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रुबेला का टीका लगने के बाद सुन्न पड़ गया छात्रा का हाथ- जिला चिकित्सालय में भर्ती

February 12th, 2019 15:31 IST
रुबेला का टीका लगने के बाद सुन्न पड़ गया छात्रा का हाथ- जिला चिकित्सालय में भर्ती

डिजिटल डेस्क शहडोल । मीजल्स-रूबेला (एम-आर) का टीका लगने के बाद धनपुरी में एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। उसका दाहिना हाथ सुन्न पड़ गया है। हाथ में तेज दर्द भी है। सोमवार को उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। विशेषज्ञों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। धनपुरी कच्छी मोहल्ला वार्ड 17 निवासी प्रेमलाल कुशवाहा ने बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी प्रिया कुशवाहा शासकीय कन्या स्कूल धनपुरी में कक्षा 9 की छात्रा है। स्कूल में 8 फरवरी को उसे एमआर का टीका लगाया गया था। टीका दाहिने हाथ में लगा था। इसके बाद से उसकी तबीयत खराब हो गई है। उसका हाथ ही नहीं उठ रहा है। छात्रा के अनुसार इंजेक्शन लगते ही उसके हाथ में जलन शुरू हो गई। फिर उसे तेज ठंड लगने लगी। थोड़ी देर बार गर्मी लगने लगी। रास्ते में वह बेहोश भी हो गई। परिजन सोमवार को सीएमएचओ के पास पहुंचे थे। परिजनों का कहना है था कि लड़की की उम्र 17 वर्ष है। इसके बाद भी उसे टीका लगाया गया। हालांकि सीएमएचओ का कहना था उम्र से कोई फर्क नहीं पड़ता है। मीजल्स रूबेला का टीका 9 माह से 14 वर्ष तक के बच्चों को लगाया जा रहा है।
डॉक्टर ने लिखी बाहर की दवा
पीडित छात्रा के पिता ने बताया कि 9 फरवरी को उन्होंने बच्ची को बुढ़ार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दिखाया गया था, लेकिन वहां से मिली दवाइयों का भी कोई असर नहीं हुआ। उसी दिन दोपहर बाद बुढ़ार खंड चिकित्सा अधिकारी को भी दिखाया तो उन्होंने कहा कि अस्पताल की दवाओं से असर नहीं होगा। उन्होंने कुछ बाहर की दवाएं लिखीं। मेडिकल स्टोर से दवा खरीदी, लेकिन उसका भी असर नहीं हुआ।
डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग
छात्रा के पिता के अनुसार छात्रा की परीक्षा 12 फरवरी से शुरू हो रही है। इंजेक्शन लगने के बाद से उसका हाथ उठ ही नहीं रहा है तो वह परीक्षा कैसे देगी। उनका आरोप है कि संबंधित नर्स ने गलत तरीके से इन्जेक्शन लगाया है, जिसके चलते यह दिक्कत आई है। उन्होंने बुढ़ार सीएचसी की संंबंधित नर्स और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इधर, सिविल सर्जन की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।  
शरीर में निकल आए थे दाने
जिले में कुल 3 लाख 38 हजार बच्चे टीकाकरण के लिए चिन्हित किए गए थे। इनमें से अभी तक 2 लाख 41 हजार बच्चों को इंजेक्शन लगाया जा चुका है। यह अभियान 15 फरवरी तक चलना है। इससे पहले ब्यौहारी में एक और सिंहपुर ग्रामीण क्षेत्र में 2 बच्चों के शरीर में दाने निकल आए थे। उनको भी कुछ देर के लिए ऑब्जर्वेशन पर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।
इनका कहना है
मैंने बच्ची की जांच की है, कोई गंभीर बात नहीं है। बच्ची के ऊपर इंजेक्शन का क्षणिक प्रभाव है, जो अस्थायी समस्या है और जल्द ही ठीक हो जाएगी। उपचार व अभिमत के लिए बच्ची को विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास भेजा है।
डॉ. राजेश पांडेय, सीएमएचओ

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