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तराई में सामने आई 2 फरार वारंटियों की नई गैंग

December 06th, 2018 15:10 IST
तराई में सामने आई 2 फरार वारंटियों की नई गैंग

डिजिटल डेस्क, सतना। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमा से लगे तराई अंचल में 2 फरार वारंटियों का एक नया गिरोह सामने आया है। गिरोह में फिलहाल 4 सदस्य बताए जा रहे हैं। बरौंधा थाना इलाके के पोखरिया का भोला यादव गिरोह का सरगना है। भोला के खिलाफ हत्या जैसे संगीन जुर्म के 3 अपराधों पर स्थाई वारंट हैं। बताया जाता है कि छोटे से गिरोह का सरगना भोला यादव इससे पहले 5 सदस्यीय एक सजातीय गिरोह के लिए काम करता था। बाकी सदस्य अभी जेल में हैं, लेकिन जमानत पर बाहर आया भोला यादव फरार हो गया। इस गिरोह का दूसरा सदस्य दादू भाई उर्फ पाटीदार गोंड़ बरौंधा थाना क्षेत्र के ही तेलाई चुआ का रहने वाला है। नवंबर माह में गांव में ही एक हत्या करने के बाद से फरार इस आरोपी के विरुद्ध वारंट है। गैंग के 2 अन्य सदस्य अभी अज्ञात हैं।

चौकीदार को पकड़ कर छोड़ा
पुलिस ने बताया कि 2 फरार वारंटियों का 4 सदस्यीय  गिरोह पहली बार पिछले माह उस वक्त नजर में आया जब फिरौती के लिए एक शिक्षक को पकडऩे चहला नाला में छिपे डकैतों ने वन समिति के चौकीदार का अपहरण कर लिया । चहलानाला  पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र में स्थित है। हालंाकि बाद में ये पकड़ डकैतों ने स्वैच्छा से छोड़ दी थी।

बंगीपुरवा के जंगल में मिली थी लोकेशन  
पुलिस ने बताया कि पिछली रात को फरार वारंटियों के इस गैंग की टावर लोकेशन बंगीपुरवा के जंगल में मिली थी। एडीशनल एसपी गौतम सोलंकी  के निर्देश पर बरौधा और बृजपुर थानों की 20 सदस्यीय सशर्त फोर्स मौके पर भेजी गई । संयुक्त आपरेशन के तहत दोनों जिलों की पुलिस ने बंगीपुरवा से चहला नाला तक तलाश की लेकिन गिरोह तब तक ठिकाना बदल चुका था।

स्कार्पियो मामले के 4 अन्य आरोपी भी चिन्हित
व्यंकट-वन स्कूल के मेनगेट में स्कार्पियो भिड़ा कर हंगामा खड़ा करने की कोशिश के 6 में से 4 अज्ञात आरोपियों को भी पुलिस ने चिन्हित कर लिया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में नईबस्ती निवासी शैलेन्द्र कुशवाहा , अबेर निवासी हेमराज कुशवाहा, पगारकला निवासी सोनू कुशवाहा और बरदाडीह निवासी सत्यप्रकाश सिंह का नाम सामने आया है। पुलिस को इन फरार आरोपियों की तलाश है। इस मामले में रुद्र सिंह कुशवाहा निवासी अबेर और पतौरा निवासी प्रमोद यादव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपियों के विरुद्ध आईपीसी के सेक्सन 511, 457, 506, 294, 188 और 151 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

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