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लॉकर से निकले रिश्वत के 72 लाख नगद, कोलमाइंस के मैनेजर की सम्पत्ति ढाई करोड़ के पार 

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 13th, 2018 15:10 IST

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लॉकर से निकले रिश्वत के 72 लाख नगद, कोलमाइंस के मैनेजर की सम्पत्ति ढाई करोड़ के पार 

डिजिटल डेस्क, सिंगरौली (वैढ़न)। जयंत परियोजना के सीनियर मैनेजर सिविल शैलेन्द्र पसारी का मायाजाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीबीआई की रिमांड में चल रही इंक्वायरी के बाद एक बड़े खुलासे के आसार बनते जा रहे हैं। हालांकि अभी इस मामले में दावा तो नहीं किया जा रहा है, लेकिन सूत्रों की मानें तो पसारी के लॉकर ने 72 लाख रुपए की नगदी उगली है। जिसमें तकरीबन 33 हजार रुपए के 1000-500 वाले पुराने नोट (मुद्रा से बाहर हो चुके) भी शामिल हैं। जिससे यह अभी तक मिली कुल सम्पत्ति ढाई करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है।

सीबीआई रेड की गिरफ्त में आए पसारी को लेकर चर्चा है कि नोटबंदी के दौरान से ही उन्होंने अपने चहेतों का काला धन सफेद करने की जुगत लगाई थी, लेकिन मौका न मिलने के कारण पुराने हो चुके नोट नए नहीं हो पाए थे। जयंत परियोजना में सिविल विभाग से जुड़े सूत्र भी इस प्रकार की चर्चाओं पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है। दूसरी तरफ सीबीआई भी गुपचुप तरीके से कार्य कर रही है। जिससे निकलकर कुछ बाहर नहीं आ पा रहा है।

ज्ञात हो कि पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर चल रहे रंगेहाथ पकड़े गए पसारी से पहले ही दिन 27 लाख रुपए की नगदी और लगभग सवा करोड़ की प्रॉपर्टी के दस्तावेज बरामद हुए थे। जिसके बाद उन्हें सीबीआई अपने साथ लेकर जबलपुर गई और सीबीआई कोर्ट से रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।  

मुख्यालय तक में हड़कंप 
इस इन्क्वायरी में भले ही सीबीआई कुछ खुलासा करे, लेकिन एनसीएल के सिविल महकमे में परियोजना से लेकर मुख्यालय तक हडक़म्प की स्थिति जरूर बनी हुई है। कई लाख के कार्य परियोजना स्तर से और कई लाख तक के काम एडवांस में करा लिए जाने की आसान परंपरा से भी एनसीएल में बड़े भ्रष्टाचार का खेल कि या जाना बताया जा रहा है। यह अलग बात है कि इस खेल की पूरी पृष्ठभूमि इंजीनियरिंग असिस्टेंट से सीनियर और विभाग के प्रमुख तक की संलिप्तता में रची जाती है। ऐसे सिविल कार्यों में खासतौर से मेंटेनेंस और प्री-मानसून कार्यों को माना जाता है। इन्हीं कार्यों के निपटाने और बिलिंग कर कैश कराने तक में भारी लेनदेन के मामले सामने आते हैं। 

दो दिन में हो जाएगा खुलासा
सीबीआई जिस प्रकार सम्पत्ति से जुड़े मामलों की खोज खबर ले रही है। उससे यही माना जा रहा है कि पसारी के साथ कई अन्य आफिसर भी सीबीआई की पूछताछ का हिस्सा बन सकते हैं। जिनके जद में आने से मामला करोड़ों की बेनामी और आय से अधिक सम्पत्ति हासिल करने का बन सकता है। रिमांड अवधि तक सीबीआई अपनी जांच पूरी कर लेना चाहती है, जिसके लिए पंसारी के बैंक एकाउंट, बैंक लॉकर और अन्य प्रकार की चल सम्पत्तियों पर नजर रखी जा रही है। 15 सितम्बर को सीबीआई अपनी रिपोर्ट के साथ पुन: आरोपी सीनियर मैनेजर को कोर्ट में प्रस्तुत करेगी। उसके बाद ही उन पर अगली कार्रवाई का निर्धारण किया जा सकेगा।
 

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