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12वीं कक्षा के छात्र ने लगायी फांसी, अस्पताल में ऑक्सीजन न मिलने से मौत, परिजनों ने किया हंगामा

January 23rd, 2019 00:26 IST
12वीं कक्षा के छात्र ने लगायी फांसी, अस्पताल में ऑक्सीजन न मिलने से मौत, परिजनों ने किया हंगामा

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा/सिंगोड़ी। सिंगोड़ी स्थित केन्द्रीय जवाहर नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में मंगलवार सुबह बारहवीं के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि छात्र को जब फांसी के फंदे से उतारा गया, तो उसकी सांसे चल रही थीं। छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां ऑक्सीजन न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। छात्र ने किन परिस्थितियों में फांसी लगाई इसकी जांच पुलिस कर रही है।

अस्पताल में नहीं थे चिकित्सक-
प्राचार्य एमएल झारिया ने बताया कि न्यूटन चिखली निवासी 17 वर्षीय विवेक पिता कमल राय विज्ञान संकाय विषय से बारहवीं की पढ़ाई कर रहा था। रोजाना की तरह मंगलवार की सुबह सभी बच्चों के साथ नाश्ता कर विवेक परिसर में मौजूद स्कूल चला गया था। सुबह 11 बजे छुट्टी होने पर वह कक्षा से निकला और हॉस्टल पहुंचकर उसने पंखे में फंदा लगाकर फांसी लगा ली। जब उसे फंदे से उतारा गया तो उसकी सांस चल रही थी। स्टाफ की मदद से उसे तुरंत सिंगोड़ी अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सक नहीं मिले स्टाफ से भी कोई मदद नहीं मिली। जैसे-तैसे ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की गई तो वह शुरू नहीं हो पाया। आनन-फानन में विवेक को जिला अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सफाईकर्मी ने चीखा, बच्चा फांसी लगा रहा है-
स्टाफ ने बताया कि स्कूल के वक्त हॉस्टल के सामने के गेट मेें ताला लगा होता है। विवेक पिछले दरवाजे से हॉस्टल के अंदर पहुंचा था। जब विवेक फांसी लगाने का प्रयास कर रहा था। तभी हॉस्टल में सफाई कर रहे कर्मचारी राजेश की नजर उस पर पड़ी। राजेश ने चीखते हुए शिक्षकों को बुलाया और बताया कि कोई बच्चा फांसी लगा रहा है। जब तक सफाईकर्मी या शिक्षक वहां पहुंच पाते विवेक फंदे पर लटक गया था। शिक्षकों ने उसे फंदे से तुरंत उतारा। तब उसकी सांसे चल रही थी, लेकिन जिला अस्पताल लाते वक्त उसकी सांसें थम गई।

ऑक्सीजन मिलती तो शायद बच सकता था विवेक-
प्राचार्य श्री झारिया के मुताबिक यहां कोई चिकित्सक नहीं था। नर्स से बच्चे को ऑक्सीजन लगाने कहा गया, तो वह भी नहीं मिला। जैसे-तैसे ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था बनाई गई तो वह ऑपरेट नहीं हो पाया। आखिरकार विवेक को बिना ऑक्सीजन के जिला अस्पताल लाया जा रहा था। जिसने रास्ते में दम तोड़ दिया। शिक्षकों का कहना है कि यदि सिंगोड़ी में ऑक्सीजन मिल जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

बेटे की मौत की खबर सुनते ही बदहवाश हो गई मां-
विवेक की मां सुनीता राज और भाई विशाल जिला अस्पताल पहुंचे तो उन्हें नहीं पता था कि विवेक दम तोड़ चुका है। जब उन्हें पुलिस से इसकी जानकारी मिली कि अब विवेक नहीं रहा तो वह बदहवाश हो गए। रोती बिलखती सुनीता ने बताया कि विवेक को माइग्रेन की परेशानी थी, नागपुर में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन बीमारी इतनी बड़ी नहीं थी कि वह आत्महत्या कर ले। सिंगोड़ी चौकी प्रभारी जितेन्द्र यादव ने बताया कि विवेक ने पढ़ाई के प्रेशर, बीमारी से परेशान होकर या किसी अन्य वजह से जान दी है, पता लगाया जा रहा है।

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