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रजिस्टर में हाजिर, स्कूल से नदारत मिले शिक्षक, डीईओ का औचक निरीक्षण

रजिस्टर में हाजिर, स्कूल से नदारत मिले शिक्षक, डीईओ का औचक निरीक्षण

डिजिटल डेस्क,कटनी। स्कूलों में बच्चों को सच का पाठ पढ़ाने वाले कुछ शिक्षक भी झूठ बोलते हैं। यह हकीकत बुधवार को डीईओ एस.एन पाण्डेय के औचक निरीक्षण में सामने आई। जिले के तीन स्कूलों में इस तरह की अव्यवस्था मिली कि बच्चे तो पढ़ने के लिए रहे, लेकिन शिक्षक ही हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर लगाकर गायब रहे। इतना ही नहीं बेसलाइन टेस्ट की कापियां भी जांचने में हीला-हवाली बरती। एक स्कूल में तो फिर से शिक्षक की कहानी उसी तरह से मिली, जिस तरह से मार्च में निरीक्षण के दौरान मिलीं। संबंधित शिक्षकों पर कार्यवाही की गई है। डीईओ के साथ आरएमएस के एपीसी अभय जैन और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

हद की लापरवाही

ढीमरखेड़ा के भदनपुर में सहायक अध्यापक की लापरवाही हद दर्जे की मिली। दरअसल मार्च माह में जब शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल का औचक निरीक्षण किए थे, तब यहां पर से सहायक अध्यापक परशुराम पटेल बिना किसी सूचना के गायब रहे। बुधवार को जब स्कूल पहुंचे। तब फिर से ये शिक्षक उसी तरह की कहानी दोहराए। स्कूल से बिना किसी सूचना के गायब रहे।

रजिस्टर में हाजिरी

प्राथमिक शाला मुड़ेरा में दोपहर साढ़े-बारह बजे ही शिक्षिका नदारत रही। सहायक अध्यापक उर्मिला दुबे ने रजिस्टर में बकायदा हस्ताक्षर किए थे। लेकिन जब उन्हें स्कूल में बुलाया गया। तब वे नदारत मिलीं। जिसके बाद एक दिन का शिक्षिका का एक दिन का पेंमेंट काटा गया है। इसके बाद शासकीय हाईस्कूल पोड़ी कला में शिक्षा विभाग के अधिकारी पहुंचे। यहां पर बेसलाइन टेस्ट कापी बुलाए तो उसे यहां  के शिक्षक चेक नहीं किए थे। इस लापरवाही पर शिक्षिका उमा सिंह राजपूत, सपना गौतम और प्राचार्य का तीन-तीन दिन का पेमेंट होल्ड किया गया है। साथ ही कारण बताओ पत्र भी जारी किया गया है।

इधर टीसी में सिग्नेचर के लिए परेशानी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा स्कूलों का औचक निरीक्षण करने से अभिभावकों को परेशानी भी हुई। जिला शिक्षा कार्यालय में बुधवार को चार से पांच अभिभावक टीसी में हस्ताक्षर कराने के लिए पहुंचे हुए थे। विभाग के अधिकारी स्कूलों में व्यवस्था बनाने के लिए मैदान में रहे। जिसके चलते उन्हें देर शाम तक इंतजार करना पड़ा। जिला शिक्षा कार्यालय के सामने बिचपुरा से आए अजय, करौंदी खुर्द से आए रामभवन के साथ अन्य अभिभावक पहुंचे हुए थे। सुभाष गर्ग ने कहा कि उन्हें सतना में अपनी बिटिया का प्रवेश कराना है। प्रवेश की अंतिम तिथि 5 जुलाई है। ऐसे में उन्हें टीसी में हस्ताक्षर के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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