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सुषमा स्वराज ने किया खुलासा, इराक में लापता सभी 39 भारतीयों को ISIS ने मार डाला

March 20th, 2018 18:07 IST

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि इराक के मोसूल में लापता सभी 39 भारतीयों को मार दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी भारतीयों को आतंकी संगठन ISIS ने मार गिराया। राज्यसभा में उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने सभी लोगों के DNA सैंपल को इराक में भेजकर मैच करवाया, जिसमें सभी के मारे जाने की पुष्टि हुई है। सुषमा स्वराज के इस बयान के बाद 2 मिनट का मौन रखा गया। हालांकि बयान के बाद राज्यसभा में हंगामा भी हुआ, जिसके बाद सदन को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 

सभी लोगों को ISIS ने मार दिया : सुषमा स्वराज

मंगलवार को राज्यसभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इराक के मोसूल में लापता हुए सभी 39 भारतीयों के मारे जाने की जानकारी दी। उन्होंने राज्यसभा में कहा कि '27 जुलाई को मैंने राज्यसभा में मैंने कहा था कि जब तक कोई सबूत नहीं मिल जाता, मैं उनकी हत्या या मौत की घोषणा नहीं करूंगी, लेकिन आज वो समय आ गया है। हरजीत मसी की कहानी झूठी निकली। इराक के मोसूल में लापता सभी 39 भारतीयों को आतंकी संगठन ISIS ने मार डाला।' उन्होंने बताया कि 'इराक में जब वीके सिंह भारतीय अफसरों के साथ लापता लोगों को ढूंढ रहे थे, तो उन्होंने वहां डीप पेनीट्रेशन रडार की मांग की। इसके जरिए उन्हें जमीन के अंदर लोगों के दबे होने की बात पता लगी। लोगों के शवों को पहाड़ खुदवाकर बाहर निकलवाया गया। लोगों के कड़े मिले।'

सभी लोगों का DNA मैच हुआ

सुषमा स्वराज ने आगे बताया कि 'शवों को निकलवाकर उनका DNA टेस्ट कराया गया। सबसे पहले संदीप नाम के लड़के का पता चला। मंगलवार को बाकी 38 लोगों के DNA मैच होने का पता चला।' उन्होंने बताया कि 'शवों को इराक की राजधानी बगदाद भेजा गया, जहां उनका DNA टेस्ट किया गया। इस टेस्ट में 38 लोगों का DNA मैच हो गया, जबकि एक शख्स का DNA 70% तक मैच हुआ है।' उन्होंने बताया कि 'मारे गए लोगों में 31 लोग पंजाब के हैं और 4 लोग हिमाचल प्रदेश के हैं। इनमें से कुछ लोग बिहार और बंगाल के भी हैं।' उन्होंने आगे बताया कि 'जनरल वीके सिंह इराक में मारे गए भारतीयों के शव को भारत वापस लाने के लिए जाएंगे। जिस फ्लाइट से शव लाए जाएंगे, वो पहले अमृतर जाएगा, फिर पटना और फिर कोलकाता जाएगा।'

मुस्लिम बताकर IS के चंगुल से बचा युवक

सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में बताया कि हरजीत मसीह नाम के युवक ने खुदको मुस्लिम बताया और इस तरह से वो IS के चंगुल से बचने में कामयाब हुआ। स्वराज ने बताया 'हरजीत मसीह ने अपना नाम बदलकर अली कर लिया और बांग्लादेशियों के साथ इराक के इरबिल पहुंचा, जहां से उसने मुझे फोन किया था। उसने फोन कर बताया कि ISIS के आतंकियों ने सभी भारतीयों को एक टेक्सटाइल कंपनी में भेजने को कहा था। उसके साथ कुछ बांग्लादेशी युवा भी थे। यहां पर उन्होंने भारतीयों और बांग्लादेशियों को अलग-अलग रखने को कहा, लेकिन हरजीत मसीह ने अपना नाम बदलकर अली बताया और बांग्लादेशियों में शामिल हो गया। यहां से वो इरबिल पहुंचा।' स्वराज ने बताया कि इरबिल से हरजीत किसी तरह कंपनी पहुंचा और भारत आया। 

हरजीत ने क्या बताया था

IS के चंगुल से बचकर निकलने वाले हरजीत मसीह ने भी बताया था कि सभी भारतीयों को IS ने मार दिया है। हरजीत ने बताया था कि '50 बांग्लादेशियों और 40 भारतीयों को उनकी कंपनी की बसों में भरकर IS के आतंकी किसी पहाड़ी पर लगे गए और फिर हम सभी को किसी दूसरे ग्रुप के हवाले कर दिया। वहां आतंकियों ने सभी को दो दिनों तक अपने कब्जे में रखा।' उसने बताया था कि 'एक दिन हम सभी को लाइन में खड़ा होने को कहा गया और सभी से मोबाइल-पैसे ले लिए गए। इसके बाद उन्होंने 2-3 मिनट तक गोलियां चलाईं। मैं बीच में खड़ा था। मेरे पैर पर गोली लगी और मैं नीचे गिरकर चुपचाप लेट गया। बाकी सभी लोग मारे गए थे।' हरजीत ने बताया था कि वो किसी तरह वहां से भागने में कामयाब हुआ। 

2014 में लापता हुए थे 40 भारतीय

जून 2014 में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के इराक के मोसुल शहर में कब्जा करने के बाद 40 लोग लापता हो गए थे। इनमें से हरजीत मसीह को बांग्लादेशी नागरिक अली बताकर वापस भेज दिया गया था, जबकि 39 लोग ISIS के चंगुल में ही थे। ये सभी लोग मोसुल में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे। 39 भारतीयों के साथ-साथ 50 बांग्लादेशियों को भी किडनैप कर लिया गया था। बता दें कि इससे पहले तक उम्मीद थी कि सभी लोग इराक में किसी जेल में बंद हो सकते हैं।

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