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गगनयान मिशन के एंस्ट्रोनॉट पहनेंगे भगवा सूट, बेंगलूरु स्पेस एक्सपों में किया प्रदर्शित

September 07th, 2018 19:12 IST
गगनयान मिशन के एंस्ट्रोनॉट पहनेंगे भगवा सूट, बेंगलूरु स्पेस एक्सपों में किया प्रदर्शित

हाईलाइट

  • 2022 में भारत की जमीं से पहली बार कोई इंसान अंतरिक्ष में जाएगा।
  • भारत के इस महत्वकांक्षी गगनयान मिशन के लिए एक खास स्पेस सूट तैयार किया गया है।
  • ISRO ने छठवें बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में इस विशेष स्पेस शूट का प्रदर्शन किया। यह सूट भगवा रंग का है।

डिजिटल डेस्क, बेंगलूरु। 2022 में भारत की जमीं से पहली बार कोई इंसान अंतरिक्ष में जाएगा। भारत के इस महत्वकांक्षी गगनयान मिशन के लिए एक खास स्पेस सूट तैयार किया गया है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) ने गुरुवार को इस विशेष स्पेस शूट का छठवें बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में प्रदर्शन किया। यह सूट भगवा (नारंगी) रंग का है। इसके अलावा स्पेस रिसर्च बॉडी ने क्रू मॉडल और क्रू एस्केप मॉडल का भी प्रदर्शन किया। मालूम हो कि प्रोटोटाइप क्रू मॉडल को ISRO पहले ही टेस्ट कर चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ऐलान किया था कि भारत 2022 तक यानी अगले 4 साल के अंदर अंतरिक्ष में अपना मानव मिशन पहुंचाएगा। इस ऐलान के बाद एंस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारियां ISRO ने तेज कर दी है। गगनयान मिशन के लिए ISRO ने फिलहाल दो स्पेस सूट तैयार किए हैं। भगवा रंग के इन सूटों को तिरुवनन्तपुरम स्थ‍ित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में तैयार किया गया है। जानकारी के अनुसार सूट में फिट ऑक्सीजन सिलेंडर के जरिए एस्ट्रोनेट करीब 60 मिनट तक सांस ले सकेंगे।

बता दें कि भारत अपने पहले मानव मिशन में तीन यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजेगा। इस मिशन के दौरान तीन अतंरिक्ष यात्री 5 से 7 दिन तक अर्थ की लोअर ऑर्बिट में रहेंगे। ISRO प्रमुख के. सिवन के मुताबिक, एक क्रू मॉड्यूल तीन भारतीयों को लेकर जाएगा, जिसे सर्विस मॉड्यूल के साथ जोड़ा जाएगा। दोनों को रॉकेट की मदद से आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा। फिर वह सिर्फ 16 मिनट में अपनी ऑर्बिट में पहुंच जाएगा।

भारत को उसके इस मिशन में फ्रांस भी सहयोग कर रहा है। फ्रांस ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाते हुए गुरूवार को गगनयान पर साथ मिलकर काम करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने इस परियोजना के लिए एक कार्यकारी समूह गठित किया। फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस के अध्यक्ष ज्यां येव्स ली गॉल ने कहा कि अंतरिक्ष सहयोग के दायरे में इसरो को फ्रांस में अंतरिक्ष अस्पताल केंद्रों की सुविधा देना और अंतरिक्ष औषधि, अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य की निगरानी करने, जीवन रक्षा संबंधी सहयोग मुहैया कराने, विकिरणों से रक्षा, अंतरिक्ष के मलबे से रक्षा और निजी स्वच्छता व्यवस्था के क्षेत्रों में संयुक्त रूप से अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करना शामिल है।

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Ankit September 08th, 2018 00:15 IST

BhaskarHindi walo dimag se paidal ho kya, NASA astronauts ka dress color bhi Orange (Bhagwa) hai. Salo doob maro chullu bhar pani main.