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नाम, शोहरत, पैसा, प्यार और संघर्ष की कहानी...जानिए अमिताभ की अनसुनी बातें

BhaskarHindi.com | Last Modified - October 10th, 2018 15:52 IST

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नाम, शोहरत, पैसा, प्यार और संघर्ष की कहानी...जानिए अमिताभ की अनसुनी बातें

डिजिटल डेस्क, मुंबई। अमिताभ बच्‍चन के 75वें जन्‍म दिन पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा है। अमिताभ की जिंदगी से जुड़ी ढेर सारी ऐसी बातें हैं जो आप जानते हैं तो कुछ ऐसी भी हैं जिसे आप वाकिफ न हों।

परिवार
अमिताभ के पिता डॉ हरिवंश राय बच्चन प्रसिद्ध हिन्दी कवि थे, जबकि उनकी मां तेजी बच्चन कराची के सिख परिवार से संबंध रखती थीं। शुरुआत में बच्चन का नाम इंकलाब रखा गया था, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस्‍तेमाल किए गए शब्‍द इंकलाब जिंदाबाद से लिया गया था। अमिताभ बच्‍चन का अंतिम नाम श्रीवास्तव था। आगे चलकर इस उपनाम को अपने कृतियों को प्रकाशित करने वाले 'बच्चन' नाम में बदल दिया।

 शिक्षा/करियर
अमिताभ ने दो बार ग्रेजुएशन किया। वो एयर फोर्स में इंजीनियर बनना चाहते थे। अमिताभ के कॅरियर के चुनाव में इनकी माता का बहुत बड़ा हाथ था, क्योंकि वे हमेशा उनके साथ इस बात पर भी जोर देती थी कि उन्हें सेंटर स्टेज को अपना कॅरियर बनाना चाहिए। अमिताभ बच्चन ने मुंबई में फिल्मों में किस्मत आजमाने से पहले कोलकाता में रेडियो एनाउंसर और एक शिपिंग कंपनी में एक्ज़ीक्यूटिव के तौर भी काम किया था। उस दौरान उन्हें 800 रुपये मासिक वेतन मिला करता था। वर्ष 1968 में कलकत्ता की नौकरी छोडऩे के बाद वो मुंबई आ गए।

मुंबई आते वक्त उनके पास तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी, जो अमिताभ के मित्र राजीव गांधी की मां भी थीं, का लिखा सिफारिशी खत भी था, जिसकी बदौलत उन्हें अब्बास की फिल्म 'सात हिन्दुस्तानी' में काम मिला। अमिताभ बच्चन में मुंबई में अपने शुरुआती दिनों के प्रसिद्ध हास्य कलाकार तथा निर्माता-निर्देशक महमूद के घर पर रहे थे, और बाद में उन्होंने महमूद की फिल्म 'बॉम्बे टु गोवा' में काम भी किया। कल्‍याणजी-आनंदजी ने अमिताभ के संघर्ष भरे दिनों में काफी मदद की और प्रकाश मेहरा से मिलवाया। संघर्ष के दिनों में अमिताभ ने कई रातें मुंबई के मरीन ड्राइव के किनारे पड़ी बेंच पर बिताईं।

आज भी वो उस बेंच पर जाकर भावुक हो जाते हैं। बच्चन ने अपने करियर में कई पुरस्कार जीते हैं, जिनमें तीन राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और बारह फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार शामिल हैं। इनके नाम सबसे ज्‍यादा सर्वश्रेष्ठ अभिनेता फिल्मफेयर अवार्ड का रिकॉर्ड है। अभिनय के अलावा बच्चन ने पार्श्वगायक, फिल्म निर्माता और टीवी प्रस्तोता और भारतीय संसद के एक निर्वाचित सदस्य के रूप में 1984 से 1987 तक भूमिका निभाई है। उनकी पहली सैलरी मात्र 500 रुपए थी। सबसे पहले अमिताभ ने सेकेंड हैंड फिएट कार खरीदी थी। इंदिरा गांधी के कहने पर सुनील दत्‍त ने उन्‍हें रेशमा और शेरा के लिये साइन किया। आपको जानकार हैरानी होगी कि जंज़ीर फिल्‍म के पहले अमिताभ की 12 फिल्‍में लगातार फ्लॉप हुई थीं।

शादी
अमिताभ की शादी 1973 में हुई। अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की शादी फिल्म 'अभिमान' के रिलीज़ होने से एक महीना पहले हुई थी। फिल्म 'ज़ंजीर' की शूटिंग के दौरान सभी कलाकारों और क्रू सदस्यों ने फिल्म के हिट होने की स्थिति में विदेश घूमने का कार्यक्रम बनाया था।

