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सोशल मीडिया पर सस्ते में बैग खरीदने के चक्कर में ठगे गए एक्टर परचुरे, जानिए मुंबई की क्राइम रिपोर्ट

सोशल मीडिया पर सस्ते में बैग खरीदने के चक्कर में ठगे गए एक्टर परचुरे, जानिए मुंबई की क्राइम रिपोर्ट

डिजिटल डेस्क, मुंबई। फेसबुक मार्केटप्लेस पर कीमती बैग पर भारी छूट देखकर उसे खरीदने की कोशिश अभिनेता अतुल परचुरे को मंहगी पड़ गई। 42 हजार रुपए से ज्यादा कीमत की बैग सिर्फ 17 हजार में खरीदने के चक्कर में अभिनेता ने ठगों के हाथों पैसे गंवा दिए। अब परचुरे ने मामले में दादर पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। ‘आरके लक्ष्मण की दुनिया’, ‘कामेडी नाइट्स विथ कपिल’, ‘बड़ी दूर से आए हैं’, ‘यम हैं हम’ जैसे कई धारावाहिकों और फिल्मों के काम कर चुके परचुरे ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया है कि वे 11 मार्च को फेसबुक सर्च कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक बैग पर पड़ी। इस शोल्डर बैग की कीमत 42 हजार 615 रुपए थी लेकिन बैग पर 23 हजार 438 रुपए की छूट दिख रही थी जिसकी चलते बैग की कीमत विक्रेता ने सिर्फ 19 हजार 176 रुपए रखी थी। परचुरे ने बैग खरीदने में दिलचस्पी दिखाई तो उन्हें पैसे भरने के लिए लिंक भेजी गई। लेकिन परचुरे ने बैग मिलने पर नकद भुगतान का विकल्प चुना। इसके बाद अगले दिन उन्हें एक महिला ने फोन किया और कहा कि अगर वे बैग के लिए ऑनलाइन भुगतान करेंगे तो उन्हें आठ फीसदी और छूट मिलेगी और बैग के लिए सिर्फ 17 हजार 641 रुपए देने होंगे। महिला ने आठ दिनों में बैग घर भेजने का वादा किया। इसके बाद परचुरे ने पेटीएम के जरिए भुगतान कर दिया। लेकिन काफी दिन बीत जाने के बाद भी बैग नहीं आया। बाद में परचुरे ने ईमेल देखा तो उसमें एक संदेश था कि बैग नहीं भेजा जा सकता। इसके बाद उन्होंने पैसे वापस पाने के लिए संबंधित नंबर, ईमेल पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। ठगी का एहसास होने के बाद उन्होंने मामले की शिकायत दादर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है। पुलिस आईपी एड्रेस के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

समान बेचने के लिए सीआईएसएफ जवानों के नाम पर फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों को चूना लगानेवाला गिरफ्तार

इसी तरह के एक मामले में साइबर पुलिस ने खुद को सीआईएसएफ बता कर वेबसाइट पर  सस्ता सामान बेंचने का झांसा देकर लोगों तो चूना लगाने वाले एक आरोपी का राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपी ओएलएक्स वेबसाइट पर सीआईएसएफ जावानों के नाम पर ही फर्जी प्रोफाइल बनाता था और फिर आईफोन, मोटरसाइकल, चार पहिया गाड़ियां, शुद्ध सोना जैसी चीजें बेहद कम कीमत पर बेंचने का झांसा देकर लोगों को चूना लगाता था। ठगी के शिकार लोग सीआईएसएफ को ईमेल कर मामले की शिकायत कर रहे थे जिसके आधार पर मिली शिकायत के बाद मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने छानबीन शुरू की थी। गिरफ्तार आरोपी का नाम सैकत असीन अमीन (22) है। अमीन ने मामले में शिकायत करने वाले एक सीआईएसएफ जवान के नाम पर बनाई गई फर्जी आईडी से करीब 35 लोगों को चूना लगाया था। कम कीमत पर सामान देने का झांसा देकर आरोपी लोगों ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करने को कहता था लेकिन सामान कभी नहीं भेजता था। आरोपी ने आम लोगों के साथ साथ महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कई सीआईएसएफ जवानों के साथ भी ठगी की थी। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी राजस्थान से जानकारियां वेबसाइट पर अपलोड कर रहा है और उसका मोबाइल लोकेशन भी घोंघर, गढी, झील पट्टी, झेंझपट्टी जैसे गांवों में है। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से मुंबई पुलिस इलाके में पहुंची और एक आरोपी को हिरासत में ले लिया। हालांकि इस दौरान आरोपी के रिश्तेदारों ने पुलिस की टीम पर पथराव करते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस उपायुक्त विशाल ठाकुर ने बताया कि आरोपी ने कितने लोगों को और कितने रूपयों का चूना लगाया है इस बात की छानबीन की जा रही है। 

