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कट्टरपंथी मुस्लिम जहरीले वायरस से मानसिक बीमार : वसीम रिजवी

June 12th, 2020 15:31 IST
 कट्टरपंथी मुस्लिम जहरीले वायरस से मानसिक बीमार : वसीम रिजवी

हाईलाइट

  • कट्टरपंथी मुस्लिम जहरीले वायरस से मानसिक बीमार : वसीम रिजवी

लखनऊ, 12 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने इस्लाम में अल्कोहल हराम वाले बयान को लेकर एक मुफ्ती पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी मुस्लिम मुल्ला जहरीले वायरस से मानसिक तौर पर बीमार हो चुके हैं।

वसीम रिजवी ने आज जारी अपने वीडियो में कहा कि कट्टरपंथी मुस्लिम मुल्ला इस्लामिक जहरीले वायरस से मानसिक बीमार हो चुके है। कोई भी मुसलमान किसी भी मस्जिद में अल्कोहल से बने सैनिटाइजर से अपने हाथ-पैर साफ करके जा सकता है, बल्कि अगर किसी की जान जाने का खतरा हो तो किसी भी मस्जिद को अल्कोहल से साफ भी किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, अपने को और दूसरे को सुरक्षित रखने के लिए अल्कोहल से बने सैनिटाइजर का इस्तेमाल करके खुद को साफ रखना जायज है। मगर किसी भी केमिकल को पीकर नशा करना गुनाह है। अल्कोहल गंदा नहीं है। इंसानियत और देश के ऊपर धर्म को मानने वाले, हिंदुस्तान में रहकर पाकिस्तानी और जिहादी विचार रखने वाले गंदे हैं।

दरअसल, दरगाह आला हजरत स्थित सुन्नी मरकजी दारुल इफ्ता के मुफ्ती अब्दुर्रहीम नश्तर फारूकी ने कहा है कि इस्लाम में अल्कोहल को हराम करार दिया गया है, इसलिए सैनिटाइजर का इस्तेमाल मस्जिदों में न किया जाए। मस्जिद अल्लाह का घर है, उसे नापाक न होने दें।

गौरतलब है कि अनलॉक-वन में मस्जिदें खोली गई हैं। इसके लिए शासन की तरफ से जारी गाइडलाइन में धार्मिक स्थलों को अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर से सैनिटाइज कराने को कहा गया है।

इस पर दारुल इफ्ता के मुफ्ती नश्तर फारूकी ने बयान जारी करते हुए कहा है कि अल्कोहल से बने सैनिटाइजर का इस्तेमाल मुसलमानों के लिए हराम है और उससे मस्जिदों को सैनिटाइज करने का मतलब पूरी मस्जिद को नापाक करना है। नापाक जगह पर नमाज नहीं हो सकती।

उधर, दारुल उलूम देवबंद ने अहम फतवा दिया है। दारुल उलूम के मुफ्तियों की खंडपीठ ने कहा है कि सैनिटाइजर में इस्तेमाल होने वाला अल्कोहल अलग किस्म का होता है, इसलिए इसके इस्तेमाल में कोई हर्ज नहीं है। यह भी कहा कि यह सभी की हिफाजत के नजरिए से भी सही है। कहा है कि दवाओं और सैनिटाइजर में इस्तेमाल होने वाला अल्कोहल गन्ने का रस, सब्जी, विभिन्न तरह के दानों (केमिकल), पेट्रोल, कोयला आदि से बनता है। लिहाजा, सैनिटाइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। वुजू के बाद सैनिटाइजर से हाथ धो सकते हैं।

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