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यूनिवर्सिटी में राज्यपाल के जरिए होगी लोकपाल की नियुक्ति

यूनिवर्सिटी में राज्यपाल के जरिए होगी लोकपाल की नियुक्ति

डिजिटल डेस्क,नागपुर। यूनिवर्सिटी में जल्द ही स्टूडेंट्स की मदद के लिए लोकपाल की नियुक्ति होगी। राज्यपाल कार्यालय से एक जिम्मेदार व्यक्ति को बतौर लोकपाल नियुक्त किया जाएगा। यह लोकपाल विद्यार्थियों द्वारा विद्यार्थी शिकायत निवारण समिति के फैसले के खिलाफ दायर की गई अपीलों पर फैसला करेगा। दरअसल, शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों के साथ हुए बुरे बर्ताव और उनकी शिकायतों के निवारण के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) बीते कुछ समय से सक्रियता दिखा रहा है। यूजीसी ने अब राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय समेत देश भर के तमाम शिक्षा संस्थानों को स्टूडेंट्स की शिकायतों के निवारण के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने और विशेष शिकायत निवारण समिति गठित करने के आदेश दिए हैं।  यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट शिकायत निवारण समिति को 15 दिन के भीतर स्टूडेंट्स की शिकायत का निवारण करना होगा, अन्यथा स्टूडेंट इसके बाद लोकपाल के पास जा सकते हैं। 

शुरू हुआ पोर्टल 
यूजीसी के आदेश के बाद  यूनिवर्सिटी ने अपने यहां स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन शिकायत पोर्टल शुरू किया है। यूनिवर्सिटी की अधिकृत वेबसाइट www.nagpuruniversity.org पर स्टूडेंट ग्रिविएंस रिड्रेसल लिंक अपलोड कर दी गई है। इस पर जाकर  यूनिवर्सिटी को अपनी शिकायत भेज सकते हैं। 15 दिन में शिकायत निवारण समिति इस पर निर्णय लेगा। 

शिकायत निवारण सेल की प्रक्रिया पूरी
यूजीसी के बीते आदेश के अनुसार, यूनिवर्सिटी ने अपने यहां स्टूडेंट शिकायत निवारण समिति का गठन कर लिया है। यूनिवर्सिटी प्रकुलगुरु डॉ. प्रमोद येवले की अध्यक्षता में सीनेट सदस्यों और विद्यार्थी कल्याण विभाग संचालक डॉ. दिलीप कावडकर को इस समिति में रखा गया है। डॉ.येवले ने बताया कि शिकायत निवारण सेल की अधिकांश प्रक्रिया तो पूरी हो गई है। जल्द ही राज्यपाल कार्यालय से लोकपाल की नियुक्ति की जाएगी। 

स्टूडेंट्स को दिए गए अधिकार
यह समिति विश्वविद्यालय के विविध विभागों और कॉलेजों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों पर निर्णय लेगी। दरअसल, यूजीसी ने नागपुर यूनिवर्सिटी व अन्य शिक्षा संस्थाओं को अपनी शिकायत निवारण समितियों को और अधिक प्रभावी बनाने को कहा था। स्टूडेंट्स अपने कॉलेज में होने वाली किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत करने को यूजीसी ने प्रोत्साहित किया था। यदि कॉलज में मेरिट या फिर नियमावली का उल्लंघन करके एडमिशन हो रहे हों, प्रॉस्पेक्टस में झूठी जानकारी दी जा रही हो, कॉलेज ने किसी प्रकार की डिग्री या डिप्लोमा जब्त करके रखा हो, जबरन कोई पाठ्यक्रम बढ़ाकर फीस भरने का दबाव डाला जा रहा हो, आरक्षण या छात्रवृत्ति पॉलिसी का उल्लंघन हो रहा हो, ऐसी तमाम बातों की शिकायत करने के अधिकार स्टूडेंट्स को दिए गए हैं। इसके लिए प्रत्येक संस्था को अपने यहां शिकायत निवारण समितियों का गठन करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद नागपुर यूनिवर्सिटी ने यह सेल गठित किया है। अब यूजीसी ने यूनिवर्सिटी को पोर्टल भी तैयार करने के आदेश दिए हैं।

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