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किसी और की जमीन पर बेटी के नाम पर आंबेकर ने डाला था ले-आउट, सामने आ रही अन्य करतूतें

किसी और की जमीन पर बेटी के नाम पर आंबेकर ने डाला था ले-आउट, सामने आ रही अन्य करतूतें

डिजिटल डेस्क,नागपुर। जेल में कदम रखते ही संतोष आंबेकर और उसके साथी का एक और मामला उजागर हुआ है, जिसमें किसी और की जमीन पर बेटी के नाम पर ले-आउट डालना, अवैध साहूकारी और डरा-धमकाकर ले-आउट में भागीदारी हासिल करने का आरोप है। प्रकरण की गंभीरता से शुक्रवार को लकड़गंज थाने में दो लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। 

आदिवासी की जमीन 32 लाख रुपए में खरीदी  
 प्रापर्टी डीलर प्रशांत रमेशराव कामड़ी (32) व्यंकटेश नगर निवासी है, जबकि आरोपी संतोष आंबेकर और उसका भांजा नीलेश केदार (34) है। दोनों दारोड़कर चौक, इतवारी निवासी हैं। बताया जा रहा है कि नवंबर 2015 में उमरेड तहसील के मौजा उटी मेंं संतोष के कहने पर प्रशांत ने जमीन खरीदी की है। इस जमीन का पटवारी हलका नंबर 15, खसरा नंबर 131 और नगर भूमापन नंबर 10 है। इसकी आराजी 2.86 हेक्टेयर आर. है। यह जमीन किसी आदिवासी व्यक्ति की बताई जा रही है, जिससे कानूनन इस जमीन को न ही खरीदा और न ही बेचा जा सकता है। इसके बावजूद संतोष ने प्रशांत को यह कहकर यह जमीन खरीदने के लिए मजबूर िकया कि वह मंत्रालय से सब कुछ ठीक करवा लेगा, लिहाजा 32 लाख रुपए प्रशांत को ब्याज पर थमाकर यह खरीदवाई गई। बाद में 32 लाख रुपए के साढ़े सात लाख रुपए ब्याज के रूप में अभी तक प्रशांत से वसूल भी किए हैं और जमीन पर आंबेकर ने अपनी बेटी के नाम पर ले-आउट डाल दिया है।

डरे सहमे प्रशांत ने अंतत: दर्ज कराई रिपोर्ट
प्रशांत द्वारा खरीदी गई जमीन पर संतोष ने अपनी बेटी संजीता के नाम पर ले-आउट डाल दिया है, जिसमें नीलेश केदार को भागीदारी दिलवाई तथा प्लाट बिक्री से मिले रुपए में संतोष ने खुद का 50 प्रतिशत का हिस्सा भी वसूलता रहा है। विरोध करने पर गाली-गलौज और प्रशांत की पिटाई की जाती रही है। उसे जान से मारने की धमकी भी जाती रही है। जान के खौफ से अभी तक डरा-सहमा प्रशांत, संतोष के खिलाफ शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इस बीच संतोष और उसके साथियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता देखकर प्रशांत ने साहस दिखाया और संतोष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। 
 

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