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छाया हुआ है कान्वेंट कल्चर, जिप के 380 स्कूलों में 20 से भी कम स्टूडेंट

छाया हुआ है कान्वेंट कल्चर, जिप के 380 स्कूलों में 20 से भी कम स्टूडेंट

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सरकारी स्कूलों के डिजिटिलाइजेशन लेकर शिक्षा का स्तर सुधारने के सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद लोगों पर कान्वेंट कल्चर छाया हुआ है। यही वजह है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या दिनों-दिन कम होते जा रही है। जिला परिषद स्कूलों में विद्यार्थी संख्या बढ़ाना बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। इस चुनौती का सामना करने के लिए जिप स्कूलों में शालेय पोषण आहार, पुस्तकें, शालेय गणवेश के अलावा छात्राओं को उपस्थिति भत्ता दिया जाता है।

यही नहीं, जिप के 1000 स्कूल डिजिटल किए जा चुके हैं। इन स्कूलों में डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक पाठ पढ़ाए जाते हैं। इसके बावजूद विद्यार्थी संख्या बढ़ाने में जिला परिषद प्रशासन नाकाम रहा है। आलम यह है कि इस वर्ष जिला परिषद के 380 स्कूलों में विद्यार्थी संख्या 20 से भी कम हो गई है। इन स्कूलों का एक तो दूसरी स्कूल में समायोजन किया जा सकता है, या उसे बंद किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में उनका अस्तित्व खतरे में है। 

स्कूल बंद करने की गतिविधियां शुरू
20 से कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूल बंद करने या वहां से पास वाले स्कूलों में विद्यार्थियों का समायोजन करने की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। हाल ही में शिक्षण सचिव ने स्कूलों की पड़ताल कर 20 से कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। हालांकि शिक्षा विभाग का कहना है कि उन्हें इस संबंध में अभी तक कोई भी स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं।

सरकारी स्कूल बंद करने पर तुली सरकार
दो वर्ष पूर्व 20 से कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूल बंद करने का षडयंत्र रचा गया। राज्य के 1300 स्कूल बंद करने का फरमान जारी किया गया था। इसमें नागपुर जिला परिषद के 24 स्कूल बंद कर 200 विद्यार्थियों का अन्य स्कूलों में समायोजन किया गया था। अब 380 स्कूल बंद करने की नौबत आ गई है। जानकारों का मानना है कि निजी स्कूलों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्कूलों को बंद करने पर सरकार तुली है।

कम होते जा रहे स्टूडेंट्स 
दिन-ब-दिन सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी संख्या कम हो रही है। इसे रोकने के लिए विविध योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके बावजूद विद्यार्थी संख्या कम होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में जिला परिषद स्कूलों में विद्यार्थी संख्या की पड़ताल में 380 स्कूलों में 20 से कम विद्यार्थी बचने की जानकारी सामने आई है। इसमें 34 स्कूल तो ऐसे हैं, जहां 5 से कम विद्यार्थी हैं। 6 से 10 विद्यार्थी संख्या वाले 94 स्कूल हैं। वहीं 259 स्कूलों में 11 से 19 विद्यार्थी हैं। जिला परिषद के 1538 स्कूल हैं, जिसमें से 1168 स्कूलों में 20 से अधिक विद्यार्थी हैं। 
 

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