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हिस्लॉप कॉलेज के 43 स्टूडेंट्स फेल, बोर्ड से शिकायत

July 27th, 2017 16:31 IST
हिस्लॉप कॉलेज के 43 स्टूडेंट्स फेल, बोर्ड से शिकायत

दैनिक भास्कर न्यूज़ डेस्क, नागपुर. शहर के सिविल लाइंस स्थित हिस्लॉप कॉलेज के 43 विद्यार्थी 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में फेल हो गए हैं। विद्यार्थियों ने बोर्ड में जो शिकायत की है उसके मुताबिक उन्हें पर्यावरण विज्ञान पेपर में फेल दिखाया गया है। जबकि मार्च महीने में कॉलेज में उन्होंने अपना प्रोजेक्ट जमा करके एक्सटर्नल के सामने "वाइवा' दिया था। इन्हीं फेल विद्यार्थियों में कुछ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी भी शामिल हैं। कॉलेज की एक छात्रा को नीट परीक्षा में 720 में से 400 अंक मिले हैं। यहीं नहीं, उसे 12वीं में कुल मिला कर 90 प्रतिशत अंक हासिल हुए हैं। महज पर्यावरण विज्ञान विषय के पेपर में अनुपस्थित दर्शाए जाने से वह फेल हो गई है। इस वर्ष उसका मेडिकल में प्रवेश का सपना चकनाचूर हो गया है। ऐसे कई विद्यार्थी हैं, जिन्होंने परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया है, मगर पर्यावरण विज्ञान विषय में वे फेल हो गए हैं।

काट रहे बोर्ड ऑफिस के चक्कर 
बोर्ड ऑफिस में इन दिनों कई विद्यार्थी चक्कर काट रहे हैं। विद्यार्थियों का दावा है कि उन्होंने कॉलेज में जाकर इंटरनल परीक्षा दी थी, लेकिन उन्हें अनुपस्थित दिखा कर फेल किया गया है। इंटरनल परीक्षा तो कॉलेज में ही होती है, बोर्ड अपना एक्सटर्नल कॉलेज में भेजता है। परीक्षा के दौरान बोर्ड अपनी "एटेंडेंस शीट' कॉलेज में भेजता है। इसी शीट में विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करके विद्यार्थियों और उनके पालकों ने जानकारी दी गई कि इस बार कॉलेज की जो शिक्षिका परीक्षा के दौरान कक्ष में तैनात थीं, वह नई थीं। उन्होंने विद्यार्थियों से 'वाइवा' पूरा होने के बाद अटेंडेंस शीट पर हस्ताक्षर नहीं लिए। परिणामस्वरूप विद्यार्थी परीक्षा में अनुपस्थित दिखाए गए।

कॉलेज से मांगा स्पष्टीकरण
बोर्ड सचिव पी.आर.पवार ने कहा है कि विद्यार्थियों के फेल होने में बोर्ड की नहीं कॉलेज की गलती है। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के फेल होने की जानकारी जब उन्हें मिली, तो उन्होंने कॉलेज से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिणाम में कोई गलती नहीं हुई है, विद्यार्थियों के अनुपस्थित होने का रिकार्ड मिला, इस आधार पर परिणाम तैयार किए गए। उन्होंने बताया कि अब विद्यार्थियों के पास एक ही विकल्प है। वे अपने कॉलेज से परीक्षा में उपस्थिति का पत्र लिखवा कर लाएं, तो बोर्ड उनके परिणाम में सुधार कर सकता है। एक छात्रा का परिणाम ऐसे ही स्वीकारा गया है।

प्रिंसिपल का दावा, परिणाम सही है
इस मामले में हमने कॉलेज का पक्ष जानने के लिए प्राचार्य डॉ.दीप्ति क्रिश्चयन से संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि कॉलेज का परिणाम सही है, उनकी ओर से कोई गलती नहीं हुई। जो विद्यार्थी अनुपस्थित थे, उन्हें ही अनुपस्थित दिखाया गया है।

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