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बाबरी विध्वंस केस: SC का आदेश- फैसला आने तक CBI जज यादव को न करें रिटायर 

बाबरी विध्वंस केस: SC का आदेश- फैसला आने तक CBI जज यादव को न करें रिटायर 

हाईलाइट

  • राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद ढहाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने की सुनवाई
  • SC ने यूपी सरकार से पूछा- सुनवाई कर रहे किसी जज के रिटायर होने पर क्या नियम कानून हैं
  • कोर्ट ने 19 जुलाई तक इसका जवाब मांगा है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद को ढहाने की साजिश के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 6 महीने के लिए टल गई। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि, सीबीआई जज एसके यादव जब तक फैसला नहीं देते, तब तक उन्हें रिटायर न किया जाए। जज एसके यादव ने कोर्ट को पत्र लिखकर मामले की सुनवाई पूरी करने के लिए 6 महीने का और समय मांगा था।

दरअसल बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि, मामले की सुनवाई पूरी करने के लिए उन्हें और छह महीने का समय चाहिए। इस मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और अन्य कई लोग आरोपी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा है, सुनवाई कर रहे किसी जज के रिटायर होने पर क्या नियम कानून हैं। कोर्ट ने 19 जुलाई तक इसका जवाब मांगा है। पहले जज ने बताया था, ट्रायल कोर्ट के जज 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में ट्रायल पूरा होने में और टाइम लगेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ये जरूरी है कि सीबीआई जज एसके यादव मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाएं। कोर्ट ने कहा, हम अनुच्छेद 142 के तहत आदेश जारी करेंगे कि उन्हें 30 सितंबर को रिटायर न किया जाए। कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा है कि जज एसके यादव के कार्यकाल को कैसे बढ़ाया जा सकता है? साथ ही कानूनी प्रावधान क्या है? शुक्रवार तक उत्तर प्रदेश सरकार को बताना है। सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को मामले की सुनवाई करेगा।

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