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यूके में पाकिस्तान समर्थित कश्मीरी अलगाववादियों का भारत विरोधी वेबिनार

June 04th, 2020 17:30 IST
 यूके में पाकिस्तान समर्थित कश्मीरी अलगाववादियों का भारत विरोधी वेबिनार

हाईलाइट

  • यूके में पाकिस्तान समर्थित कश्मीरी अलगाववादियों का भारत विरोधी वेबिनार

लंदन, 4 जून (आईएएनएस)। यूके में पाकिस्तान समर्थित कश्मीरी अलगाववादियों ने एक वर्चुअल कांफ्रेंस का आयोजन किया जिसमें मुख्य रूप से भारत विरोधी रुख रखने वाले लेबर पार्टी के नेताओं की भागीदारी रही।

इस ऑनलाइन सेमिनार का आयोजन जम्मू-कश्मीर सेल्फ डिटरमिनेशन मूवमेंट इंटरनेशनल (जेकेएसडीएमआई) ने किया जिसके चेयरमैन राजा नजाबत हुसैन हैं।

इसके वक्ताओं में ओल्ढम ईस्ट व सैडलवर्थ की सांसद डेबी अब्राहम्स भी शामिल थीं जिनका पाकिस्तान समर्थित राजा नजाबत हुसैन से घनिष्ठ संबंध हैं।

भारतीय अधिकारियों ने इस साल फरवरी महीने में डेबी का वीजा खारिज कर दिया था। वह यूके के कश्मीर संबंधित एक संसदीय समूह की प्रमुख हैं और जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा रद्द करने की आलोचक रही हैं।

डेबी के प्रोफाइल ने भारत में उन्हें लेकर संदेह को जन्म दिया। अधिकारियों के पास इस बात को मानने के कारण हैं कि उनके ऐसे लोगों और संगठनों से संपर्क हैं जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के भारत विरोधी प्रोपेगेंडा के लिए काम करते हैं। भारत में दाखिल होने ली अनुमति नहीं मिलने के बाद वह पाकिस्तान गई थीं जहां उनका राजकीय अतिथि जैसा स्वागत किया गया था।

वेबिनार को संबोधित करने वालों में पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी भी शामिल थे।

आनलाइन सेमिनार में जिन लोगों ने हिस्सा लिया उनमें लेबर पार्टी के 20 नेता व सांसद थे। लेकिन, कंजरवेटिव पार्टी के केवल छह नेताओं को न्योता दिया गया।

लेबर पार्टी नेताओं में पाकिस्तानी मूल की लेबर सांसद यासमीन कुरैशी, एक अन्य पाकिस्तानी मूल के लेबर सांसद अफजल खान और ब्रिटेन के पहले सिख सांसद तनमनजीत सिंह धेसी भी शामिल थे।

धेसी का रुख कश्मीर पर हमेशा से पाकिस्तान के अनुकूल रहा है, हालांकि खुद उनके समुदाय के सदस्य पाकिस्तान के सीमापार आतंकवाद के शिकार रहे हैं।

दिसंबर 2019 में हुए आम चुनाव में लेबर पार्टी को जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ)-यूके का बिना शर्त समर्थन मिला था। आतंकी संगठन जेकेएलएफ भारत में प्रतिबंधित है। यह पहला ऐसा संगठन है जिसने 1980 के दशक में भारत के खिलाफ पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद की शुरुआत की थी और कश्मीरी पंडितों व अन्य नागरिकों को निशाना बनाया था।

सितंबर 2019 में लेबर पार्टी ने इमरजेंसी मोशन पारित किया था जिसमें पार्टी नेता जेरमी कोर्बिन से कहा गया था कि वह क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के दाखिले के लिए प्रयास करें और इसमें लोगों के लिए आत्मनिर्णय के अधिकार की मांग की गई थी।

इसके बाद, ब्रिटिश-भारतीय संस्थाओं ने कोर्बिन पर ब्रिटेन की घरेलू राजनीति में भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय मामलों को घुसाने का आरोप लगाया।

चुनाव में लेबर पार्टी हारी, कोर्बिन ने नेता पद से इस्तीफा दिया और नए नेता सर कीर स्टारमर ने लेबर फ्रेंड्स आफ इंडिया समूह की कार्यकारी टीम से मुलाकात के बाद लेबर पार्टी की कश्मीर नीति में बदलाव किया।

उन्होंने कहा था, हमें उपमहाद्वीप के मुद्दों का इस्तेमाल यहां समुदायों में विभाजन डालने के लिए नहीं करना चाहिए। भारत में कोई भी संवैधानिक मुद्दा भारतीय संसद के विचार के लिए है और कश्मीर, भारत व पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा है जिसका समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।

