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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, 3 की मौत

June 30th, 2018 20:09 IST

हाईलाइट

  • जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
  • राजौरी स्थित दरहाली नदी का पानी खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है।
  • बीते दो दिनों में भारी बारिश की वजह से यात्रा पर विराम लगा हुआ है।

डिजिटल डेस्क, जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। यहां तीन लोगों की मौत हो गई है। पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश ने नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया है। यही वजह है कि राजौरी स्थित दरहाली नदी का पानी खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही आस-पास रहने वाले लोगों से किसी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। वहीं भारी बारिश की वजह से भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।


नदियों का बढ़ा जल स्तर 

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश से श्रीनगर में झेलम नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने कश्मीर घाटी में सभी स्कूलों को भी बंद कर दिया है। शुक्रवार को झेलम नदी में पानी का स्तर 21.34 फीट दर्ज किया गया था। प्रशासन ने आस-पास रहने वाले लोगों को सतर्क किया है। वहीं राजौरी की दरहाली नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से यहां के कई रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है। सड़कों पर भी पानी भरने से ट्रैफिक ठप है। साथ ही फंसे हुए लोगों को भी मदद वक्त पर नहीं मिल पा रही है। पानी का बहाव बहुत तेज होने से लोग डरे हुए हैं।


अमरनाथ यात्रा पर पड़ रहा असर 

लगातार हो रही इस आफत की बारिश की वजह से आज भी अमरनाथ यात्रा स्थगित रही। प्रशासन के मुताबिक, जम्मू में भगवती नगर यात्री निवास से घाटी की ओर किसी भी वाहन को जाने की मंजूरी नहीं दी गई। अधिकारियों ने बताया, "बीते दो दिनों में भारी बारिश की वजह से यात्रा पर विराम लगा हुआ है। बारिश की वजह से फिसलन भरे मार्गों और खराब मौसम की वजह से किसी भी यात्री को जाने की अनुमति नहीं दी गई।"


राज्यपाल ने बुलाई आपात बैठक 

वहीं जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के मद्देनजर राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य में बारिश के कारण पैदा हो रहे हालातों पर चर्चा की जा रही है। राज्य में नदिया खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। झेलम नदी का जलस्तर खतरे के निशान से बढ़ने पर बाढ़ की घोषणा कर दी जाती है। 

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