comScore
Dainik Bhaskar Hindi

YouTube वीडियो देख कर सीखी बाईक चोरी, गिरफ्तार युवकों से 35 वाहन बरामद

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 11th, 2019 19:42 IST

1.2k
0
0
YouTube वीडियो देख कर सीखी बाईक चोरी, गिरफ्तार युवकों से 35 वाहन बरामद

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पुलिस ने दो मामलों में 19 से 22 साल के चार ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जो दुपहिया चुराने में माहिर थे। आरोपियों से कुल 35 चोरी की गाड़ियां बरामद की गईं हैं। चोरी करने में आसानी के चलते एक्टिवा गाड़ियां इन चोरों के निशाने पर होती थीं। दोनों मामलों का खुलासा शहर में लगे सीसीटीवी के चलते हुआ। एक मामले में तो आरोपियों ने यूट्यूब वीडियो देखकर चोरी सीखने की बात बताई है। पहले मामले में येलोगेट पुलिस ने मेहराज शेख (19) और मुस्ताक मंसूरी (19) नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी रश्मि करंदीकर ने बताया कि दोनों आरोपी पिछले चार सालों से गाड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

आरोपियों के पास से चोरी की 26 दुपहिया गाड़ियां बरामद की गईं हैं। आरोपियों को याद भी नहीं है कि उन्होंने अब तक कुल कितनी गाड़ियां चोरी की हैं। आरोपियों ने बताया कि चोरी की गई कई गाड़ियां तो वे खड़ी कर भूल गए और अब उन्हें याद ही नहीं है कि वे कहां हैं। येलोगेट इलाके में चोरी हुई एक दुपहिया के मामले की छानबीन के दौरान शिवडी पुलिस को आरोपियों के बारे में सुराग मिला। आरोपियों ने बताया कि चोरी की गाड़ियां वे गैरेज में या नकली कागजात बनाने वालों को सिर्फ 10 हजार रुपए में बेंच देते थे। पुलिस ने इसी तरह के एक और मामले में बीकॉम की पढ़ाई कर रहे दो युवकों को दुपहिया चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम अविनाश काशिद (22) और रूपेश घाडसी (21) है। काशिद पूर्व पुलिसकर्मी का बेटा है। 

काशिद ने यूट्यूब पर चाबी खो जाने के बाद स्कूटर चालू करने का तरीका सीखा। कई वीडियो देखने के बाद उसने साल 2018 के शुरूआती महीनों में अपने दोस्त घाडसी को इसकी जानकारी दी और दोनों ने इसे आजमाने की योजना बनाई। आरोपी उन इलाकों में खड़ी स्कूटी चोरी करने लगे जहां सीसीटीवी न लगे हों। इसके अलावा वे ज्यादातर चोरियां भोर के समय सुनसान इलाकों में करते थे जिसके पकड़े जाने का खतरा न हो। दोनों आरोपियों ने 9 स्कूटी चुराने की बात स्वीकार की है। दोनों ने आखिरी चोरी इसी साल एक जनवरी को मालाड इलाके में की थी। आरोपी चोरी के बाद गाड़ियां कुछ दिनों तक किसी सुनसान जगह पर खड़ी कर देते थे। इसके बाद ग्राहक खोजकर उन्हें यह कहते हुए गाड़ियां बेच देते थे कि वे जल्द ही इससे जुड़े कागजात भी दे देंगे। मामले में पुलिस ने पहले काशिद को गिरफ्तार किया और उससे मिली जानकारी के आधार पर घाडसी पर भी शिकंजा कसा गया। बता दें कि मुंबई में साल 2017 में वाहन चोरी के 2636 जबकि साल 2018 में 2960 मामले दर्ज किए गए थे। 

समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया यहाँ दें l

ये भी देखें

app-download