दैनिक भास्कर हिंदी: सेक्स से दूरी बनाने पर भुगतने पड़ सकते हैं ये परिणाम !

July 28th, 2018

डिजिटल डेस्क, भोपाल। भारत में 'सेक्स' का नाम सुनते ही अक्सर लोग अपना चेहरा छिपाने लगते हैं और एक दूसरे से नजर चुराते हैं। 'सेक्स' को लेकर ही रजनीश ओशो ने एक बुक लिखी 'सम्भोग से समाधि तक' इस बुक में ओशो ने सेक्स के प्रति भारतीयों की मानसिकता को बखूबी दर्शाया था। ओशो कहते हैं कि 'सेक्स' से हम कभी भी भाग नहीं सकते ये हमारे इर्द-गिर्द हमेशा मौजूद रहता है।

इसके अलावा प्रचीन काल में भी सेक्स को लेकर कई किताबे लिखी गई, जिनमें आम जीवन में सेक्स की जरूरतों और महत्वों को दर्शाया गया है।  बावजूद इसके आज भी सेक्स भारत में केवल एक टैबू है, बल्कि ज्यादातर लोग गंदे दिमाग की उपज बताते हैं।

शादी के बाद भी लोग इसे केवल एक काम खत्म करने जैसा समझते हैं और इसे अहमियत नहीं देते हैं। इसकी एक वजह लोगों के अंदर पैदा की गई झिझक है, जिसे बड़े-बूढ़ों ने केवल गृहस्थ जीवन के लिए सही बताया है, लेकिन ये झिझक इतनी ज्यादा है कि लोग शादी के बाद भी इसे इंजॉय नहीं करते और ना ही इस पर ज्यादा बात करते हैं। आज हम आपको ये बताने जा रहे हैं कि सेक्स हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण है और इसके परहेज करने से हमे कितना नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कैंसर से बचाव
एक शोध के अनुसार सप्ताह में एक या दो बार भी संभोग नहीं करने से योनि मार्ग में कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। जिनमें ईस्ट इंफेक्शन, बैक्टीरिया इन्फेक्शन इत्यादि योनिमार्ग को हानि पहुंचा सकता है। जिससे 'Vaginal Cancer' होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

बीमारियों से बचाव
पेनसिल्वेनिया की विल्क्स यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में देखा गया कि हफ्ते में एक से दो बार संभोग करने वालों का इम्यून सिस्टम बाकियों की तुलना में ज्यादा मजबूत था उनके शरीर में अधिक एंटीबॉडी मौजूद थे। रिसर्च के अनुसार अगर नियमित रूप से अगर सेक्स किया जाए तो लोग कम बीमार पड़ते हैं।

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लो इम्यूनिटी
हफ्ते में कम से कम दो बार सेक्स करना चाहिए इससे प्रतिरोधक क्षमता ठीक रहती है और इससे आईजीए का लेवल ज्यादा रहता है। वहीं हफ्ते में दो बार भी न करने वालों में आईजीए का लेवल कम होने लगता है।

मूत्राशय को लाभ
एक शोध के अनुसार लगभग 30 प्रतिशत महिलाओं को जीवन में कभी ना कभी मूत्राशय से जुड़ी समस्या होती है। ऐसे में सम्भोग करने से कूल्हे के इर्द गिर्द की मांसपेशियों की कसरत होती है, जो मूत्राशय को स्वस्थ रखने का काम करती हैं।

दिल के लिए लाभदायक
नियमति तौर पर संभोग करना दिल के लिए भी अच्छा होता है। क्योंकि सम्भोग से शरीर में एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की मात्रा काबू में रहती है। यही कारण है कि फुटबाल टीम के खिलाड़ियों के साथ पत्नियों और गर्लफ्रेंड को आने का मौका दिया जाता है।