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आरुषि मर्डर केस: इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी CBI

December 23rd, 2017 00:15 IST
आरुषि मर्डर केस: इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी CBI

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आरुषि-हेमराज मर्डर केस में कुछ सप्ताह पहले ही इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तलवार दंपत्ति को बरी किया था। अब इस मामले में फिर नया मोड़ आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला लिया है। CBI के एक अधिकारी का कहना है कि साल खत्म होने से पहले-पहले CBI हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी।

इससे पहले हेमराज की पत्नी खुमकला बंजाडे ने भी सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि इस दोहरे हत्याकांड में हाई कोर्ट ने किसी को दोषी नहीं ठहराया। ऐसे में वास्तविक हत्यारा खुले में घुम रहा है। इसलिए जांच एजेंसी को सही हत्यारों का पता लगाना चाहिए।

बता दें कि 12 अक्टूबर को इलाहबाद हाई कोर्ट ने तलवार दंपति को संदेह का लाभ देते हुए उनकी 14 वर्षीय बेटी और नौकर हेमराज की हत्या में बरी कर दिया था।  दोनों की हत्या नोएडा के जलवायु विहार इलाके में मई 2008 में की गई थी। 16 मई, 2008 को आरुषि को उसके बेडरूम में मृत पाया गया था। उसका गला रेतकर हत्या की गई थी। शुरुआत में घरेलू नौकर 45 वर्षीय हेमराज पर ही आरुषि के मर्डर का शक था, लेकिन अगले ही दिन जलवायु विहार के उसी मकान की छत पर हेमराज का भी शव मिला। इस हत्याकांड में नोएडा पुलिस ने 23 मई को डॉ राजेश तलवार को बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने भी अपनी जांच में तलवार दंपति को दोषी पाया था।

इस मामले में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने आरुषि और हेमराज की हत्या के मामले में डॉ. राजेश तलवार और नुपुर तलवार को 26 नवंबर, 2013 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तलवार दंपति ने सीबीआई अदालत की ओर से आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने  तलवार दंपति को संदेह का लाभ देते हुए हाल ही में बरी कर दिया था।

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