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बाघ का निवाला बना मवेशी बचाने गया चरवाहा, घुनघुटी रेंज की घटना

June 25th, 2018 15:43 IST
बाघ का निवाला बना मवेशी बचाने गया चरवाहा, घुनघुटी रेंज की घटना

डिजिटल डेस्क, उमरिया। घुनघुटी रेंज के काचोदर इलाके में बाघ ने फिर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। काचोदर मालाचुआ रोड से लगे जंगल में एक चरवाहे का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है। शव के कमर का निचला हिस्सा गायब, हाथ व पैर अलग-अलग मिले हैं। मौके पर मृत अधेड़ के शरीर में पंजे के निशान, घसीटने, खून के छीटे पाए गए, जिसके माध्यम से उसकी शिनाख्त मोहे लाल पिता मायाराम (50) निवासी पनवारी के रूप में हुई। समीप ही मवेशी की लाश भी मिली। माना जा रहा है कि पहले बाघ ने मवेशी को निशाना बनाया, फिर चरवाहे पर टूट पड़ा। घटना के बाद से आसपास के गांव में दहशत का माहौल है। वन अमला सुबह से अपनी अलग-अलग टीमों के साथ घेराबंदी किए हुए हैं।

ऐसे हुई घटना
वन विभाग के मुताबिक मोहे लाल बैगा शनिवार सुबह घर से मवेशी चराने जंगल गया था। घुनघुटी रेंज कोचादर बीट कक्ष क्रमांक आरएफ 299 के बेढर डोंगरी में बैठकर आराम कर रहा था। इसी दौरान बाघ ने एक बैल पर हमला कर दिया। जंगल में मवेशियों की भगदड़ मच गई। इस बीच मोहे लाल गाय को बचाने बाघ के काफी नजदीक पहुंच गया। आक्रामक बाघ ने मवेशी छोड़ उस पर ही हमला कर दिया और जबड़े में दबाकर आसपास घसीटते हुए घनघोर जंगल की तरफ चला गया।



इस बीच देर शाम तक चरवाहे के घर न लौटने पर परिजनों को अनहोनी का आशंका हुई। रात में ही गांव के सरपंच सहित दर्जनों लोग टार्च व मशाल लेकर तलाश में निकल गए। सुबह अधेड़ का क्षत विक्षत शव बेढर डोंगरी जंगल में पाया गया। शव को पुलिस व वन विभाग के रेंजर, एसडीओ की उपस्थिति में बिरसिंहपुर पाली पीएम के लिए लाया गया है।

अधेड़ के समीप ही मिला मवेशी का शव
घटना स्थल मालाचुआ पहुंच मार्ग से महज सौ मीटर की दूरी पर था। मृतक के समीप ही लोगों को मवेशी मिला है। वन अमले के मुताबिक इस मार्ग पर एक बाघ व शावकों का मूवमेंट है। इन्हें अक्सर मार्ग के आसपास देखा जा चुका है। एहतियातन तौर पर एसडीओ ने रेंजर व उनकी एक टीम को गांव में मुस्तैद रहने के लिए कहा है। घटना के बाद से मालाचुआ के साथ ही आसपास के अन्य गांव में फिर से बाघ की दहशत फैल गई।

इनका कहना है
ग्रामीणों की सूचना पर हमे मोहे लाल व एक मवेशी का शव बुरी हालत में मिला है। मृतक के परिजनों को प्राथमिक सहायता के लिए 10 हजार रुपए दिए गए हैं। शेष चार लाख की राशि एक सप्ताह में दे दी जाएगी।
राहुल मिश्रा, एसडीओ फारेस्ट बिरसिंहपुर पाली।

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