comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

हरियाणा-महाराष्ट्र में थमा प्रचार, अब 21 अक्टूबर को होगा मतदान

October 20th, 2019 11:16 IST
हरियाणा-महाराष्ट्र में थमा प्रचार, अब 21 अक्टूबर को होगा मतदान

हाईलाइट

  • हरियाणा-महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार खत्म, मतदान सोमवार को

 डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़/मुंबई। हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव प्रचार का शोर शनिवार की शाम छह बजे थम गया। प्रचार के लिए बाहर से आए नेता भी इस राज्य से रवाना होने लगे हैं। भाजपा और कांग्रेस ने दोनों राज्यों में दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों के तमाम नेताओं को प्रचार अभियान में लगाया था। अब 21 अक्टूबर को मतदान के दौरान प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद होगी, वहीं 24 अक्टूबर को ईवीएम खुलने के साथ उनके भाग्य का फैसला होगा। हरियाणा में 90 और महाराष्ट्र में कुल 288 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होने जा रहा है।

हरियाणा और महाराष्ट्र में प्रचार के आखिरी दिन शनिवार को भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणाबाद के ऐलनाबाद और रेवाड़ी में दो अतिरिक्त रैलियां कर बची कोर-कसर पूरी करने की कोशिश की। वहीं गृहमंत्री अमित शाह महाराष्ट्र में रैलियां कर माहौल बनाने में जुटे रहे। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आखिरी दिन मुंबई में रहने वाले हिमाचल प्रदेश के लोगों को खासतौर से संबोधित किया।

महाराष्ट्र में कुल वोटर और प्रत्याशी
महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटों के चुनाव में 89,722,019 मतदाता हैं। इनके लिए 96,661 मतदान केंद्रों की व्यवस्था है। यहां कुल 3,237 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, जिसमें निर्दलियों की संख्या 1400 है। बसपा 262 सीटों पर व भाजपा 164 सीटों पर लड़ रही है। हालांकि भाजपा के चिह्न् पर 14 गठबंधन उम्मीदवार भी लड़ रहे हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 16 और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी आठ सीटों पर लड़ रही है।

इसी तरह कांग्रेस 147, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना 101 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) 121 सीटों पर लड़ रही है। शिवसेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। 3001 पुरुष और 235 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं।

हरियाणा में कुल वोटर और प्रत्याशी
हरियाणा में कुल मतदाताओं की संख्या 18,282,570 है। हरियाणा की 90 सीटों पर कुल 1169 प्रत्याशी हैं, जिसमें महिलाओं की संख्या 104 है। सभी 90 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस चुनाव लड़ रही है, जबकि बसपा 87 और इनेलो 81 सीटों पर चुनाव मैदान में है। भाकपा चार और माकपा सात सीटों पर लड़ रही है, वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या 434 है। कुल 19,578 मतदान केंद्रों पर 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे।

कमेंट करें
9ouR2
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।