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आमिर खान बोले- पैरेन्ट्स को बच्चों के मोटापे के बारे में समझ होनी चाहिए

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 05th, 2019 00:03 IST

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आमिर खान बोले- पैरेन्ट्स को बच्चों के मोटापे के बारे में समझ होनी चाहिए

News Highlights

  • बच्चों के मोटापे को लेकर तैयार की गई वेबसाइट को आमिर खान ने किया लॉच।
  • आमिर ने कहा कि हम जैसा खाएंगे, वैसे ही बनेंगे।
  • हम स्वस्थ भोजन खाने की आदत डालेंगे तो समाज में मोटापे की समस्या कम हो सकेगी।


डिजिटल डेस्क, मुंबई। अभिनेता आमिर खान ने कहा कि यह बहुत अजीब बात है कि एक तरफ हमें बच्चों के कुपोषण का सामना करना पड़ रहा है दूसरी ओर मोटापे की समस्या हमारे सामने है। आमिर ने कहा कि हम जैसा खाएंगे, वैसे ही बनेंगे। इसलिए हम स्वस्थ भोजन खाने की आदत डालेंगे तो समाज में मोटापे की समस्या कम हो सकेगी। ओबेसिटी सर्जन डॉ. संजय बोरुडे के प्रयास से बच्चों के मोटापे को लेकर तैयार की गई वेबसाइट को लॉच किया गया। इस मौके पर अभिनेता आमिर खान ने ये बात कही।

बच्चों के मोटापे के बारे में समझ होनी चाहिए
आमिर खान ने कहा, मैं अपने बच्चों को यह हमेशा बोलता हूं कि जो बात मुझे 40- 45 साल समझने में लगे उसको मैं आप लोगों को 18 साल में सिखाऊंगा। उन्होंने कहा कि हमें बच्चों के मोटापे के बारे में समझ होनी चाहिए। यदि पहले से इसको समझ लेंगे तो हम इससे बच सकते हैं। यह बात मुझे काफी सालों बाद समझ में आई। आमिर ने कहा कि बच्चों के मोटापे को कम करने के लिए ऑपरेशन अंतिम विकल्प होता है। इसलिए कोशिश होनी चाहिए कि बच्चों को सही आहार व आदतों के जरिए इस पर काबू पाया जा सकता है।

मोटापे की चपेट में हैं 22 फीसदी बच्चे
वेबसाइट लॉन्च के मौके पर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री गिरीष महाजन भी मौजूद थे। मंत्री महाजन ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार देश में लगभग 22 प्रतिशत बच्चे मोटापे से ग्रस्त हैं। दिन प्रति दिन अब बच्चों में भी मोटापे की समस्या बढ़ रही है। मोटापा केवल खाने से नहीं बल्कि अन्य कारणों से भी होता है। लेकिन समय पर इलाज से संभावित खतरे को टाला जा सकता है।

महाजन ने कहा कि मोटापे के कारण कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है। मोटापे के कारण कैंसर, मधुमेह, ह्दयरोग जैसी बामरी लोगों को हो रही है। भारत मधुमेह की फैक्ट्री बन गया है। विश्व भर में सबसे अधिक मधुमेह के मरीज भारत में हैं। मेडिकल शिक्षा मंत्री महाजन ने कहा कि आजकल बच्चे मैदानी खेल से दूर हो गए हैं। पढ़ाई के दबाव के बाद मिलने वाले समय में बच्चे मोबाइल और कम्प्यूटर के इस्तेमाल में लगाते हैं।

महाजन ने कहा कि पुणे में मेरी लड़की का डेढ़ साल का बेटा रहता है। वह मोबाइल में देखे बिना खाना ही नहीं खाता है। महाजन ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के माध्यम से सरकारी अस्पतालों में 300 लोगों का मोटापे का ऑपरेशन कराया जा चुका है। महाजन ने कहा कि मोटापे की बीमारी से ग्रसित लोगों को सरकार और सीएसआर से मदद की जाएगी।

वेबसाईट से मिलेगी सलाह
डॉ बोरुडे ने कहा कि वेबसाइट के माध्यम से बच्चों को मोटापे की बीमारी से बचने के बारे में उचित सलाह दी जाएगी। वेबसाइट के जरिए डॉक्टर और मरीज दोनों बातचीत कर सकेंगे। डॉ बोरुडे ने कहा कि वेबसाइट के माध्यम से मरीज को सलाह और मार्गदर्शन मुफ्त में दिया जाएगा और उनका कम पैसों में इलाज किया जाएगा। बच्चों के मोटापे के बारे में www.childobesity.in वेबसाइट पर जाकर मदद ली जा सकती है।

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