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पाक ने किया करतारपुर पैनल में  खालिस्तानी आतंकी को शामिल, भारत ने टाली मीटिंग

March 30th, 2019 11:05 IST

हाईलाइट

  • भारत ने शुक्रवार को करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान के साथ दूसरे राउंड की मीटिंग को पोस्टपॉन्ड कर दिया है।
  • पाकिस्तान के साथ ये मीटिंग 2 अप्रैल को होने वाली थी।
  • पाक ने करतारपुर कॉरिडोर पैनल में खालिस्तानी आतंकी गोपाल सिंह चावला को शामिल किया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान के साथ दूसरे राउंड की मीटिंग को पोस्टपॉन्ड कर दिया है। पाकिस्तान के साथ ये मीटिंग 2 अप्रैल को होने वाली थी। इस मीटिंग में करतारपुर कॉरिडोर के बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित बकाया मुद्दों के हल को लेकर चर्चा होनी थी। इससे पहले दिन में भारत ने पाकिस्तान के दूत को बुलाया था और करतारपुर कॉरिडोर पैनल में  खालिस्तानी आतंकी गोपाल सिंह चावला को शामिल करने पर चिंता व्यक्त की थी।

सरकार के सूत्रों ने कहा कि गोपाल सिंह चावला, जिसके कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक और आतंकी मास्टरमाइंड हाफिज सईद से भी करीबी संबंध हैं, पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (PSGPC) की विशेष 10-सदस्यीय समिति में है। विदेश मंत्रालय अपने समकक्ष को इस बारे में सूचित भी कर दिया है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि भारत ने जो चिंताएं जाहिर की है उस पर पड़ोसी देश से प्रतिक्रिया मिलने के बाद ही अगली बैठक हो सकती है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने उन रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण मांगा है जिनमें कहा गया है कि पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर से जुड़ी एक समिति में विवादास्पद लोगों को शामिल किया है।

भारत के फैसले को 'समझ से बाहर' करार देते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद फैसल ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'मीटिंग में करतारपुर कॉरिडोर के विकास से संबंधित बकाया मुद्दों के हल को लेकर चर्चा होनी थी। पाकिस्तान से बात किए बिना अंतिम समय में मीटिंग स्थगित करना और विशेष रूप से 19 मार्च को हुई सकारात्मक चर्चा के बाद इसे स्थगित करना समझ से बाहर है।'

इससे पहले करतारपुर कॉरिडोर को लेकर हुई पहले राउंड की मीटिंग के बाद मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (MHA) के अधिकारी ने बताया था कि भारत ने प्रोजेक्ट के पहले चरण को शुरू करने के लिए पाकिस्तान से जोर देकर कहा है कि वह प्रति दिन कम से कम 5000 तीर्थयात्रियों के प्रवेश की व्यवस्था करें। इसमें न केवल भारतीय नागरिक बल्कि भारतीय मूल के लोगों को भी शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा था हमने पाकिस्तान से गुरू पर्व और बैसाखी सहित विशेष दिनों में, जब कॉरिडोर में बड़े पैमाने में तीर्थयात्री आएंगे उस समय 15000 तीर्थयात्रियों को अनुमति देने का आग्रह किया था। अधिकारी ने कहा था कि पूरे साल देश और दुनिया के लोग बिना ब्रेक के यहां आएंगे लेकिन गुरू पर्व और बैसाखी जैसे विशेष दिनों में तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ जाएगी। ऐसे में इन विशेष दिनों के लिए ज्यादा तीर्थयात्रियों को अनुमति दी जानी चाहिए।

बता दें कि यह कॉरिडोर पाकिस्तानी शहर करतारपुर में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारतीय पंजाब के गुरदासपुर जिले से जोड़ेगा। पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान ऐतिहासिक गुरद्वारा दरबार साहिब को गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक से जोड़ने के लिए करतारपुर गलियारे का निर्माण करने पर सहमत हुए थे। पाकिस्तान ने इस साल नवंबर में गुरू नानक देव की 550वीं जयंती पर कॉरिडोर को खोलने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। 

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