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दैनिक भास्कर हिंदी: शिवसेना का BJP पर हमला- शेखी हवा में उड़ी, अब सब शुभ होगा

November 27th, 2019

हाईलाइट

  • सामना ने महाराष्ट्र की राजनीति पर भाजपा पर कसा तंज
  • भाजपा पर लगाया विधायक खरीदने का आरोप
  • कहा- बीजेपी की शेखी हवा में उड़ गई

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में राजनीतिक उटापटक का आखिरकार अंत हो गया। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 28 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। ऐसे में एक बार फिर शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के जरिए भाजपा पर हमला किया है। सामना में लिखा है कि सभी की शेखी हवा में उड़ गई। आखिरकार देवेंद्र फडणवीस की क्षणिक सरकार विश्वासमत के पहले ही गिर गई। 

सामना में लिखा है, 'जिन अजित पवार के समर्थन से फडणवीस ने सरकार बनाने का दावा किया। उन्होंने पहले ही उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और अजित पवार के साथ दो विधायक भी नहीं बचे। इसका विश्वास हो जाने पर देवेंद्र फडणवीस को भी जाना पड़ा। भ्रष्ट और गैरकानूनी तरीके से महाराष्ट्र की गर्दन पर बैठी सरकार सिर्फ 72 घंटों में विदा हो गई।' 

सामना में लिखा है कि बहुमत का आंकड़ा न होने के बावजूद फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह पहला अपराध और जिसके समर्थन से शपथ ली उन अजित पवार के ऊपर लगे भ्रष्टाचार के सारे आरोपों को चार घंटे में ही रद्द कर दिया, यह दूसरा अपराध। इस अपराध के लिए जगह चुनी गई मुंबई का राजभवन। इसलिए आज जिन्होंने संविधान दिवस मनाने का ढोंग किया, सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें भी चपत लगाई है। हम विधायकों को तोड़ेंगे और बहुमत साबित करेंगे। इस विकृति पर भी सर्वोच्च न्यायालय ने नकेल कसी।

सामना में लिखा गया है कि अब ईडी और इनकम टैक्स आदि भाजपा के कार्यकर्ता क्या करेंगे? संविधान दिवस के दिन ही सर्वोच्च न्यायालय का ये फैसला आना और थैलीशाही तथा दमनशाही की राजनीति करनेवालों को झटका लगना, इसे भी एक सुखद संयोग कहा जाएगा। सत्ताधारियों ने भले ही लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांत का बाजार लगाया हुआ था। इसके बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से वो धवस्त हो गया। एजेंट पैसों का बैग लेकर विधायकों के पीछे घूम रहे थे। बहुमत खरीदकर राज करने का प्रयास विफल हो गया।

सामना में आगे लिखा है, 'अजित पवार से उन्हें नजदीकी चलती है लेकिन शिवसेना के साथ जो बात तय हुई थी, उससे पलटी मारकर क्या मिला? सत्ता की लाचारी न होती और दिए गए वचनों का पालन करने की इच्छा होती तो भाजपा पर ये नौबत न आता। महाराष्ट्र में स्थिरता आदि के लिए 2014 में जब भाजपा ने राष्ट्रवादी का समर्थन किया था, उससमय वो लाचारी नहीं थी तो फिर अब लाचारी कैसे? भाजपा की विफलता ये है कि उन्होंने दूसरे राज्यों में जो किया वो महाराष्ट्र में नहीं कर पाए। महाराष्ट्र में अबतक किसी भी सरकार या राजनीतिक पार्टी की इतनी बदनामी नहीं हुई थी। महाराष्ट्र का उद्दंड शोरगुल थम गया। अब सब शुभ होगा।'