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अरुण जेटली ने माना केंद्र-आरबीआई की थी अलग-अलग राय

December 14th, 2018 00:45 IST
अरुण जेटली ने माना केंद्र-आरबीआई की थी अलग-अलग राय

हाईलाइट

  • रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे को लेकर तमाम तरह के सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
  • पहली बार वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खुलकर उर्जित पटेल के इस्तीफे को लेकर अपनी बात रखी है।
  • जेटली ने साफ तौर पर इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार और आरबीआई गवर्नर के बीच किसी तरह का झगड़ा था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे को लेकर तमाम तरह के सवाल खड़े किए जा रहे हैं। ऐसे में अब पहली बार वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खुलकर उर्जित पटेल के इस्तीफे को लेकर अपनी बात रखी है। जेटली ने साफ तौर पर इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार और आरबीआई गवर्नर के बीच किसी तरह का झगड़ा था। उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर दोनों की राय अलग जरूर थी। इंडिया इकनॉमिक कॉनक्लेव में जेटली ने ये बात कही।

जेटली ने कहा, किसी मुद्दे पर राय अलग होना टकराव नहीं है। दो अलग-अलग विचारों को मीडिया टकराव के रूप में पेश करती है। उन्होंने कहा अगर पुराना इतिहास देखा जाए तो अलग-अलग विचार होना कोई नई बात नहीं है। कई मुद्दों पर सरकार और आरबीआई के बीच विचारों में भिन्नता रही है। जेटली ने सवाल किया कि एक महत्वपूर्ण संस्था से चर्चा और उसका कुछ जरूरी विषयों की ओर ध्यान खींचना किसी संस्था को खत्म करना कैसे हो गया? आखिरकार पूंजी और तरलता आरबीआई की जिम्मेदारी है। हम किसी तीसरी संस्था से बात नहीं कर रहे हैं हम उनके कामकाज पर कब्जा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा यदि सिस्टम में आ रही दिक्कतों को सरकार नहीं बताएगी तो यह कर्तव्य निर्वहन में उसकी नाकामी होगी। इस दौरान जेटली ने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, नेहरू ने भी तत्कालीन आरबीआई गवर्नर को चिट्ठी लिखी थी जिसमें उन्होंने कहा था कि देश की आर्थिक नीति चुनी हुई सरकार तय करती है। 

बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर उर्जित पटेल ने हाल ही में इस्तीफा दिया है। काफी समय से RBI और केंद्र सरकार के बीच चल रहे विवाद के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया था। पटेल का कार्यकाल सितंबर 2019 में समाप्त होना था, लेकिन उन्होंने 9 महीने पहले ही इस्तीफा दे दिया था। माना जा रहा था कि RBI के पास उपलब्ध करंसी में से सरकार कुछ हिस्सा लेना चाहती थी, जिससे उर्जित पटेल सहमत नहीं थे। इसके अलावा कमजोर बैंकों के लिए नियमों को आसान बनाने के मुद्दे को लेकर भी केन्द्र और RBI गवर्नर के बीच असहमति थी। 

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