चूंकि यह अमिताभ और जया की एक साथ पहली विदेश यात्रा थी, इसलिए अमिताभ ने अपने पिता हरिवंशराय बच्चन से विदेश जाने की अनुमति मांगी, उन्होंने सवाल किया कि क्या जया भी उनके साथ जाएंगी, जब अमिताभ ने जवाब में 'हां' कहा, तो उन्हें देश छोड़ने से पहले विवाह कर लेने का आदेश दिया। तब अमिताभ शादी के बाद ही जया को विदेश ले जा सके।

रेखा संग प्यार को लेकर हंगामा
1978 में अमिताभ और रेखा की नजदीकियों की खबरें अखबारों और फिल्मी मैगजीन्स की सुर्खियां बनने लगीं थीं। इस बात को लेकर अमिताभ के घर में भी काफी हंगामा रहा। कहते हैं रेखा दिल ही दिल में अमिताभ को चाहती थीं लेकिन अमिताभ हमेशा इस रिश्ते को लेकर चुप रहे।

वहीं रेखा कभी किसी शादी में मांग में सिंदूर भरकर तो कभी अपनी मां बनने की अफवाहें उड़ाकर सनसनी फैलाती रहीं। जिस समय अमिताभ और रेखा के अफेयर की खबरें जोरों पर थीं उस समय इन खबरों से परेशान होकर जया बच्चन ने रेखा को डिनर पर भी बुलाया था।

पॉलिटिक्स में करियर
1984 में भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद अमिताभ बच्चन इंदिरा के पुत्र और अपने मित्र राजीव गांधी के कहने पर राजनीति में शामिल हुए थे। वे इलाहाबाद की लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर 'भारतीय राजनीति के चाणक्य' कहे जाने वाले दिग्गज नेता हेमवती नंदन बहुगुणा को पराजित किया था।

शूटिंग के दौरान गंभीर रूप से घायल
'कुली' की शूटिंग के दौरान फिल्म में खलनायक की भूमिका निभा रहे पुनीत इस्सर के हाथों घूंसा खाकर घायल होने के बाद जब अमिताभ बच्चन बेहद गंभीर स्थिति में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थे तब तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाधी उन्हें देखने अस्पताल आई थीं।

उस दौरान उनकी पत्नी जया बच्चन रोज़ाना ब्रीच कैंडी अस्पताल से सिद्धि विनायक मंदिर तक पैदल जाया करती थीं, जो लगभग छह किलोमीटर है। इसके अलावा उन दिनों देशभर में उनके हज़ारों-लाखों प्रशंसक मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और गिरजाघरों में प्रार्थनाएं करते रहे थे।

एक्स्ट्रा शॉट्स

  • खुदा गवाह की शूटिंग के दौरान अफगानिस्तान के राष्‍ट्रपति ने उन्‍हें एयरफोर्स की सुरक्षा दी थी। अ‍फगानिस्‍तान में सबसे ज्‍यादा देखी गई भारतीय फिल्‍म भी खुदा गवाह ही है।
  • सलीम जावेद ने मिस्‍टर इंडिया फिल्‍म अमिताभ के साथ बैठकर लिखी थी।
  • रंग बरसे भीगे चुनर, गीत अमिताभ के पिता ने लिखा था, जिसे अमिताभ ने ही गाया।
  • 2001 में अमिताभ को इजिप्ट में सदी के महानायक सम्‍मान से नवाजा गया था।
  • 2003 में फ्रांस के ड्यूविले टाउन ने उन्‍हें ऑनरेरी सिटिजनशिप यानी नागरिकता से नवाजा।
  • ब्रूस विलिस ने कहा था अमिताभ बच्‍चन हॉलीवुड स्‍टार से भी बड़े हैं।
  • 2001 में उन्‍हें पद्मभूषण से नवाजा गया।
  • उनकी बेटी श्‍वेता की शादी निखिल नंदा से हुई। नंदा की मां राजकपूर की बेटी हैं।
  • जलसा बंगला अमिताभ को तोहफे में मिला था।
  • उनकी फेवरट कार लैक्सस है जो कि बुलेटप्रूफ है।
  • 27 जुलाई 2012, अमिताभ को लंदन ओलंपिक में टार्च उठाने का गौरव प्राप्त हुआ।
  • जब कुली के सेट पर पुनीत इस्सर के वार से वो घायल हुए थे तो भी वो अस्पताल जाने से पहले दर्द में कराहते हुए पूरा शॉट देकर गये थे।
  • वैसे आमतौर पर लोग ये जानते होंगे कि अमिताभ बच्‍चन लेफ्टी हैं, लेकिन क्‍या आपको ये पता है कि बिग बी दोनों हाथों से लिख सकते हैं।
  • 1980 के दशक में अमिताभ बच्चन के चेहरे को लेकर एक कॉमिक्स चरित्र 'सुप्रीमो' की रचना की गई थी, जिसकी सीरीज़ का नाम ही 'द एडवेन्चर्स ऑफ अमिताभ बच्चन' (किस्से अमिताभ बच्चन के) रखा गया था।

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