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मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़ा गया सात करोड़ का सोना, फर्जी बीमा पॉलिसी बेचने वाले सीईओ सहित 3 गिरफ्तार

BhaskarHindi.com | Last Modified - February 13th, 2019 22:12 IST

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मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़ा गया सात करोड़ का सोना, फर्जी बीमा पॉलिसी बेचने वाले सीईओ सहित 3 गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, मुंबई। एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) ने मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से करीब सात करोड़ रुपए के सोने के बिस्किट जब्त किए हैं। बरामद सोना दुबई से तस्करी के जरिए लाया जा रहा था। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को एआईयू अधिकारियों ने शक के आधार पर दुबई से मुंबई पहुंचे एक यात्री की छानबीन के दौरान तस्करी का सोना बरामद किया। आरोपी के पास से सोने के 44 बिस्किट जब्त किए गए। हर बिस्किट का वजन 500 ग्राम था। बरामद सोने की कुल कीमत 6 करोड़ 74 लाख 48 हजार 260 रुपए है। खबर लिखे जाने तक एआईयू अधिकारी मामले में गिरफ्तार यात्री से पूछताछ में जुटे हुए थे।  

फर्जी बीमा पॉलिसी बेचने के मामले में सीईओ सहित तीन पकड़े गए

मुंबई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भांडाफोड़ किया है जो दुपहिया वाहनों की फर्जी बीमा पालिसी (इंश्यूरेंस पॉलिसी) बेंचकर लोगों को चूना लगाता था। मामले में फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी के सीईओ समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने 1 हजार से ज्यादा लोगों को 36 लाख रुपए से ज्यादा का चूना लगाया है। अपराध शाखा की यूनिट तीन ने सीनियर इंस्पेक्टर संजय निकुंबे की अगुआई में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि वन पॉइंट सोल्यूशन्स (ओपीएस) जनरल इंश्यूरेंस नाम की कंपनी के जरिए लोगों को फर्जी इंश्यूरेंस पॉलिसी बेची जा रही है। मामले की जांच करते हुए पुलिस कंपनी में बतौर सुपरवाइजर काम करने वाले गजानन पाटील पर शिकंजा कसा। मुंबई के लोअर परेल इलाके में रहने वाला पाटील ही ग्राहक खोजकर उन्हें बेहद कम कीमत पर इंश्यूरेंस पॉलिसी खरीदने का लालच देता था। कर्नाटक के बेलगांव में ऑफिस खोलकर यह फर्जीवाडा कर रहे कंपनी के सीईओ प्रशांत सुतार और सीईओ इनायत अब्दुल बेद्रेकर को भी पुलिस की टीम ने दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के ऑफिस से तीन कंप्यूटर, विभिन्न कंपनियों के 306 फर्जी इंश्यूरेंस, कंपनियों की नकली मुहर समेत कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। छानबीन में खुलासा हुआ है कि आरोपी पिछले डेढ़ सालों से ठगी का यह गोरखधंधा कर रहे थे और एक हजार से ज्यादा लोगों को फर्जी इंश्यूरेंस पॉलिसी बेंचकर चूना लगा चुके हैं।

ऐसे करते थे ठगी

पुलिस के मुताबिक पाटील पहले दूसरी इंश्यूरेंस कंपनियों में काम कर चुका था। वहां से अपने संपर्कों के जरिए वह उन लोगों से जुड़ी जानकारी इकठ्ठा करता जिनके वाहनों की इंश्यूरेंस पॉलिसी खत्म होने वाली होती। इसके बाद पाटील उनसे संपर्क करता और पहले के कम पैसे में घर बैठे नई पॉलिसी देने का वादा करता। इसके बाद वह पॉलिसी से जुड़ी जानकारी कर्नाटक में बैठे दूसरे आरोपियों तक पहुंचाता जहां कंप्यूटर की मदद से इश्यूरेंस कंपनियों के नाम पर फर्जी रसीद तैयार की जाती। यह रसीद पाटील लोगों के घर तक पहुंचाकर पैसे ले लेता। पुलिस ने ठगी के शिकार हुए कुछ लोगों से संपर्क किया है और उनकी शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।  

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