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इन देशों में मिलती है अजीबो-गरीब सजा

December 24th, 2018 17:02 IST
इन देशों में मिलती है अजीबो-गरीब सजा

हाईलाइट

  • जब सजा खुद एक सजा बन जाए तो भला कैसा लगेगा आपको
  • 2008 में एंड्रयू वेक्टर पर अपनी कार में तेज आवाज में संगीत सुनने पर 120 पाउंड का जुर्माना लगाया गया

डिजिटल डेस्क,। गलती करने पर सबको सजा दी जाती ये तो सुना था लेकिन सोचने वाली बात तो ये है कि जब सजा खुद एक अभिशाप बन जाए तो भला कैसा लगेगा आपको। एक तो सजा उपर से ऐसी की जो आपको परेशान करके रख दें। सजा का एक मतलब यह भी है कि जो आपको पसंद नहीं वही करना पड़ेगा। तो आज हम बात कर रहे है कुछ ऐसे ही देशों के बारे में जहां अजीबो-गरीब तरह की सजा दी जाती है। जिसे सुन आप भी हैरान हो जाएंगे।

 

डिज्नी का बाम्बी कार्टून देखने की सजा-

जी हां कुछ ऐसी ही सजा अमेरिका के मिसौरी में रहने वाले डेविड बेरी को दी गई। डेविड बेरी को कई हिरणों के शिकार का दोषी पाया गया था। जिसकी सजा के तौर पर उन्हें एक साल तक जेल में रहकर महीने में कम से कम एक बार डिज्नी का बाम्बी कार्टून देखने की सजा दी गई। लेकिन ऐसा पहली बार नहीं है, जब किसी को इस तरह की अजीब सजा दी गई हो।

दस साल चर्च जाना होगा-

ओकलाहोमा के 17 साल के टाइलर एलरेड साल 2011 में शराब पीकर ड्राइव कर रहे थे, जिसकी वजह से एक्सीडेंट में उनके एक दोस्त की मौत हो गई थी। छात्र को सजा के रुप में आदेश दिया गया कि अगर उन्हें जेल जाने से बचना है तो उन्हें हाई स्कूल की पढ़ाई और ग्रेजुएशन पूरा करना होगा, साथ ही साथ साल भर के लिए ड्रग, शराब और निकोटिन टेस्ट करवाना होगा। मृतक के लिए बनाए गए पैनल का हिस्सा भी बनना होगा और दस साल तक चर्च आना होगा।

गधे के साथ मार्च करने की सजा-
गधे के साथ मार्च 2003 में शिकागो के दो नौजावानों को क्रिसमस की पूर्व संध्या पर चर्च से बाल ईसा मसीह की मूर्ति चोरी करने और उसे नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया था। जेसिका लांग और ब्रयान पैट्रिक उस समय 19 साल के थे। उन्हें गधे के साथ मार्च करते हुए एक पोस्टर साथ रखना पड़ा था, जिस पर लिखा था, बेवकूफी भरे अपराध के लिए खेद है।
 
नोकरी खोजने की सजा-
स्पेन का एक 25 साल का युवक अपने माता-पिता से महीने में 355 पाउंड की मांग कर रहा था। पॉकेट मनी ना देने पर युवक मलागा के एक फैमिली कोर्ट में अपने माता-पिता को ले आया जहां कोर्ट ने युवक को ही सजा सुना दी कि उसे 30 दिन के अंदर अपने माता-पिता का घर छोड़ना होगा और अपने पैरों पर खड़ा होना सीखना होगा।

शास्त्रीय संगीत सुनने की सजा-
2008 में एंड्रयू वेक्टर पर अपनी कार में तेज आवाज में संगीत सुनने पर 120 पाउंड का जुर्माना लगाया गया था। वे अपना पसंदीदा संगीत 'रैप' सुन रहे थे। जज ने कहा कि वह जुर्माने की रकम घटाकर 30 पाउंड कर देंगे, बशर्ते वेक्टर 20 घंटों तक बीथोवन, बाख और शोपेन का शास्त्रीय संगीत सुनें। जज चाहते थे कि वेक्टर यह समझें कि अनचाहा संगीत सुनना कैसा लगता है। वेक्टर सिर्फ 15 मिनट तक ही वो संगीत सुन पाए और चले गए। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि वो इसलिए चले गए क्योंकि वो बास्केटबॉल की प्रैक्टिस नहीं छोड़ना चाहते थे।

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