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बेपटरी होते-होते बची शक्तिपुंज एक्सप्रेस, ट्रेक पर पत्थर रखकर असामाजिक तत्वों ने किया पलटाने का प्रयास

बेपटरी होते-होते बची शक्तिपुंज एक्सप्रेस, ट्रेक पर पत्थर रखकर असामाजिक तत्वों ने किया पलटाने का प्रयास

डिजिटल डेस्क सिंगरौली(वैढन)। कटनी और सिंगरौली रेलखंड के बीच बड़ा ट्रेन हादसा होने टल गया। असामाजिक तत्वों ने ट्रेक पर पत्थर रखकर ट्रेन को पलटाने का प्रयास किया, लेकिन ड्राइवर की समझदारी के कारण हादसा नहीं हो सका है। ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन में सवार हजारों यात्रियों की जान बचा ली। वहीं अब रेलवे प्रशासन मामले की जांच कराने की बात कह रहा है।

ब्रेक लगते ही मच गई अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार कटनी और सिंगरौली रेलखंड के बीच शक्तिपुंज एक्सप्रेस को बेपटरी करने की कोशिश चालक की सूझबूझ से नाकाम हो गई है। मंगलवार और शनिवार की दरम्यानी रात असामाजिक तत्वों ने ट्रैक में पत्थर रखकर शक्तिपुंज एक्सप्रेस को पलटाने का प्रयास किया है। यह हादसा सरई ग्राम और गजरा बहरा के बीच होना बताया जा रहा है। दरअसल शक्तिपुंज में सवार यात्री गहरी नींद में थे। इसी दौरान ट्रेन के पहिये से पत्थर टकराने से जोरदार आवाज आई, इससे यात्रियों में अफरातफरी मच गई। जब तक टे्रन में सवार  यात्री कुछ समझ पाते ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रैक का इस्तेमाल करते हुये ट्रेन को हदासे का शिकार होने से बचा लिया। हालांकि ट्रेन के धीमी होने के बाद भी पेट्रोलिंग स्टॉफ की गहरी नींद नहीं टूट पाई। ट्रेन के चालक ने मेमो देकर हादसे के जांच की मांग की है।

सुरक्षा के दावों पर उठा सवाल
सरई ग्राम और गजरा-बहरा के बीच एक सप्ताह में दो घटनाओं के सामने आने के बाद ट्रैक की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारों का कहना है कि ट्रेन के निकलने से पहले सुरक्षा की जवाबदारी टीआई और ट्रैक मैन की है। सूत्रों का कहना है कि रेलवे के स्टॉफ द्वारा टै्रक की निगरानी नहीं की जा रही है। इसके चलते शक्तिपुंज एक्सप्रेस असामाजिक तत्वों के निशाने पर है। इतना ही नहीं यात्री की सुरक्षा और संरक्षा का दावा करने वाली आरपीएफ भी असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने में अब तक नाकाम रही है। इसके चलते शक्तिपुंज में यात्रा करने वाले यात्री भय के बीच सफर करने के लिये मजबूर हैं। शक्तिपुंज एक्सप्रेस को बेपटरी करने के कई मामलों के सामने आने के बाद भी ट्रैक की निगरानी और यात्री सुरक्षा में प्रबंधन की बड़ी चूक उजागर होने के बाद भी अफसरों की नींद नहीं खुल पाई है।

दो दिन पहले भी टल चुका है हादसा
दो दिन पहले 20 मई को शक्तिपुंज एक्सप्रेस में हादसा टलने के बाद भी रेलवे प्रबंधन की खामोशी यात्रियों में जहां दहशत का माहौल है, वहीं चालक सूचना के बाद भी कार्रवाई अंजाम तक नहीं पहुंच पाई है। बताया जाता है कि सरई ग्राम से गजरा बहरा के बीच असामाजिक तत्वों के संगठित गिरोह द्वारा लगातार शक्तिपुंज को बेपटरी करने की कोशिश की जा रही है। सोमवार को ट्रेन के चालक के मेमो से यह बात सामने आई है कि गजरा-बहरा के ट्रैक में लोहे का टुकड़ा रखकर असामाजिक तत्वों ने इंजन से टकराने का भी प्रयास किया था। शक्तिपुंज एक्सप्रेस में कटनी और सिंगरौली रेलखंड के बीच तेजी से बढ़ रही वारदातों के बाद भी अफसर चुप्पी साधे हुये हंै। इसके चलते कटनी और सिंगरौली रेलखंड के बीच बड़े हादसे की यात्रियों द्वारा आशंका जताई जा रही है।

अवैध वसूली से राजस्व की क्षति
शक्तिपुंज एक्सप्रेस में टीटीई की अवैध वसूली के चलते रेलवे को प्रतिदिन हजारों रुपये की क्षति उठानी पड़ रही है। बताया जाता है कि करेंट बुकिंग में खाली सीटों के एलॉटमेंट में टीटीई अवैध वसूली कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि टीटीई द्वारा किराये की वसूली करने के बाद भी उन्हें अतिरिक्त किराये की रसीद नहीं दी जा रही है। शक्तिपुंज में स्लीपर से लेकर एसी की सभी बोगियों में खुलेआम अवैध वसूली का खेल जारी है। यात्रियों का कहना है कि शक्तिपुंज एक्सप्रेस के अपडाउन में यात्रियों से अवैध वसूली कर टीटीई खुद की जेब भर रहे हैं। इसके चलते रेलवे को प्रतिमाह लाखों के राजस्व की क्षति उठानी पड़ रही है।

इनका कहना है
शक्तिपुंज एक्सप्रेस का ट्रैक प्रभावित करने का मामला संज्ञान में है। ट्रेन को बेपटरी करने की असामाजिक तत्वों की कोशिश को किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने दिया जायेगा। ट्रैक की सुरक्षा के लिये सतत निगरानी कराई जायेगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिये जो भी आवश्यक होगा वह कदम उठाया जायेगा।
डॉ. मनोज सिंह, डीआरएम, पश्चिम मध्य रेलवे

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