जबरन वसूली में लिप्त तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार 

उधर एक मामले में ट्रक मालिकों से जबरन वसूली के आरोप पर ठाणे ग्रामीण पुलिस ने तीन पुलिसकर्मियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार पुलिसकर्मी वाशिंद पुलिस स्टेशन में तैनात थे। आरोपियों ने एक ट्रक रोककर जांच की थी और कागजात पूरे होने के बावजूद पांच लाख रुपए की मांग करते हुए कार्रवाई की धमकी दी थी। गिरफ्तार पुलिसकर्मियों के नाम समीर शिंदे, अजय शेट्टी और दत्ता इंगोले है। शिंदे पुलिस उपनिरीक्षक जबकि शेट्टी और इंगोले पुलिस कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। इसके अलावा मामले में अरुण जाधव और मनोज राऊत नाम के दो लोगों को भी उगाही में पुलिसवालों की मदद के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मामले में 125 कोल्ड स्टोरेज ट्रक के ट्रांसपोर्टर ने शिकायत की थी। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने 13 अप्रैल को वाशिंद इलाके में मांस से भरे एक ट्रक को रोका था। दस्तावेज दिखाने के बावजूद उन्होंने मामला दर्ज करने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपयों की मांग की। शिकायत के बाद पुलिस उपअधीक्षक डीएम गोडबोले मामले की जांच कर रहे थे। 

पत्नी की हत्या कर पति ने पुलिस को बताया घर का पता

इसके अलावा चरित्र पर संदेह के चलते एक 44 वर्षीय शख्स ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना महानगर के कांदीवली में हुई। वारदात के बाद आरोपी ने खुद पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी दी और उसे घर तक पहुंचने का रास्ता बताया। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 20 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम मोहम्मद रकीब अब्दुल खान है। खान अपनी पत्नी अजमततुन्निसा और छह बच्चों के साथ गांधीनगर स्थित युवाशक्ति चाल में रहता था। खान को शक था कि उसकी पत्नी के विवाहेत्तर संबंध हैं। इसी बात को लेकर रात एक बजे के करीब दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ। नाराज खान ने पत्नी की पिटाई के बाद गला घोंटकर उसकी जान ले ली। वारदात के समय दंपति के बच्चे घर की निचली मंजिल पर सो रहे थे। पत्नी की हत्या के बाद खान ने कंट्रोल रूम में फोन कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद एक कांस्टेबल को मौके पर भेजा गया लेकिन अंधेरा होने के चलते उसे आरोपी का घर नहीं मिल रहा था। इसके बाद संपर्क करने पर खान खुद पुलिसवालों के पास पहुंचा और उन्हें अपने घर ले गया। पुलिस की टीम महिला को अस्पताल ले गई लेकिन डॉक्टरों ने दाखिल करने से पहले ही उसे मृत घोषित कर दिया। कांदीवली पुलिस ने खान के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।  

अवैध प्रचार सामग्री मामले में एफआईआर

उधर खार इलाके में छह करोड़ रुपए की अवैध प्रचार सामग्री बरामद होने के मामले में यूनाइटेड फास्फोरस लिमिटेड कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव और प्रवक्ता सचिन सावंत की निशानदेही पर चुनाव आयोग की टीम ने भाजपा की प्रचार सामग्री बरामद की थी लेकिन उस पर प्रकाशक का नाम नहीं था। 9 मार्च को मामले की शिकायत के बाद खार पुलिस ने मंगलवार को एफआईआर दर्ज कर लिया। प्रचार सामग्री संबंधित कंपनी के परिसर में मिली थी। 
 

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