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हौज खास गैंगरेप का मुख्य आरोपी ‘गुरु आशु महाराज’ हिरासत में

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 13th, 2018 18:34 IST

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हौज खास गैंगरेप का मुख्य आरोपी ‘गुरु आशु महाराज’ हिरासत में

News Highlights

  • हौज खास गैंगरेप के आरोपी गुरु आशु महाराज को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है।
  • आसिफ मोहम्मद ही नाम बदलकर ज्योतिष गुरु बना आशु महाराज बना था।
  • अब यह मामला क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर हो चुका है।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हौज खास गैंगरेप के आरोपी गुरु आशु महाराज को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ मामला साउथ दिल्ली के हौज खास थाने में दर्ज है और उसे पकड़ा शाहदरा जिला के ATS ने है, इसलिए पकड़े जाने के बाद भी उसकी गिरफ्तारी को लेकर संशय बना हुआ है। फिलहाल पुलिस अधिकारी न तो इसकी गिरफ्तारी की पुष्टि कर रहे हैं और न ही इससे इनकार कर रही है। बता दें कि आसिफ मोहम्मद ही नाम बदलकर ज्योतिष गुरु आशु महाराज बना था।

जानकारी के अनुसार शाहदरा डिस्ट्रिक्ट के ATS ने सूचना के आधार पर आसिफ मोहम्मद उर्फ आशु महाराज को गाजियाबाद से खोजा। इसके बाद उसे शाहदरा लाया गया, क्योंकि आशु के खिलाफ हौज खास थाने में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज है और शिकायतकर्ता अदालत के समक्ष 164 के बयान दर्ज करवा चुकी है, इसलिए कानून की नजर में आशु आरोपी है। अब यह मामला क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर हो चुका है।

बता दें कि शाहदरा डिस्ट्रिक्ट पुलिस के एक आला अधिकारी ने अनौपचारिक बातचीत में आशु महाराज के पकड़े जाने की पुष्टि की लेकिन यह भी कहा कि उसकी गिरफ्तारी को लेकर अभी विचार-विमर्श चल रहा है।

गौरतलब है कि एक महिला ने हौज खास में रहने वाले आशु महाराज पर गैंगरेप, अप्राकृतिक यौनाचार और नाबालिग बेटी के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया था। पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।

कैसे पंचर बनाने वाला बना आशु महाराज?
आशु बाबा नाम बदलकर लोगों की आंखों में धूल झोंक रहा था। उसका असली नाम आसिफ मोहम्मद है, जो पंचर बनाने का काम करता था। नाम बदलकर वह आशु भाई बन गया और लोगों का भविष्य बताने का काम यानी ज्योतिषि का काम करने लगा। 1990 से वह उत्तरी दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में ज्योतिषी के तौर पर काम करने लगा। देखते ही देखते उसके तमाम अनुयायी हो गए थे। उसने दिल्ली के पॉश इलाके हौज खास में अपना एक बड़ा आश्रम भी बनाया है।

कुछ समय बाद आसिफ खान ने अपनी दुकान बंद कर दी और नाम कमाने के लिए टेलीविजन चैनलों के संपर्क में आया। टीवी कार्यक्रमों में वह लोगों के बैड लक को खत्म करने का दावा किया करता था। सोमवार को पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद से ही आसिफ खान फरार चल रहा था। आशु भाई पर एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं।

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