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Housing Scheme: शहरों में लोगों को किफायती किराए पर घर देगी सरकार, दो मॉडल पर किया जा रहा काम

Housing Scheme: शहरों में लोगों को किफायती किराए पर घर देगी सरकार, दो मॉडल पर किया जा रहा काम

हाईलाइट

  • पहला मॉडल: सरकारी पैसे से बने आवासों को किराए पर देने की योजना
  • दूसरा मॉडल: प्रवासियों के लिए कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए निजी कंपनियों को प्रेरित किया जाएगा
  • छह सौ करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गांवों से रोजी-रोजगार के सिलसिले में पहुंचने वाले प्रवासियों को मामूली किराए पर घर देने की योजना पर अब काम तेज हुआ है। ताकि कम पैसे में लोग शहरों में गुजारा कर सकें। आवास और शहरी विकास मंत्रालय इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए कुल दो मॉडल पर काम करने में जुटा है। बीते 31 जुलाई से शुरू हुई इस योजना को सरकार जल्द से जल्द धरातल पर उतारने की कोशिशों में जुटी हुई है।

पहला मॉडल: सरकारी पैसे से बने आवासों को किराए पर देने की योजना 
मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, पहला मॉडल है कि शहरों में सरकारी पैसे से बने आवासों को अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में बदल दिया जाए। जिसके बाद जरूरतमंद प्रवासियों को एक हजार से तीन हजार रुपये में किराए पर उपलब्ध कराए जाएं। सरकार इस योजना को पीपीपी मोड में संचालित करना चाह रही है। बताया जा रहा है कि ये आवास 25 वर्षों के लिए अलॉट होंगे। फिर इन्हें लोकल बॉडीज के हवाले कर दिया जाएगा और फिर नए सिरे से आवंटन होगा।

दूसरा मॉडल: प्रवासियों के लिए कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए निजी कंपनियों को प्रेरित किया जाएगा 
शहरी विकास मंत्रालय ने दूसरा मॉडल भी तय किया है। इस मॉडल के तहत निजी और सार्वजनिक संस्थानों को उनकी खाली पड़ी जमीन पर किराए के घर बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मसलन, अगर शहरी क्षेत्र में कोई फैक्ट्री है और उसके पास खाली जमीन है तो प्रवासियों के लिए वहां कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें सरकार भी मदद देगी। खास बात है कि निजी क्षेत्र के ऐसे कॉम्प्लेक्स बनाने पर उन्हें स्पेशल इंसेंटिव्स दिए जाएंगे।

छह सौ करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी
खास बात है कि बीते गुरुवार को छह सांसदों ने लोकसभा में इस मसले पर लिखित में सवाल पूछा था, जिस पर आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि शहरी प्रवासियों और गरीबों को किफायती किराए पर आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (ARHC) 31 जुलाई को शुरू हुई। बता दें कि कोरोना काल में 20 लाख करोड़ के पैकेज के तहत यह योजना भी आती है। शुरुआत में इस पर छह सौ करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी है।

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