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AAP MP पर 5000 करोड़ का मानहानि केस, संजय सिंह का पलटवार

March 16th, 2018 13:14 IST

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राफेल डील को लेकर सियासत गरमाई हुई है। बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे पर लगातार हमला बोल रहे है। इस बीच देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अंबानी ने आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह पर 5 हजार करोड़ की मानहानी का मुकदमा किया है। अनिल अंबानी का आरोप है कि राफेल डील में संजय सिंह ने झूठे आरोप लगाकर उनका नाम खींचा है। इन आरोपों से उनकी छवि को नुकसान पहंचा है। वहीं संजय सिंह ने ट्वीटर के जरिए अनिल अंबानी पर पलटवार किया है।  

प्रेस कॉन्फ्रेस कर लगाए थे आरोप
दरअसल, आप नेता और राज्यसभा से सांसद संजय सिंह ने 13 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि भारत और फ्रांस में 36 राफेल विमानों को लेकर 56000 करोड़ की डील हुई है। इसमें रिलायंस डिफेंस लिमिटेड फ्रांस की एविएशन कंपनी डसॉल्ट एविएशन को 22000 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिलने का आरोप संजय सिंह ने लगाया था। वहीं इससे पहले संजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘राफेल डील ही साबित होगी मोदी सरकार के ताबूत में आखिरी कील, 500 करोड़ का जहाज़ 1500 करोड़ में, अनुभवहीन रिलायन्स कम्पनी को जहाज़ के पार्ट बनाने का 22000 करोड़ का ठेका मिला। राफेल में हुए क्या क्या खेल?’ 



"बन्दरघुड़की नही चलेगी"
अनिल अंबानी की ओर से दायर किए गए मानहानी के मुकदमे के बाद संजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा, 'उद्योगपतियों की दबंगई चरम पर है, पहले घोटाला करेंगे, फिर उसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वालों पर मानहानि, राफ़ेल रक्षा सौदे का घोटाला उजागर करने पर अम्बानी ने मेरे ऊपर देश का सबसे बड़ा 5000 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा, अपनी बात पर क़ायम हूँ बन्दरघुड़की नही चलेगी।' 


विपक्ष ने मांगी थी जानकारी
गौरतलब है कि, मोदी सरकार से राफेल सौदे के बारे में जब विपक्ष ने जानकारी मांगी थी तो रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा था, सीक्रेट पैक्ट के कारण जानकारी नहीं दे सकतीं। वहीं इस डील की जानकारी साझा न करने पर तर्क देते हुए 8 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि राफेल सौदे पर कांग्रेस को सवाल उठाने का हक नहीं है। जेटली ने कहा था, ‘इस सौदे को लेकर यूपीए सरकार के कार्यकाल पर भी सवाल खड़े किए गए थे, जिस पर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सवालों का जवाब देने से मना कर दिया था।’

राहुल गांधी का निशाना
राहुल ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि 'रक्षा मंत्री कह रही हैं कि हम राफेल डील की रकम के बारे में नहीं बताएंगे। इसका क्या मतलब है? इसका एक ही मतलब है कि ये एक घोटाला है और इस डील को बदलने के लिए मोदी जी खुद पेरिस गए थे। पूरा देश इस बात को जानता है।' राहुल ने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि 'पीएम मोदी ने पर्सनली ये डील करवाई है। इसके लिए प्रधानमंत्री खुद पेरिस गए और वहां पर डील में बदलाव किए गए।' इस मामले में राहुल ने केंद्र सरकार से सफाई देने को भी कहा था।

क्या है राफेल डील?
भारत ने 2010 में फ्रांस के साथ राफेल फाइटर जेट खरीदने की डील की थी। उस वक्त यूपीए की सरकार थी और 126 फाइटर जेट पर सहमित बनी थी। इस डील पर 2012 से लेकर 2015 तक सिर्फ बातचीत ही चलती रही। इस डील में 126 राफेल जेट खरीदने की बात चल रही थी और ये तय हुआ था कि 18 प्लेन भारत खरीदेगा, जबकि 108 जेट बेंगलुरु के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में असेंबल होंगे यानी इसे भारत में ही बनाया जाएगा। फिर अप्रैल 2015 में मोदी सरकार ने पेरिस में ये घोषणा की कि हम 126 राफेल फाइटर जेट को खरीदने की डील कैंसिल कर रहे हैं और इसके बदले 36 प्लेन सीधे फ्रांस से ही खरीद रहे हैं और एक भी राफेल भारत में नहीं बनाया जाएगा।

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qbidY
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akb February 17th, 2018 17:12 IST

अगर सभी सबूत आपके पास है तो सीधे कोर्ट मे केस क्यो नहीं कराते है सब नेता। मीडिया मे बताने से क्या फायदा है।केस फ़ाइल करके देश को सही हक दिलाओ।