दैनिक भास्कर हिंदी: प्रेग्नेंसी से बचने के लिए कब ना करें सेक्स, कैसे होते है प्रेग्नेंट, जानें

May 2nd, 2020

हाईलाइट

  • प्रेग्नेंसी को अवॉइड करने के लिए मेन्स्टुअल साइकल को समझे
  • कब करे सेक्स की ना हो प्रेग्नेंट
  • जाने क्या है ओव्यूलेशन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप एक सिंगल पर्सन है, यानी कि आप वैवाहिक नही हैं या फिर आप अभी मां बनने के लिए तैयार नहीं है और साथ ही आप अपनी सेक्स लाइफ को भी भरपूर एजॉय करना चाहती हैं, तो आपके लिए ये जानना बहुत जरूरी है कि कैसे इससे बचें। क्योंकि बहुत सी रिसर्च कहती है कि 50% महिलाओं को ये नहीं पता कि प्रेग्नेंट कैसे और कब हुआ जाता है या इसके पीछे का असल सोर्स क्या है।

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प्रेग्नेंसी का मेन्स्टुअ्ल साइकल से कनेक्शन
ये तो हर कोई जनता है कि पीरियड का कनेक्शन प्रेग्नेंसी से होता है लेकिन ये बहुत कम लोग जानते हैं कि सेफ पीरियड में सेक्स करना भी कई बार प्राकृतिक रूप से गर्भनिरोधक का काम करता है। आपको इस सेफ पीरियड का पता लगाना जरूरी है और इसके लिए आपको अपने मासिक धर्म यानी की पीरियड सायकल को समझना होगा। 

सेक्स करना है पर प्रेग्नेंट नहीं होना
अगर आप सेक्स लाइफ में बहुत ज्यादा इनवोल्व है लेकिन प्रेग्नेंट होने का डर सताता है तो आपको अपने प्रजनन जागरूकता प्रक्रिया को समझना बहुत जरूरी है। यह आपको आपके मासिक धर्म का अनुमान लगाने में मदद करेगा। इसके जरिए आपको पता चलेगा आपके ओव्युलेशन का समय। अब आप सोच रही होंगी कि ये ओव्युलेशन क्या होता है तो घबराइए मत हम आपको बताएगें इसका मतलब

ओव्यूलेशन क्या होता है? 
ओव्युलेशन वो समय होता है, जब महिला के गर्भधारण करने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। सामान्य तौर पर ओव्युलेशन प्रक्रिया पीरियड्स शुरू होने के दो सप्ताह पहले होती है। यह वो समय होता है जब महिला के अंडाशय से अंडे मिलते हैं। ऐसे में यह तरीका आपको ओव्युलेशन के दौरान संबंध बनाते समय सतर्कता बरतने में मदद करता है।

गर्भवती होने की प्रक्रिया, कैसे बचें
चलिए अब एक बार फिर से आपको बताते है ताकि आप इसे आसानी से समझ सकें। पहले तो ये जानना जरूरी है कि आखिर गर्भधारण (कंसीव करने) की प्रक्रिया होती कैसे है। पुरूष का स्पर्म जब महिला के एग से मिलता है तो गर्भधारण होता है ये तो आपको पता ही होगा। अब इस पूरी प्रक्रिया की बात करें तो महिला की ओवरी (Ovary) से एग्स निकलते हैं, जो सिर्फ 12 से 24 घंटे तक शरीर में जीवित रहते हैं लेकिन पुरूषों का स्पर्म 3 से 5 दिन तक जीवित रह सकता है। आमतौर पर महिलाओं का मेन्स्टुअ्ल साइकल 28 दिन का होता है और ऑव्यूलेशन यानी एग रिलीज होने की प्रक्रिया 12, 13, 14 दिन के आसपास होती है। इस दौरान अगर एग, स्पर्म से मिलता है तो गर्भधारण हो जाता है। 


पीरियड्स के दौरान कैसे हो सकते है प्रेग्नेंट?
बहुत सी महिलाओं के शरीर में ऑव्यूलेशन के दौरान भी ब्लीडिंग होती है या फिर कई बार वजाइनल ब्लीडिंग को भी कई महिलाएं पीरियड्स समझने की भूल कर बैठती हैं। ऐसे में अगर ये सोचकर कि पीरियड्स चल रहे हैं और बिना प्रोटेक्शन के सेक्स किया जाए तो प्रेग्नेंट होने के चांसेज कई गुना बढ़ जाते हैं। इसके अलावा एक और बात है जिसपर ध्यान देने की जरूरत है। पुरूष द्वारा इजैक्युलेशन के बाद स्पर्म 3 दिन यानी 72 घंटे तक महिला के शरीर में जीवित रह सकता है। ऐसे में अगर पीरियड्स खत्म होने के दिनों में बिना प्रोटेक्शन यूज किए सेक्स किया जाए तो प्रेग्नेंसी की आशंका बनी रहती है।

प्रोटेक्शन (कंडोम) करे यूज
इसके अलावा प्रेग्नेंट ना होने का एक आसान तरीका है कि आप प्रोटेक्शन यूज करें। हालांकि कई बार प्रोटेक्शन भी 100% सॉर नहीं होते। वहीं आज की जेनरेशन प्रोटेक्शन यूज करने में वीलिव नहीं करती। 

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