comScore

चुनाव नतीजों से पहले बाबूलाल गौर की कांग्रेस को बधाई, आरिफ अकील से बोले- आप मंत्री बनेंगे

November 30th, 2018 09:12 IST

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में अगले पांच साल किसकी सत्ता होगी इसका फैसला 11 दिसंबर को आएगा। मैराथन प्रचार और वोटिंग के बाद अब प्रत्याशी अपने घर पर हैं और फुर्सत के पल बिता रहे हैं। इस बीच गुरुवार को बीजेपी और कांग्रेस के दो दिग्गज नेता बाबूलाल गौर और आरिफ अकील ने मुलाकात की। इस दौरान गौर ने आरिफ अकील को परिणाम आने से पहले ही जीत की बधाई तक दे डाली। गौर और अकील की इस मुलाकात ने एक बार फिर सियासत को गरमा दिया है। बता दें कि इस बार के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की जगह उनकी बहु कृष्णा गौर गोविंदपुरा विधानसभा सीट से मैदान में मैदान में है तो वहीं कांग्रेस नेता आरिफ अकील अपनी परंपरागत सीट भोपाल उत्तर से चुनाव में लड़ रहे है।

फुर्सत के पलों में दोनों नेताओं की मुलाकात काफी देर तक चली। दोनों ने चाय की चुस्की भी ली। इस दौरान गौर ने अकील से कहा, कांग्रेस की सरकार आ रही है और आप मंत्री बन रहे हैं। इस पर अकील ने जवाब दिया की उन्हें मंत्री पद की लालसा नहीं। जैसे अब तक वह रहते आए हैं आगे भी वैसे ही रहेंगे। उन्होंने कहा, मरने के बाद तो सबको मिट्टी में ही मिलना है। गौर ने अकील से ये भी कहा कि 'आपकी पार्टी ने हमारी बहुत मदद की, नहीं तो टिकट नहीं मिलती, लेकिन आख़िरकार हमारी बहु को टिकट मिल गया।' इसके जवाब में अकील ने कहा कि 'आप हमारी पार्टी में आ जाते तो आपको टिकट मिल जाता लेकिन आपने मना कर दिया।' गौर ने कहा 'बहु को टिकट मिल गया नहीं तो हालात दूसरे हो जाते।'

इस दौरान दोनों के बीच बीजेपी के बागी नेता सरताज सिंह को लेकर भी बात हुई। सरताज सिंह होशंगाबाद सीट पर कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। बाबूलाल गौर ने कहा, पार्टी ने सरताज सिंह को टिकट न देकर बहुत बड़ी गलती की। हमदर्दी का वोट अलग ही होता है। इस बात पर अकील ने गौर की बात में हां में हां मिलाते हुए कहा, "क्या बाप बुजुर्ग हो जाए तो क्या बाप नहीं रहता"। बाद में आरिफ अकील से जब इस मुलाकात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने एक मंजे हुए नेता की तरह ही जवाब दिया। उन्होंने कहा, मैं गौर साहब से आशीर्वाद लेने आया था।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर बुधवार को मतदान किया गया है। इस बार हुई बंपर वोटिंग के बाद कांग्रेस बदलाव की उम्मीद कर रही है। उत्तर विधानसभा ही एक मात्र ऐसी है सीट हैं जहां पर लंबे समय से कांग्रेस का कब्जा है। पिछले 20 सालों से इस सीट पर कांग्रेस के आरिफ अकील चुनाव जीतते आ रहे हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मुस्लिम बहुल इस सीट पर फातिमा रसूल सिद्दीकी को मैदान में उतारा है, जिनके पिता रसूल अहमद सिद्दीकी को अकील ने हराया था।

कमेंट करें
qibMu