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पीरियड मिस होने से पहले जानें कि आप प्रेग्नेंट है या नहीं 

पीरियड मिस होने से पहले जानें कि आप प्रेग्नेंट है या नहीं 

हाईलाइट

  • प्रेग्नेंट है या नहीं पीरियड मिस होने से पहले कैसे जानें
  • पीरियड मिस होने के अलावा भी है प्रेग्नेंसी के कई लक्षण
  • जानें क्या हैं वो लक्षण

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पीरियड मिस होने पर सबसे पहली बात जो एक महिला के दिमाग में आती है वो है प्रेग्नेंसी। अक्सर पीरियड मिस होने पर महिलाओं को लगता है कि कहीं वो प्रेग्नेंट तो नहीं हो गई हैं। वहीं महिलाएं प्रेग्नेंसी के कन्फॉरमेशन के इंतजार में वो सब कुछ नहीं कर पाती जो वो उस अवधि में करना चाह रही थीं। जिसके वजह से उन्हें स्ट्रेस और घबराहट होने लगती है। हालांकि ऐसे कई तरीके है जिनसे आप बिना प्रेग्नेंसी टेस्ट के जान पाएंगी की आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं। तो आइए बताते है आपको इन लक्षणों के बारे में 


शुरुआती गर्भावस्था (Pregnancy) के लक्षण के वजह से हार्मोनस में चैंज आता है। कई महिलाएं इसे पीएमएस (PMS) के तरह ही महसूस करती हैं। हालांकि, पीएमएस सिर्फ कुछ दिनों के लिए ही होता है, जबकि गर्भावस्था के लक्षण लंबे समय तक रहते हैं और शरीर में कई अन्य बदलावों के साथ आते हैं। वो लक्षण क्या हैं उसके लिए आगे पढ़ें

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ऐंठन (Cramps)
इनकमिंग पीरियड या प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (premenstrual syndrome) यह संकेत भी हो सकता है कि आप प्रेगनेंट हैं। जब भ्रूण (Embryo) गर्भाशय (Uterus) में प्रत्यारोपित (Implanted) हो जाता है, तो कभी-कभी महिलाओं को ऐंठन और दर्द का अनुभव होता है। हालांकि हमेशा ऐसा नहीं होता है, लेकिन यह एक सकारात्मक संकेत है।


कुछ खाद्य पदार्थों को खाने की इच्छा ना होना (Aversion to certain foods) 
गर्भावस्था के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों को खाने की इच्छा नहीं होती है। उल्टी जैसा मन होने लगता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि एस्ट्रोजन आपकी इंद्रियों को प्रभावित करता है। ऐसा हो सकता है कि गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में आपको कुछ खाद्य पदार्थों के प्रति देखने तक का मन न करें या शरीर में सूजन का अनुभव भी हो सकता है। सभी परिवर्तनों पर ध्यान दें यदि आप भूख महसूस कर रहे हैं या फिर अपने रोजमर्रा के शैड्यूल के हिसाब से आपको भूख नहीं लग रही है तो ये भी प्रेग्नेंसी का लक्षण है। 


ब्रेस्ट में सूजन (swollen breasts)
जब गर्भाधान (Conception) होता है, तो शुरुआत में ब्रेस्ट में कुछ दर्द महसूस होता है। ऐसा ब्रेस्ट के आकार में परिवर्तन के कारण भी होता है, जब एस्ट्रोजेन के स्तर में वृद्धि होने लगती है। 


ज्यादा बाथरूम जाना (Increased urge to pee all the time)
क्या आप पीरियड के इंतजार में पहले से ज्यादा बार वॉशरूम जा रहे हैं? अगर ऐसा है तो आपको प्रेग्नेंसी टेस्ट करने की जरूरत है क्योंकि स्टडी में कहा गया है कि दो सप्ताह के गर्भाधान (conception) के बाद अधिक पी (Pee) आना शुरू होता है।


BBT में बदलाव
बेसल बॉडी टेम्परेचर (BBT) आराम करते समय आपके शरीर के तापमान को मापने का एक तरीका है। यह आमतौर पर ओव्यूलेशन (Ovalution) के दौरान बढ़ जाता है। जबकि प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) इसके तापमान को कम करने की कोशिश करता है तब, जब आप अपने मैन्सट्रूयल साइकिल (menstrual cycle) के बीच में होती हैं। बीबीटी को रोजाना ट्रैक करना, कम से कम 10 दिनों या उससे अधिक दिनों के लिए, इससे आप अपनी प्रेग्नेंसी कंफॉर्म कर सकती है। 

 
 

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Dr jith tho April 13th, 2021 02:16 IST

Great article thanks for sharing this informative and useful piece of content

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।