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प्रद्युम्न मर्डर केस: नाबालिग छात्र पर चलेगा बालिग की तरह केस

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 21st, 2017 12:50 IST

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुरुग्राम के रेयान स्कूल में हुए प्रद्युम्न मर्डर केस में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बड़ा आदेश दिया है। बोर्ड ने कहा है कि इस मामले के नाबालिग आरोपी को बालिग माना जाएगा और बालिग की तरह बर्ताव करते हुए केस चलाया जाएगा। आपको बता दें कि इस मामले के आरोपी की उम्र 17 साल है और वह 11वीं का छात्र है।

प्रद्युम्न के पिता की याचिका

इस मामले में प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने जेजे बोर्ड के सामने याचिका लगाई थी कि आरोपी को बालिग मानकर उसके खिलाफ केस चलाया जाए। वरुण ठाकुर ने कहा था कि ऐसे अपराध वयस्क मानसिकता वाले ही कर सकते है। इसीलिए आरोपी को बालिग मानते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। और सजा भी इसी आधार पर दी जाए।

जेजे बोर्ड के इस आदेश पर पद्दुमन के पिता ने खुशी जताई है और कहा है कि आखिरी दम तक वो आरोपी को सजा दिलाने के लिए लड़ेंगे। 


नहीं दी जा सकती रियायत

इससे पहले 16 तारीख को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने मामले पर सुनवाई करते हुए अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। 11वीं में पढ़ने वाले छात्र ने कोर्ट में याचिका लगाई थी कि जबतक CBI उसके खिलाफ चार्जशीट दायर नहीं करती तब तक उसके साथ नाबालिग की तरह व्यवहार किया जाए और केस चलाया जाए। लेकिन आरोपी की इस याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। पिछली सुनवाई में आरोपी छात्र की जमानत याचिका को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया था। जेजे बोर्ड ने कहा था कि आरोपी छात्र को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती।

CBI ने लिए फिंगरप्रिंट

बोर्ड ने CBI को फिंगर प्रिंट लेने की इजाजत भी दी थी। सीबीआई की विशेष टीम मंगलवार को फिंगर प्रिंट लेने फरीदाबाद के बाल सुधार गृह पहुंची थी, जहां पर आरोपी छात्र को रखा गया है। अब सीबीआई आरोपी छात्र के फिंगर प्रिंट का मिलान स्कूल और अन्य जगहों पर जा कर करेगी।

ये है मामला

8 सितंबर को गुरुग्राम के रायन इंटरनेशल स्कूल के दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या कर दी गई थी। पद्युम्न की हत्या स्कूल के टॉयलेट में गला काटकर की गई थी। हरियाणा पुलिस की एसआईटी ने इस मामले में आनन-फानन में स्कूल के ही एक बस कंडक्टर को गिरफ्तार किया था। लेकिन, बाद में 22 सितंबर, 2017 को यह केस सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई के हाथ में आते ही केस ने एक नया मोड़ लिया। सीबीआई ने 7 नवंबर को स्कूल के ही 11वीं कक्षा के एक छात्र को इस केस में आरोपी बना कर सनसनी फैला दी थी।

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