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दिल्ली हाईकोर्ट की निगरानी में होगा ऐतिहासिक कबड्डी मैच, रोमांच के लिए रहें तैयार...

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 14th, 2018 23:41 IST

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दिल्ली हाईकोर्ट की निगरानी में होगा ऐतिहासिक कबड्डी मैच, रोमांच के लिए रहें तैयार...

News Highlights

  • एशियन गेम्स में गई भारतीय कबड्डी टीम (पुरुष-महिला) के सेलेक्शन पर बवाल हो गया है।
  • इन खेलों के लिए शामिल नहीं किए गए खिलाड़ियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
  • इसपर संज्ञान लेते हुए शनिवार को इतिहास में पहली बार अदालत की निगरानी में इंदिरा गांधी स्टेडियम में कबड्डी मैच खेला जाएगा।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एशियन गेम्स में गई भारतीय कबड्डी टीम (पुरुष-महिला) के सेलेक्शन पर बवाल हो गया है। इन खेलों के लिए शामिल नहीं किए गए खिलाड़ियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस पर संज्ञान लेते हुए शनिवार को इतिहास में पहली बार कोर्ट की निगरानी में इंदिरा गांधी स्टेडियम में कबड्डी मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला एशियन गेम्स के लिए चयनित किए गए खिलाड़ी और टीम से बाहर किए गए खिलाड़ियों के बीच होगा।

यह मामला तब सामने आया था जब भारतीय कबड्डी टीम एशियन गेम्स के लिए रवाना होने वाली थी। पूर्व कबड्डी खिलाड़ी महिपाल सिंह ने हाईकोर्ट में टीम सेलेक्शन की समीक्षा करने की बात कही थी। उन्होंने अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन (AFKI) पर घूस लेकर खिलाड़ियों के चयन का आरोप लगाया था। पिछले महीने इस पर निर्णय लेते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि एशियन गेम्स के खत्म होने के बाद दो टीमों के बीच मैच कराया जाएगा।

चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस वीके राव की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि एक टीम में वह खिलाड़ी होंगे जो चुने गए हैं और दूसरे में वह जिन्हें सेलेक्शन से दरकिनार कर दिया गया था। यह मैच पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग आयोजित किए जाएंगे। कोर्ट ने 2 अगस्त के अपने आदेश में कहा था '15 सितम्बर 2018 की सुबह 11 बजे चयन प्रक्रिया को आयोजित किया जाएगा। दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस (रिटायर्ड) एसपी गर्ग और खेल एवं युवा मंत्रालय के एक अधिकारी की निगरानी में यह मैच आयोजित किया जाएगा। महिपाल सिंह के वकील बीएस नागर ने कहा, 'टीम का हिस्सा नहीं बनाए गए खिलाड़ी वहीं होंगे, जिन्होंने सेलेक्शन के दौरान नेशनल कैंप में हिस्सा लिया था।

नागर ने कहा, 'हालांकि इस आदेश में यह नहीं कहा गया कि एशियन गेम्स की टीम का हिस्से रहने वाले खिलाड़ियों का इस मैच में भाग लेना अनिवार्य हैं, इसे खिलाड़ियों के ऊपर छोड़ दिया गया है।' नागर का मानना है कि एशियन गेम्स में गए खिलाड़ी इससे बचने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों ने 31 अगस्त को कहा था कि इस मुकाबले से उनकी प्रतिष्ठा पर फर्क पड़ेगा। इसके अलावा इसमें से कुछ खिलाड़ियों ने बहाने भी बनाए थे कि वह चोटिल हैं और ऐसी ही तमाम बातें। वे मैच को टालने की कोशिश कर रहे हैं और यह कह रहे हैं कि इसमें उनकी गलती नहीं है। एशियन गेम्स की टीम को डर है कि कहीं एक गुमनाम टीम उन्हें हरा ना दे।'  इस मैच की रिकार्डिंग भी की जाएगी। इसे कोर्ट में बतौर एवीडेंस पेश की जाएगी और इसी वीडियो फुटेज के आधार पर कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। 

बता दें कि भारतीय पुरुष कबड्डी टीम एशिया गेम्स के सेमीफाइनल में ईरान की टीम के हाथों 27-18 से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं महिला टीम को भी ईरान ने ही फाइनल में हरा दिया था। एशियन गेम्स में भारत के भाग लेने के वर्ष से यह पहली बार है जब भारत कोई गोल्ड मेडल नहीं जीत सका है।

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