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रनिंग टेंडर में दूसरे ठेकेदार का काम दिखाकर कर दिया 5 लाख का भुगतान

रनिंग टेंडर में दूसरे ठेकेदार का काम दिखाकर कर दिया 5 लाख का भुगतान

डिजिटल डेस्क,कटनी। जल संसाधन विभाग के द्वारा बनाए गए देवरी हटाई जलाशय के टेंडर में शामिल दो जी टाईप क्वाटरों के निर्माण में राशि की बंदरबाट करने नियम विरुद्ध  पांच लाख का भुगतान किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री के द्वारा देवरी हटाई जलाशय के रनिंग टेंडर के बीच दूसरे ठेकेदार को काम करने की स्वीकृति देकर पांच लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया है। जबकि टेंडर की शर्तो के मुताबिक जलाशय निर्माण करने वाले ठेकेदार को ही दो जी टाइप के क्वाटरों का निर्माण कार्य पूर्ण करना था। टेंडर पूर्ण होने के पहले क्वाटर निर्माण के नाम पर की गई घपलेबाजी की शिकायत कलेक्टर से की गई है। दुबे कालोनी निवासी एस.एन. गुप्ता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि कार्यपालन यंत्री के द्वारा अपने करीबी ठेकेदार को उपकृत करने के लिए रनिंग टेंडर के बीच वर्क आर्डर जारी कर दोनों क्वार्टरों में वाटर सप्लाई, इलेक्ट्रिफिकेशन और फर्श का कार्यकराने के नाम पर राशि का भुगतान किया गया। जबकि यह कार्य ठेकेदार की निविदा शर्तो में शामिल था।

यह है मामला

देवरी हटाई जलाशय के निर्माण का वर्क आर्डर 10 दिसम्बर 2012 को जारी किया गया था। संबंधित ठेकेदार के द्वारा उक्त कार्य पूर्ण करने में करीब सात साल लग गए। जलाशय निर्माण के टेंडर व एग्रीमेंट में संभागीय कार्यालय कटनी में दो जी टाइप क्वार्टरों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना शामिल था। ठेकेदार को जलाशय व क्वार्टर निर्माण के लिए मार्च 2019 तक अनुबंध बढ़ाया गया। कार्य पूर्ण होने पर चार करोड़ 11 लाख का भुगतान मार्च 2019 तक किया गया लेकिन अनुबंध पूर्ण होने के पहले गत वर्ष सितम्बर - अक्टूबर महीने में चहेते ठेकेदार को वर्क आर्डर जारी कर पांच लाख रुपए का भुगतान
भी कर दिया गया। जो नियमों को दरकिनार कर किया गया है।

मुरूम सप्लाई में घपलेबाजी

संभागीय कार्यालय में मुरूम डालने के लिए सुरखी पोड़ी जलाशय से मुरूम का खनन किया गया। विभागीय जलाशय से मुरूम खनन करने के बाद टे्रक्टर से परिवहन करते हुए कार्यालय भेजी गई। जिसमें केवल परिवहन का किराया दिया जाना था लेकिन चहेते ठेकेदार को कार्यपालन यंत्री के द्वारा मुरूम  रिवहन
की वजह लाखों रुपए का भुगतान कर राशि की बंदरबाट करने के आरोप लगाए गए है। शिकायत में कहा गया है कि नियमों को तोड़कर पांच हजार से कम राशि के आर्डर देकर निविदा से बचने के लिए ठेकेदार को उपकृत करने वाले अधिकारी के द्वारा एक ही ठेकेदार को लगातार नियम विरुद्ध राशि का भुगतान किया जा रहा है। मामले की जांच और कार्यवाही की मांग की गई है। 

इनका कहना है

जलाशय के साथ जी टाइप क्वार्टरों के निर्माण का टेंडर रनिंग में था लेकिन उसमें दोनों क्वार्टरों में इलेक्ट्रिफिकेशन, वॉटर सप्लाई के साथ फ्लोरिंग का कार्य शामिल नहीं था। जिसे दूसरे ठेकेदार से कराया गया है।इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मुरूम सप्लाई का बिल भुगतान भी नियमो के तहत किया गया है। -आर.के. खुराना,ईई डब्ल्यूआरडी
 

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