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मध्यप्रदेश सरकार को SC से बड़ा झटका, बरकरार रहेगी प्रहलाद लोधी की सदस्यता

मध्यप्रदेश सरकार को SC से बड़ा झटका, बरकरार रहेगी प्रहलाद लोधी की सदस्यता

हाईलाइट

  • MP सरकार की विशेष अनुमति याचिका को SC ने खारिज किया
  • जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट पर दी थी चुनौती
  • MLA प्रहलाद लोधी की विधायिका कैद की सजा मिलने पर रद्द हुई थी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक भाजपा विधायक की विधानसभा सदस्यता से संबंधित कमलनाथ सरकार की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दिया। इसी के साथ कोर्ट द्वारा जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा गया है। दरअसल हाईकोर्ट ने पन्ना जिले के पवई से विधायक प्रहलाद लोधी की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें अंतरिम राहत दी थी। कमलनाथ सरकार ने हाईकोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

कांग्रेस ने महापाप किया : शिवराज

प्रहलाद लोधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पवई की जनता को अपने जनप्रतिनिधि (क्षेत्रीय विधायक) से वंचित रखने का आरोप लगाया। शिवराज ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'साथी विधायक प्रहलाद लोधी को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत मिली है। स्पीकर ने विधायक को असंवैधानिक तरीके से अयोग्य घोषित किया था। प्रदेश सरकार ने घटिया हरकत की और एक महीने तक क्षेत्र की जनता को अपने जनप्रतिनिधि से वंचित रखने का महापाप किया।'

क्या है मामला ?

बता दें कि भोपाल की एक विशेष अदालत ने 1 नवंबर को भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी के साथ अन्य 12 लोगों को 2 साल की कैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा कोर्ट ने इन सभी अपराधियों पर साढ़े 3 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। दरअसल साल 2014 में पन्ना जिले की रैपुरा तहसील में अवैध रेत खनन का तहसीलदार द्वारा विरोध किया जा रहा था। इस दौरान लोधी और उसके समर्थकों ने तहसीलदार के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया था। हालांकि सजा मिलने के बाद लोधी को जमानत भी मिल गई थी, लेकिन दो दिन बाद 3 नंवबर को प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने लोधी की विधायक सदस्यता रद्द कर दी थी।

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