं। क्या वे नहीं जानते कि यह नवाज शरीफ हैं, जिनका पालन-पोषण सैन्य तानाशाह जनरल जियाउल हक ने किया था। क्या ये वही नवाज शरीफ नहीं है, जिन्होंने न्यायपालिका पर हमला किया था और इसे खरीदने की कोशिश की थी। वह न्यायपालिका के साथ तभी तक है, जब तक यह उनके पक्ष में है। जब न्यायपालिका हुदैबिया पेपर मिल्स मामले को बंद करती है, तो वह इसकी प्रशंसा करता है, लेकिन पनामा पेपर्स मामले में दोषी पाए जाने पर रोना रोता है। क्या जनरल बाजवा ने पनामा पेपर्स लीक किया?

उन्होंने गुजरांवाला रैली को सर्कस घोषित किया।

उन्होंने कहा, जब आप चोरों का पीछा करते हैं, तो वे एकजुट हो जाते हैं। कल रात वे सभी एक साथ थे।

गौरतलब है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे शरीफ को पिछले साल लंबी बीमारी का इलाज कराने के लिए लंदन जाने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने वापस आकर सात साल की जेल की सजा पूरी करने की गारंटी दी थी।

शरीफ और उनकी पीएमएल-एन पार्टी ने हालांकि दावा किया है कि उन पर लगे सभी आरोप राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित हैं।

एमएनएस/एसजीके

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।