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Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत के घरेलु वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम ने आज घोषणा की है कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम मनी ने देश में सभी के लिए स्टॉकब्रोकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 10 लाख से अधिक निवेशकों को जोड़ना है, जिसमें अधिकतर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले फर्स्ट टाइम यूजर्स होंगे। इस प्रयास का उद्देश्य उत्पाद के आसान उपयोग, कम मूल्य निर्धारण (डिलीवरी ऑर्डर पर जीरो ब्रोकरेज, इंट्राडे के लिए 10 रुपये) और डिजिटल केवाईसी के साथ पेपरलेस खाता खोलने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करना तथा अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचना है। कंपनी भारत में सबसे व्यापक ऑनलाइन वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनने के लिए प्रयासरत है, जो वित्तीय समावेशन के लक्ष्य के तहत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

पेटीएम मनी को अपने शुरुआती प्रयास में ही लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली और उसने 2.2 लाख से अधिक निवेशकों को अपने साथ जोड़ लिया। इनमें से, 65% उपयोगकर्ता 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी वेल्थ पोर्टफोलियो का निर्माण कर रही है। टियर-1 शहरों जैसे मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद में इस प्लेटफार्म को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। ठाणे, गुंटूर, बर्धमान, कृष्णा, और आगरा जैसे छोटे शहरों में भी लोगों का भारी झुकाव देखने को मिला है। यह सेवा सुपर-फास्ट लोडिंग स्टॉक चार्ट्स, ट्रैक मार्केट मूवर्स एंड कंपनी फंडामेंटल्स सुविधाओं के साथ अब आईओएस, एंड्रॉइड और वेब पर उपलब्ध है। पेटीएम मनी ऐप शेयरों पर निवेश, व्यापार और सर्च के लिए प्राइस अलर्ट और एसआईपी सेट करने के लिए आसान इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

इस अवसर पर पेटीएम मनी के सीईओ, वरुण श्रीधर ने कहा, "हमारा उद्देश्य वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं को आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंचाना है, जो आत्मानिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान करेगी। हमारा मानना है कि यह मिलेनियल और नए निवेशकों को उनके वेल्थ पोर्टफोलियो के निर्माण में सक्षम बनाने का समय है। प्रौद्योगिकी पर आधारित हमारे समाधान शेयर में निवेश को सरल और आसान बनाता है। हम वर्तमान उत्पादों को चुनौती देते रहेंगे और भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद का निर्माण करते रहेंगे। हम पेटीएम मनी को सभी भारतीय के लिए एक व्यापक वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। "

इतने कम समय में पेटीएम मनी पर स्टॉक ट्रेडिंग को व्यापक रूप से अपनाया जाना काफी महत्व रखता है। यह हर भारतीय के लिए डिजिटल निवेश को आसान बनाने के कंपनी के प्रयासों की सराहना को भी दर्शाता है। शेयरों में आसान निवेश के साथ, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को बाजार के बारे में शोध करने, मार्केट मूवर्स का पता लगाने, अनुकूल वॉचलिस्ट तैयार करने और 50 से अधिक शेयरों के लिए प्राइस अलर्ट सेट करने के अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता स्टॉक के लिए साप्ताहिक / मासिक एसआईपी सेट कर सकते हैं, और स्टॉक में निवेश को आॅटोमेट कर सकते हैं। बिल्ट-इन ब्रोकरेज कैलकुलेटर के साथ, निवेशक लेनदेन शुल्क का पता लगा सकते हैं और शेयरों को लाभ पर बेचने के लिए ब्रेक-इवेन प्राइस जान सकते हैं। इसके अलावा, स्टॉक ट्रेडिंग के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड चार्ट और अन्य विकल्प जैसे कवर चार्ट तथा ब्रैकेट ऑर्डर भी जोड़े गए हैं। इन सुविधाओं के अलावा बैंक-स्तरीय सुरक्षा के साथ निवेशकों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखते हुए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।


पेटीएम मनी के बारे में
पेटीएम मनी वन97 कम्युनिकेशंस की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। वन97 कम्युनिकेशंस भारत की घरेलू वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम का स्वामित्व भी रखता है। यह देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन इंवेस्टमेंट प्लेटफार्म है, और अब इसने उपयोगकर्ताओं के लिए डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स और एनपीएस के अपने वर्तमान आॅफर में स्टॉक्स को भी जोड़ दिया है। पेटीएम मनी का लक्ष्य एक पूर्ण-स्टैक इंवेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनना और लाखों भारतीयों तक धन सृजन के अवसरों को पहुंचाना है। बेंगलुरु स्थित मुख्यालय से संचालित इस कंपनी की टीम में 300 से अधिक सदस्य हैं।