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अनिल अंबानी के R-Com का शेयर 48% तक गिरा, निवेशकों के 1550 करोड़ रुपए डूबे

February 05th, 2019 18:18 IST
अनिल अंबानी के R-Com का शेयर 48% तक गिरा, निवेशकों के 1550 करोड़ रुपए डूबे

हाईलाइट

  • मार्केट कैप भी घटकर 2000 करोड़ से नीचे पहुंचा
  • कंपनी पर करीब 45 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है
  • आरकॉम ने दिवालिया याचिका दायर करने का फैसला किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के शेयर में 48% गिरावट आ गई। बीएसई पर शेयर 6 रुपए के निचले स्तर तक फिसल गया। हालांकि, निचले स्तरों से शेयर 18% रिकवर हो गया। शेयर शुक्रवार को 11.60 रुपए के भाव पर बंद हुआ था। शेयर के 6 रुपए के भाव पर आते ही कंपनी का मार्केट कैप भी घटकर 2000 करोड़ से नीचे 1668 करोड़ रुपए रह गया। यानी एक झटके में निवेशकों के भी करीब 1550 करोड़ रुपए डूब गए। 

कर्ज चुकाने की योजना की समीक्षा
अनिल अंबानी की दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी सोमवार को तेज गिरावट आई। रिलायंस पावर 29.22% टूट गया। वहीं रिलायंस कैपिटल में 19.37% नुकसान दर्ज किया गया। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर 16.51% और रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग में 13.70% गिरावट आ गई। इसी के बाद सोमवार को अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप यानी ADAG कंपनियों को लेकर निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ गया है। कंपनी पर करीब 45 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि बोर्ड ने संपत्ति बेचकर कर्ज चुकाने की योजना की समीक्षा की। इसमें पाया कि 18 माह बाद भी प्रस्तावित योजना से कर्जदाताओं को कुछ नहीं मिल पाया है। यह योजना 2 जून 2017 को बनाई गई थी।

याचिका दायर करने का फैसला 
कर्ज नहीं चुका पाने की वजह से आरकॉम ने दिवालिया याचिका दायर करने का फैसला किया है। आर कॉम डेट रिजॉल्यूशन के लिए एनसीएलटी का रुख करने जा रही है। इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत कंपनी के बोर्ड द्वारा दिवालिया होने की अपील की गई है। इसके लिए वह एनसीएलटी के जरिए फास्ट ट्रैक रिजॉल्यूशन के लिए गुहार लगाएगी। आरकॉम ने कहा कि पिछले 12 महीनों में 45 से कर्जदाताओं के साथ सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई बैठकों में सहमति नहीं बनने की वजह से यह फैसला करना पड़ा है। कंपनी का कहना है कि कर्जदाताओं को एसेट मोनेटाइजेशन प्लान से कोई धनराशि नहीं मिली है और इसकी पूरी कर्ज समाधान प्रक्रिया में कोई प्रगति नहीं हुई। 

एनसीएलटी के समक्ष याचिका
आरकॉम की मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की कंपनी रिलायंस जियो को स्पेक्ट्रम बेचने की योजना से बात नहीं बनी है। आरकॉम को असेट बेचकर 25,000 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद थी। वहीं, टेलीकॉम विभाग की मंजूरी नहीं मिलने की वजह से आरकॉम और जियो की डील भी अटकी हुई है। वहीं स्वीडन की दूरसंचार कंपनी एरिक्सन आरकॉम को दिवालिया घोषित करने के लिए एनसीएलटी के समक्ष याचिका दायर कर चुकी है।

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