दैनिक भास्कर हिंदी: अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर तेज, ट्रंप की धमकी पर चीन भी गुर्राया

June 20th, 2018

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन/पेइचिंग। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ ट्रेड वॉर और तेज कर दिया है। ट्रंप ने चीन से होने वाले करीब 200 अरब डॉलर के आयात पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाने की बात कही है। चीन ने अमेरिका की इस योजना को ‘ब्लैकमेल’ करार दिया है। अब चीन भी इसके जवाब में कदम उठाने को तैयार है। बता दें कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच मतभेद लंबे समय से चला आ रहा है। ट्रंप ने कहा है कि वह चीन द्वारा शुल्क बढ़ाए जाने के कदम के खिलाफ नए शुल्क लगाने जा रहे हैं।  

 

दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ी

अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार संकट गहराने के साथ ही ट्रंप ने कहा कि अगर चीन ने व्यापार के गलत तरीके नहीं छोड़े तो अमेरिका यह कदम उठाएगा। चीन ने अमेरिका के इस कदम को गलत बताया है। प्रेसीडेंट ट्रंप ने पिछले हफ्ते ही चीन से होने वाले 50 अरब डॉलर के आयात पर 25 फीसदी शुल्क लगाने का ऐलान किया था। जिसके जवाब में चीन ने भी अमेरिका से होने वाले आयात पर शुल्क बढ़ाने की बात कही है। इस तरह के ट्रेड वॉर से दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ गई है। 


10 फीसद का शुल्क लगेगा

डोनॉल्ड ट्रंप अपने चुनाव अभियान के समय से ही चीन पर द्विपक्षीय व्यापार में एकतरफा लाभ उठाने का आरोप लगाते रहे हैं। सत्ता में आने के बाद ही ट्रंप ने कहा था कि आयात शुल्क के जरिये व्यापार घाटा संतुलित करेंगे। उन्होंने अमेरिका के ट्रेड रिप्रजेंटेटिव रॉबर्ट लाइथाइजर को चीन से आयात होने वाली वस्तुओं की दूसरी सूची तैयार करने को कहा है। इन्हीं वस्तुओं पर 10 फीसद का शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप ने कहा, 'अगर चीन फिर आयात शुल्क में बढ़ोतरी का कदम उठाता है तो हम 200 अरब डॉलर की अन्य वस्तुओं पर शुल्क लगाकर इसे बराबर करेंगे। 


चीन भी उठाएगा सख्त कदम

ट्रंप ने कहा कि चीन अपने तरीकों को बदलने की बजाय चीन अमेरिकी कंपनियों, कर्मचारियों और किसानों को धमका रहा है, जिन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। वहीं, चीन ने कहा है कि अगर अमेरिका ने और शुल्क लगाया तो चीन भी वैसा ही कदम उठाएगा। ब्लैकमेल करने वाला रवैया दोनों पक्षों के बीच बातचीत में बनी सहमति के खिलाफ है। ट्रंप के अनुसार, चीन का रवैया यह दर्शाता है कि वह अपनी रणनीति बदलने को तैयार नहीं है। दोनों देशों के बीच व्यापार में 376 अरब डॉलर का असंतुलन साफ दिख रहा है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। रॉबर्ट लाइथाइजर ने भी ट्रंप के इस फैसले का स्वागत किया है।