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अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर कांग्रेस को किया फॉलो, पार्टी बोली- थैंक्यू

September 06th, 2018 15:35 IST

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक कहे जाने वाली अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर कांग्रेस को फॉलो करना शुरू कर दिया है। इस बात की जानकारी खुद कांग्रेस पार्टी ने दी है। कांग्रेस ने ट्विटर पर अमिताभ बच्चन को धन्यवाद कहते हुए उनकी अपकमिंग फिल्म '102 नॉटआउट' के लिए भी ऑल द बेस्ट कहा है। बता दें कि अमिताभ बच्चन और कांग्रेस के बीच रिश्ते बहुत पुराने थे, लेकिन 1987 में बोफोर्स स्कैम सामने आने के बाद बिग बी ने कांग्रेस से दूरियां बना ली थी।

कांग्रेस बोली- थैंक्स बच्चन सर

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने कांग्रेस पार्टी को ट्विटर पर फॉलो किया है। इस पर कांग्रेस ने भी अमिताभ बच्चन का स्वागत किया है। कांग्रेस ने ट्वीट किया कि 'अमिताभ बच्चन सर फॉलो करने के लिए थैंक्स। हम आपको '102 नॉटआउट' के लिए ऑल द बेस्ट भी कहते हैं। हमारे पास सेलिब्रेट करने का एक कारण ये भी है कि अब हमारे 4 मिलियन फॉलोअर्स हो गए हैं। सभी को थैंक्स।' बता दें कि ट्विटर पर कांग्रेस के फॉलोअर्स में इजाफा हुआ है। जून 2016 में कांग्रेस के जहां 1 मिलियन फॉलोअर्स थे, वहीं फरवरी 2018 में ये बढ़कर 4 मिलियन हो गए हैं।

कांग्रेस और बच्चन के बीच बहुत पुराने रिश्ते

कांग्रेस पार्टी और अमिताभ बच्चन के बीच रिश्ते बहुत पुराने हैं। अमिताभ बच्चन और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दोस्ती के किस्से आज भी लोगों की जुबान पर है। 1984 में अमिताभ बच्चन ने कांग्रेस के टिकट पर पहली बार इलाहाबाद से चुनाव लड़ा था और उसमें जीत हासिल की थी। बिग बी और कांग्रेस के बीच पारिवारिक रिश्ते थे, लेकिन 1987 में बोफोर्स स्कैम सामने आने के बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। काफी सालों तक अच्छे रिश्ते होने के बाद 1996 में बिग बी ने गांधी परिवार से पूरी तरह से दूरियां बना ली थीं।

अमिताभ के घर ही हुई थी राजीव-सोनिया की शादी

सोनिया पहली बार 1968 में भारत आईं थीं, तब उनकी शादी राजीव गांधी से नहीं हुई थी। उस वक्त इंदिरा गांधी भी देश की प्रधानमंत्री थीं, लिहाजा वो सोनिया को अपने घर में नहीं रख सकती थी। इसलिए सोनिया को अमिताभ बच्चन के घर रोका गया। अमिताभ और राजीव की दोस्ती भी गहरी थी, तो अमिताभ ने भी इस बात के लिए मना नहीं किया। इसके बाद 13 जनवरी 1968 को सोनिया दिल्ली पहुंची और अमिताभ के घर रहने लगीं। यहीं पर उन्हें भारत के रिति-रिवाजों को जानने का मौका मिला। बताया जाता है कि अमिताभ के घर पर ही मेहंदी की रस्म रखी गई और इसी दौरान पहली बार सोनिया, राजीव के परिवार से मिली। इतना ही राजीव-सोनिया की शादी भी अमिताभ बच्चन के घर पर ही हुई थी।

बोफोर्स स्कैम ने खराब किए रिश्ते

अमिताभ बच्चन और गांधी परिवार के बीच रिश्ते कई दशकों तक अच्छे रहे, लेकिन राजीव गांधी की सरकार में हुए बोफोर्स स्कैम ने इन रिश्तों को खराब कर दिया। इसी स्कैम के बाद अमिताभ बच्चन ने गांधी परिवार से दूरियां बना ली थी।

क्या है बोफोर्स स्कैम?

बोफोर्स स्कैम 1987 में सामने आया था जो 64 करोड़ रुपए की दलाली से जुड़ा हुआ है। 1986 में वेपेन्स बनाने वाली स्वीडिश कंपनी बोफोर्स ने इंडियन आर्मी को 400 तोपें सप्लाई करने की डील की थी। ये डील 1.3 अरब डॉलर (करीब 8,380 करोड़ रुपए) की थी। 1987 में ये बात सामने आई कि इस डील को हासिल करने के लिए भारत में 64 करोड़ रुपए की दलाली की गई। उस समय कांग्रेस की सरकार थी और राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे। लिहाजा कांग्रेस और राजीव गांधी पर बोफोर्स स्कैम के आरोप लगे। इस स्कैम के बाद 1989 में राजीव गांधी की सरकार भी गिर गई। इस स्कैम में इटैलियन बिजनेसमैन और राजीव गांधी के करीबी ओताविया क्वात्रोची ने दलाल का रोल किया। बताया जाता है कि इसके बदल में क्वात्रोची को दलाली की बड़ी रकम दी गई। 1997 में इस मामले की जांच CBI को सौंपी गई। इसके बाद 2005 में दिल्ली हाईकोर्ट ने राजीव गांधी को इस मामले में क्लीन चिट दे दी। बता दें कि क्वात्रोची की 2013 में मौत हो गई थी।  

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