comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

यूके में पाकिस्तान समर्थित कश्मीरी अलगाववादियों का भारत विरोधी वेबिनार

June 04th, 2020 17:30 IST
 यूके में पाकिस्तान समर्थित कश्मीरी अलगाववादियों का भारत विरोधी वेबिनार

हाईलाइट

  • यूके में पाकिस्तान समर्थित कश्मीरी अलगाववादियों का भारत विरोधी वेबिनार

लंदन, 4 जून (आईएएनएस)। यूके में पाकिस्तान समर्थित कश्मीरी अलगाववादियों ने एक वर्चुअल कांफ्रेंस का आयोजन किया जिसमें मुख्य रूप से भारत विरोधी रुख रखने वाले लेबर पार्टी के नेताओं की भागीदारी रही।

इस ऑनलाइन सेमिनार का आयोजन जम्मू-कश्मीर सेल्फ डिटरमिनेशन मूवमेंट इंटरनेशनल (जेकेएसडीएमआई) ने किया जिसके चेयरमैन राजा नजाबत हुसैन हैं।

इसके वक्ताओं में ओल्ढम ईस्ट व सैडलवर्थ की सांसद डेबी अब्राहम्स भी शामिल थीं जिनका पाकिस्तान समर्थित राजा नजाबत हुसैन से घनिष्ठ संबंध हैं।

भारतीय अधिकारियों ने इस साल फरवरी महीने में डेबी का वीजा खारिज कर दिया था। वह यूके के कश्मीर संबंधित एक संसदीय समूह की प्रमुख हैं और जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा रद्द करने की आलोचक रही हैं।

डेबी के प्रोफाइल ने भारत में उन्हें लेकर संदेह को जन्म दिया। अधिकारियों के पास इस बात को मानने के कारण हैं कि उनके ऐसे लोगों और संगठनों से संपर्क हैं जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के भारत विरोधी प्रोपेगेंडा के लिए काम करते हैं। भारत में दाखिल होने ली अनुमति नहीं मिलने के बाद वह पाकिस्तान गई थीं जहां उनका राजकीय अतिथि जैसा स्वागत किया गया था।

वेबिनार को संबोधित करने वालों में पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी भी शामिल थे।

आनलाइन सेमिनार में जिन लोगों ने हिस्सा लिया उनमें लेबर पार्टी के 20 नेता व सांसद थे। लेकिन, कंजरवेटिव पार्टी के केवल छह नेताओं को न्योता दिया गया।

लेबर पार्टी नेताओं में पाकिस्तानी मूल की लेबर सांसद यासमीन कुरैशी, एक अन्य पाकिस्तानी मूल के लेबर सांसद अफजल खान और ब्रिटेन के पहले सिख सांसद तनमनजीत सिंह धेसी भी शामिल थे।

धेसी का रुख कश्मीर पर हमेशा से पाकिस्तान के अनुकूल रहा है, हालांकि खुद उनके समुदाय के सदस्य पाकिस्तान के सीमापार आतंकवाद के शिकार रहे हैं।

दिसंबर 2019 में हुए आम चुनाव में लेबर पार्टी को जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ)-यूके का बिना शर्त समर्थन मिला था। आतंकी संगठन जेकेएलएफ भारत में प्रतिबंधित है। यह पहला ऐसा संगठन है जिसने 1980 के दशक में भारत के खिलाफ पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद की शुरुआत की थी और कश्मीरी पंडितों व अन्य नागरिकों को निशाना बनाया था।

सितंबर 2019 में लेबर पार्टी ने इमरजेंसी मोशन पारित किया था जिसमें पार्टी नेता जेरमी कोर्बिन से कहा गया था कि वह क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के दाखिले के लिए प्रयास करें और इसमें लोगों के लिए आत्मनिर्णय के अधिकार की मांग की गई थी।

इसके बाद, ब्रिटिश-भारतीय संस्थाओं ने कोर्बिन पर ब्रिटेन की घरेलू राजनीति में भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय मामलों को घुसाने का आरोप लगाया।

चुनाव में लेबर पार्टी हारी, कोर्बिन ने नेता पद से इस्तीफा दिया और नए नेता सर कीर स्टारमर ने लेबर फ्रेंड्स आफ इंडिया समूह की कार्यकारी टीम से मुलाकात के बाद लेबर पार्टी की कश्मीर नीति में बदलाव किया।

उन्होंने कहा था, हमें उपमहाद्वीप के मुद्दों का इस्तेमाल यहां समुदायों में विभाजन डालने के लिए नहीं करना चाहिए। भारत में कोई भी संवैधानिक मुद्दा भारतीय संसद के विचार के लिए है और कश्मीर, भारत व पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा है जिसका समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।

कमेंट करें
uXEOn
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।