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MP की राज्यपाल बनीं आनंदीबेन पटेल, चीफ जस्टिस ने दिलाई शपथ

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 25th, 2018 17:59 IST

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डिजिटल डेस्क,भोपाल। गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने मध्य प्रदेश के 27वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। राजभवन में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता ने उन्हें शपथ दिलाई। सरला ग्रेवाल के बाद आनंदी बेन पटेल मध्य प्रदेश की दूसरी महिला राज्यपाल हैं।  ग्रेवाल मार्च 1989 से फरवरी 1990 तक प्रदेश की राज्यपाल रही थीं। आनंदीबेन पटेल के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत पूरा मंत्रिमंडल और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सितंबर 2016 में रामनरेश यादव का कार्यकाल पूरा होने के बाद गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली ने ये अतिरिक्त  प्रभार संभाला था।                      

बस से सफर कर पहुंचीं महाकाल के दरबार

इससे पहले आनंदीबेन पटेल सोमवार को झाबुआ से चार्टर्ड बस से उज्जैन पहुंची। आनंदीबेन ने परिवार के सदस्यों के साथ महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने महाकाल मंदिर में पूजा अर्चना के साथ ही भगवान महाकाल का अभिषेक भी किया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जो जिम्मेदारी उन्हें दी गई है वो उसका पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद आनंदीबेन को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया था। वह 22 मई 2014 से 7 अगस्त 2016 तक इस पद पर रहीं। इसके बाद आनंदीबेन पटेल ने फेसबुक के जरिए मुख्यमंत्री पद से अपने इस्तीफे का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अब आने वाली पीढ़ी को काम करने का मौका मिलना चाहिए। पिछले दिनों गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान आनंदीबेन पटेल ने चुनाव लड़ने से भी इंकार कर दिया था। तभी से उनके राज्यपाल बनाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।

गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री

21 नवम्बर 1941 को जन्मी आनंदीबेन पटेल के नाम गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने की उपलब्धि है। वे एक शिक्षक थीं। उन्हें सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के लिए राज्यपाल और राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। साल 1994 में उन्होंने बीजिंग में चतुर्थ विश्व महिला सम्मेलन में भारत का नेतृत्व किया था। नर्मदा नदी के नवगाम जलाशय में डूबती हुई लड़की को बचाने के लिए वे वीरता पुरस्कार भी हासिल कर चुकी हैं। इसके अलावा भी उन्हें समय-समय पर कई पुरस्कारों से नवाजा जाता रहा है।
 

टीचर से राज्यपाल बनने तक का सफर, यहां देखें

राज्यसभा सदस्य भी रहीं आनंदीबेन पटेल

शिक्षा और अन्य समाजसेवी कार्यों में आनंदी बेन पटेल की उपलब्धियों के चलते उन्हें बीजेपी की ओर से राज्यसभा का टिकट मिला। 1994 में आनंदीबेन राज्यसभा सदस्य चुनीं गईं। साल 1998 में उन्होंने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया और गुजरात विधानसभा का चुनाव लड़ा। पहले ही चुनाव में उन्हें जबरदस्त जीत हासिल हुई। उन्हें 1998 में गुजरात का शिक्षा मंत्री बनाया गया। 1998 से लेकर 2012 तक आनंदीबेन ने लगातार विधानसभा चुनाव जीते और अपना मंत्री पद बरकरार रखा। साल 2014 में तत्कालीन गुजरात सीएम नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आनंदीबेन को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया था।

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