रगमंच का पर्दा: पद्म श्री से सम्मानित होने पर बोले कलाकार अरविंद गोपाल वैद्य, 60 सालों से रंगभूमि नाटक कर रहा हूं

पद्म श्री से सम्मानित होने पर बोले कलाकार अरविंद गोपाल वैद्य, 60 सालों से रंगभूमि नाटक कर रहा हूं
पद्म श्री से सम्मानित होने वाली सुनीता गोडबोले ने कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है , तृप्ति मुखर्जी ने कहा पद्म पुरस्कार से सम्मानित होकर मैं बहुत प्रसन्न हूं। डॉ. रामचंद्र गोडबोले ने कहा हमें बहुत प्रसन्नता है। मां भारती से हमें यह पुरस्कार मिला है

डिजिटल डेस्क, भोपाल। पद्म श्री से सम्मानित होने वाली तृप्ति मुखर्जी ने कहा पद्म पुरस्कार से सम्मानित होकर मैं बहुत प्रसन्न हूं। मैं बहुत सालों से कार्य कर रही हूं, मेरे जिले के लोग भी इससे बहुत खुश हैं।

पद्म श्री से सम्मानित होने वाली सुनीता गोडबोले ने कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है क्योंकि हमारा मानना ​​है कि यह केवल केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रयासों के कारण संभव नहीं हुआ है, बल्कि भारत माता की पुत्री के रूप में, हमें यह प्राप्त हुआ है। मुझे यह चिकित्सा के क्षेत्र में मिला है, और मैं महिलाओं के लिए भी काम करती हूं। दंतेवाड़ा जिला, जो नक्सलवाद के लिए जाना जाता था, अब स्वास्थ्य, शिक्षा, वन विकास और पर्यावरण-आधारित रोजगार पर चर्चा कर रहा है।

पद्म श्री से सम्मानित होने वाले डॉ. रामचंद्र गोडबोले ने कहा हमें बहुत प्रसन्नता है। मां भारती से हमें यह पुरस्कार मिला है इसलिए बहुत प्रसन्नता है। हम जो जनजाति बच्चों के कुपोषण पर काम कर रहे हैं वह विषय उजागर करने की आवश्यकता है। जनजाति समाज कुपोषण के बारे में नहीं जानता, कुपोषण की बहुत बड़ी और कठिन लड़ाई और सबको मिलकर यह लड़ाई लड़नी होगी। इसलिए इस पुरस्कार के माध्यम से जनजाति समाज में बच्चों में कुपोषण का विषय सभी में जाना चाहिए। यह सबकी जिम्मेदारी है।

पद्म श्री से सम्मानित होने वाले कलाकार अरविंद गोपाल वैद्य ने कहा 1966 में जब मैंने पहली बार नाटक किया था और जब रगमंच का पर्दा खुला था तब जो रोमांच महसूस हुआ था। वही रोमांच महसूस हुआ जब मुझे बताया गया कि मुझे पद्म पुरस्कार दिया जा रहा है। मैं 60 सालों से रंगभूमि(नाटक) कर रहा हूं।

Created On :   24 May 2026 7:43 PM IST

Tags

Next Story